पंजाब के 85 हजार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में आएगा भारी उछाल, सीधे 60% होगा महंगाई भत्ता; कैबिनेट सब-कमेटी ने दी 18% बढ़ोतरी को हरी झंडी

पंजाब के 85 हजार सरकारी कर्मचारियों की सैलरी में आएगा भारी उछाल, सीधे 60% होगा महंगाई भत्ता; कैबिनेट सब-कमेटी ने दी 18% बढ़ोतरी को हरी झंडी

पंजाब के सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भगवंत मान सरकार ने राज्य के करीब 85 हजार सरकारी कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में एक साथ 18 फीसदी की भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी पूरी कर ली है। कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए गठित तीन सदस्यीय कैबिनेट सब-कमेटी ने इन कर्मचारियों का डीए मौजूदा 42 फीसदी से बढ़ाकर सीधे 60 फीसदी करने की औपचारिक सिफारिश कर दी है।

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने इसकी जानकारी देते हुए इसे कर्मचारियों के लिए बड़ा तोहफा करार दिया है। कैबिनेट सब-कमेटी में मंत्री अमन अरोड़ा, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और सामाजिक सुरक्षा मंत्री डॉ. बलजीत कौर शामिल हैं। सब-कमेटी की सिफारिश को अब अंतिम मुहर के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के पास भेज दिया गया है।

किन कर्मचारियों को मिलेगा इसका फायदा?

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया है कि यह फैसला राज्य के सभी कर्मचारियों के लिए नहीं, बल्कि एक विशेष वर्ग के लिए है:

  • 17 जुलाई 2020 के बाद भर्ती कर्मचारी: यह लाभ उन करीब 85 हजार कर्मचारियों को मिलेगा, जिनकी भर्ती 17 जुलाई 2020 के बाद हुई है। पिछली सरकार के फैसले के अनुसार, इन कर्मचारियों को पंजाब वेतनमान के बजाय केंद्र सरकार के 7वें वेतन आयोग (Central Pay Scale) की पे-मैट्रिक्स के आधार पर भर्ती किया गया था।

  • अब तक मिल रहा था 42% डीए: हालांकि इनकी बेसिक सैलरी केंद्रीय वेतनमान पर तय थी, लेकिन इन्हें महंगाई भत्ता राज्य के पुराने ढांचे के अनुसार महज 42% ही दिया जा रहा था। अब सरकार इसे बढ़ाकर केंद्र के बराबर 60% करने जा रही है।

  • पुराने कर्मचारियों को फायदा क्यों नहीं? जुलाई 2020 से पहले भर्ती हुए कर्मचारी पंजाब वेतन आयोग के तहत आते हैं। अमन अरोड़ा के अनुसार, पंजाब का मूल वेतनमान परंपरागत रूप से केंद्रीय मूल वेतन से 30 से 70 फीसदी तक ज्यादा है। इसलिए केंद्रीय वेतनमान वाले कर्मचारियों का डीए 60 फीसदी करने के बाद भी पुराने कर्मचारियों की टेक-होम सैलरी इनसे ज्यादा ही रहेगी।

क्यों लिया गया DA बढ़ाने का फैसला?

पंजाब में दो तरह के वेतनमान लागू होने के कारण कर्मचारियों के बीच लंबे समय से असंतोष और वेतन विसंगति (Pay Disparity) की स्थिति बनी हुई थी:

  • वेतन अंतर को पाटने की कोशिश: 2020 के बाद भर्ती हुए कर्मचारियों को पंजाब का ऊंचा बेसिक पे नहीं मिलता। ऐसे में उन्हें केंद्रीय वेतनमान के साथ कम डीए (42%) मिलने से उनकी टेक-होम सैलरी में भारी अंतर आ रहा था। सरकार का मानना है कि नए कर्मचारियों को केंद्रीय कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन नहीं मिलना चाहिए।

  • हड़ताल और कर्मचारी संगठनों का दबाव: यह फैसला ऐसे समय में आया है जब 27 अगस्त को राज्य के 3 लाख से अधिक सरकारी कर्मचारियों ने राज्यव्यापी हड़ताल की थी। कर्मचारी लंबित 18% डीए जारी करने सहित कई मांगों को लेकर सरकार पर दबाव बना रहे थे और 8 सितंबर को सामूहिक आकस्मिक अवकाश (Mass Casual Leave) पर जाने की चेतावनी भी दी थी।

सरकार ने टकराव को टालने और बातचीत के जरिए समाधान निकालते हुए इन 85 हजार कर्मचारियों को तुरंत राहत देने का रास्ता चुना है। मुख्यमंत्री की अंतिम मंजूरी मिलते ही वित्त विभाग इसका आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी करेगा, जिसके बाद कर्मचारियों के खातों में बंपर सैलरी आएगी।

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