Swiggy और Eternal में अचानक क्यों टूट पड़े खरीदार? इन 5 बड़ी वजहों ने इंटरनेट कंपनियों के शेयरों में भर दी रॉकेट जैसी रफ्तार

Swiggy और Eternal में अचानक क्यों टूट पड़े खरीदार? इन 5 बड़ी वजहों ने इंटरनेट कंपनियों के शेयरों में भर दी रॉकेट जैसी रफ्तार

भारतीय शेयर बाजार (Stock Market) में आज यानी 9 जुलाई 2026 को न्यू-एज टेक और इंटरनेट कंपनियों के शेयरों का जलवा देखने को मिला। आज के पूरे कारोबारी सत्र के दौरान दलाल स्ट्रीट पर जिन दो कंपनियों के शेयरों की सबसे ज्यादा चर्चा रही, वे थीं— Eternal और Swiggy। इन दोनों ही कंपनियों के काउंटर्स पर सुबह से ही निवेशकों और ट्रेडर्स की भारी खरीदारी देखने को मिली। विशेष रूप से Swiggy के शेयर में आज इंट्राडे के दौरान 7 फीसदी से भी ज्यादा का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया, जबकि Eternal के शेयर में भी तगड़े वॉल्यूम के साथ तेजी का दौर बना रहा। बाजार के दिग्गज अब यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि आखिर वे कौन से बड़े ट्रिगर्स हैं, जिन्होंने इन दोनों स्टॉक्स को अचानक रॉकेट बना दिया है।

MSCI इंडेक्स में वेटेज बढ़ने की उम्मीद: Eternal में आ सकता है ₹4,940 करोड़ का विदेशी फंड

Eternal के शेयर में आई इस ताजा तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण वैश्विक बेंचमार्क इंडेक्स MSCI (Morgan Stanley Capital International) से जुड़ी सकारात्मक उम्मीदें हैं। दरअसल, आगामी अगस्त महीने में होने वाली MSCI इंडेक्स समीक्षा में इस शेयर का वेटेज दोबारा बढ़ने की प्रबल संभावना है। आसान शब्दों में समझें तो MSCI दुनिया के सबसे बड़े शेयर बाजारों के सूचकांक तैयार करने वाली वैश्विक संस्था है, जिसे देखकर दुनिया भर के बड़े विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPIs/FIIs) भारतीय बाजार में पैसा लगाते हैं।

कुछ समय पहले विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध हिस्सेदारी (FII Headroom) घटकर महज 9.33 फीसदी रह गई थी, जिसके कारण MSCI ने इस कंपनी का वेटेज करीब आधा कर दिया था। लेकिन अब आई नई शेयरहोल्डिंग के अनुसार, विदेशी निवेशकों के लिए उपलब्ध स्पेस (FII हेडरूम) बढ़कर 25 फीसदी से ऊपर पहुंच चुका है। इसी वजह से बाजार को उम्मीद है कि अगस्त में कंपनी का पूरा वेटेज बहाल हो जाएगा। दिग्गज ब्रोकरेज हाउस मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) ने इस शेयर पर अपनी 'Buy' रेटिंग देते हुए ₹380 का बड़ा टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज का अनुमान है कि वेटेज बहाल होते ही कंपनी में करीब 52 करोड़ डॉलर (लगभग ₹4,940 करोड़) का शुद्ध विदेशी निवेश आ सकता है।

Swiggy बनी पूरी तरह भारतीय कंपनी: IOCC की श्रेणी में आने से बढ़ा निवेशकों का भरोसा

स्विगी (Swiggy) के शेयरों में आई 7 फीसदी से अधिक की तूफानी तेजी के पीछे कई घरेलू और रणनीतिक कारण मौजूद हैं। सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात यह है कि अब इस फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स कंपनी में भारतीय घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) और रिटेल निवेशकों की कुल हिस्सेदारी बढ़कर करीब 55 फीसदी हो गई है।

50 प्रतिशत की सीमा पार करते ही Swiggy आधिकारिक तौर पर 'इंडियन ओन्ड एंड कंट्रोल्ड कंपनी' (IOCC) यानी पूरी तरह से भारतीय स्वामित्व और नियंत्रण वाली कंपनी की श्रेणी में शामिल हो गई है। कॉरपोरेट जगत और शेयर बाजार ने इस खबर को बेहद सकारात्मक रूप से लिया है, जिससे शेयर को आज भारी बूस्ट मिला।

ट्रेन में खाना पहुंचाने वाली 'Food on Train' सेवा ने पकड़ी रफ्तार, ऑर्डर हुए 3 गुना

Swiggy की ओर से हाल ही में शुरू की गई 'फूड ऑन ट्रेन' (Food on Train) सेवा भारतीय रेलवे के यात्रियों के बीच बेहद लोकप्रिय हो रही है। कंपनी ने इस सर्विस का आक्रामक विस्तार करते हुए इसे देश के 180 से अधिक शहरों और रेलवे स्टेशनों तक पहुंचा दिया है।

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून 2026 की पहली तिमाही के दौरान इस सेवा के जरिए मिलने वाले ऑर्डर्स की संख्या में तीन गुना (300%) की धमाकेदार सालाना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। दिलचस्प बात यह है कि यात्री अब यात्रा के दौरान एक से अधिक स्टेशनों पर खाना बुक कर रहे हैं, जिसमें भोपाल से नागपुर के बीच का रेल रूट इस सर्विस का सबसे पसंदीदा और व्यस्ततम टू-स्टेशन रूट बनकर उभरा है। इस विस्तार से कंपनी की गैर-पारंपरिक आय में भारी बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

Blinkit के रास्ते पर चलने की तैयारी! Swiggy बदल सकती है अपना पूरा बिजनेस मॉडल

बाजार के गलियारों में इस बात की भी पुरजोर चर्चा है कि Swiggy अपने क्विक कॉमर्स (Instamart) के मौजूदा बिजनेस मॉडल में एक बड़ा और क्रांतिकारी बदलाव करने जा रही है। वर्तमान में कंपनी मुख्य रूप से 'मार्केटप्लेस मॉडल' (थर्ड पार्टी वेंडर्स के जरिए) पर काम करती है।

लेकिन सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में कंपनी जोमैटो के ब्लिंकिट (Blinkit) की तरह पूरी तरह से 'इन्वेंट्री आधारित मॉडल' (सामान खुद स्टॉक करके सीधे डिलीवरी करना) अपना सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इसी इन्वेंट्री मॉडल की वजह से ब्लिंकिट ने बाजार में मजबूत बढ़त और मुनाफा कमाया था। अगर स्विगी भी इसी दिशा में आगे बढ़ती है, तो भविष्य में उसके मार्जिन और मुनाफे में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा।

IIFL ब्रोकरेज ने दिया ₹480 का टारगेट, कहा— जल्द पूरा होगा इंफ्रास्ट्रक्चर का ब्रेक-ईवन

एक और नामी ब्रोकरेज फर्म IIFL ने भी Swiggy के शेयर पर अपनी 'Buy' की सलाह को बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹480 तय किया है। IIFL की शोध रिपोर्ट के अनुसार, क्विक कॉमर्स के मोर्चे पर स्विगी केवल डिस्काउंट देकर ग्राहकों को लुभाने की शॉर्ट-टर्म रणनीति नहीं अपना रही, बल्कि वह वफादार और लॉन्ग-टर्म ग्राहकों का बेस तैयार कर रही है।

ब्रोकरेज का अनुमान है कि क्विक कॉमर्स बिजनेस का कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) तक पूरी तरह ब्रेक-ईवन (नो प्रॉफिट, नो लॉस) के स्तर पर पहुंच जाएगा। इसके पीछे की मुख्य वजह यह है कि कंपनी का डार्क स्टोर्स और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाला बड़ा निवेश अब लगभग पूरा हो चुका है, और अब केवल मुनाफे की बारी है।

Latest Posts