मौसम विभाग का मूसलाधार बारिश का अलर्ट, जानिए दिल्ली-NCR समेत अन्य राज्यों का हाल
उत्तर भारत समेत पूरे देश में इस समय मानसून (Monsoon 2026) अपने पूरे शबाब पर है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ताजा आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, मानसून ने अब राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को भी कवर कर लिया है, जिसके बाद यह पूरे देश में सक्रिय हो चुका है। इस बीच मौसम वैज्ञानिकों ने उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए एक बेहद जरूरी और सावधान करने वाली चेतावनी जारी की है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आसपास के वायुमंडल में एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) सक्रिय हो गया है। इसके प्रभाव से पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में अगले दो दिन (9 और 10 जुलाई) आंधी-तूफान के साथ मूसलाधार बारिश होने का गंभीर अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी और पूर्वी यूपी में आफत की बारिश: गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अगले कुछ दिन भारी से बहुत भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने वाला है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जहां 9 से 11 जुलाई के बीच मानसूनी हवाएं सबसे ज्यादा आक्रामक रहेंगी, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों में 9 से 13 जुलाई के दौरान व्यापक तौर पर मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी। इसके बाद भी राहत मिलने के आसार कम हैं; 12 से 15 जुलाई के दौरान पश्चिमी यूपी और 14-15 जुलाई को पूर्वी यूपी के कई इलाकों में रुक-रुक कर तेज बौछारें पड़ती रहेंगी। मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने और आकाशीय बिजली (Lightning Alert) गिरने की भी आशंका जताई है, इसलिए लोगों को खराब मौसम में ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर और पहाड़ी राज्यों का हाल: उत्तराखंड-हिमाचल में लैंडस्लाइड का खतरा
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में 9 और 10 जुलाई को भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। इसके बाद यहां 11 से 15 जुलाई के बीच भी छिटपुट से मध्यम बारिश का अनुमान है। पहाड़ी राज्यों की बात करें तो उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हालात और ज्यादा संवेदनशील बने हुए हैं। उत्तराखंड में 9 से 15 जुलाई के दौरान अत्यंत भारी बारिश (Extremely Heavy Rainfall) होने की चेतावनी है, जिससे पहाड़ों पर भूस्खलन (Landslide) और नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर, किन्नौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन में अगले कुछ घंटों के भीतर ही वज्रपात के साथ भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी 9 से 15 जुलाई के बीच आंधी-तूफान और तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर चलेगा।
मध्य भारत और बिहार-झारखंड में मौसम का मिजाज: गुजरात-महाराष्ट्र को मिलेगी थोड़ी राहत
एक तरफ जहां उत्तर भारत में मानसून का प्रकोप बढ़ रहा है, वहीं मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में आज से बारिश की रफ्तार थोड़ी धीमी पड़ने की उम्मीद है। हालांकि, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 9 जुलाई और पूर्वी मध्य प्रदेश में 9-10 जुलाई को काफी व्यापक बारिश होगी, जिसके बाद 11 से 15 जुलाई के बीच इसकी तीव्रता में कमी आएगी। विदर्भ और छत्तीसगढ़ के इलाकों में 13 से 15 जुलाई के बीच एक बार फिर मानसूनी गतिविधियां तेज होंगी। पूर्वी भारत की ओर रुख करें तो बिहार में 10 और 11 जुलाई को 'वेरी हैवी रेन' यानी मूसलाधार बारिश का अलर्ट है, जबकि झारखंड में 9 से 11 जुलाई और ओडिशा में 9 से 15 जुलाई तक लगातार मानसूनी बारिश का दौर देखने को मिलेगा।
पूर्वोत्तर भारत और द्वीपीय क्षेत्रों में भारी जलवृष्टि का अनुमान
पूर्वोत्तर के राज्यों में भी मानसून तबाही मचाने के लिए तैयार है। असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 9 से 15 जुलाई के दौरान लगभग सभी इलाकों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय में 9 और 10 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है। इसके अतिरिक्त, बंगाल की खाड़ी में सक्रिय मौसमी सिस्टम के चलते अंडमान और निकोबार द्वीप समूह सहित उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भी 9 से 15 जुलाई के बीच भारी बारिश दर्ज की जाएगी। मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के जिला प्रशासनों को जलभराव और बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अलर्ट पर रहने को कहा है।