2 ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारत के एकमात्र हेड कोच बने गौतम गंभीर, पर साथ में लगा कप्तानों की 'कुर्सी छिनने' का ये अजीब कलंक

2 ICC ट्रॉफी जीतने वाले भारत के एकमात्र हेड कोच बने गौतम गंभीर, पर साथ में लगा कप्तानों की 'कुर्सी छिनने' का ये अजीब कलंक

भारतीय क्रिकेट इतिहास में आज की तारीख यानी 9 जुलाई का दिन बेहद खास है। ठीक दो साल पहले आज ही के दिन साल 2024 में पूर्व दिग्गज बल्लेबाज गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने टीम इंडिया के हेड कोच के रूप में कमान संभाली थी। कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) को बतौर मेंटोर आईपीएल 2024 का चैंपियन बनाने के तुरंत बाद गंभीर को भारतीय सीनियर टीम के मुख्य कोच की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। गंभीर के इन दो सालों का सफर बेहद ऐतिहासिक रहा है। वे भारत के इकलौते ऐसे हेड कोच बन चुके हैं जिनकी देखरेख में टीम इंडिया ने बैक-टू-バック 2 आईसीसी (ICC) खिताब अपने नाम किए हैं। गंभीर ने अपने कार्यकाल की शुरुआत 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी जीतकर की और इसी साल उनकी कोचिंग में भारत ने टी20 वर्ल्ड कप 2026 का खिताब भी अपने नाम किया। लेकिन इन ऐतिहासिक जीतों के समानांतर गंभीर के कार्यकाल के साथ एक ऐसा अजीबोगरीब 'कलंक' और कड़वा सच जुड़ गया है, जिसकी क्रिकेट जगत में खूब चर्चा हो रही है।

ट्रॉफी जीतना बना कप्तानों के लिए अभिशाप! रोहित शर्मा और सूर्यकुमार यादव की ऐसे छिन गई कप्तानी

गौतम गंभीर के कार्यकाल का सबसे हैरान करने वाला पहलू यह रहा है कि उनकी देखरेख में जिस भी कप्तान ने आईसीसी ट्रॉफी जीती, उसे तुरंत अपनी कप्तानी गंवानी पड़ी। साल 2024 का टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की कप्तानी में भारत ने गंभीर की कोचिंग में चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीता। आमतौर पर लगातार खिताब जीतने वाले कप्तान को लंबा कार्यकाल मिलता है, लेकिन 'हिटमैन' के साथ उलटा हुआ। चैंपियंस ट्रॉफी जीतते ही रोहित शर्मा से कप्तानी छीन ली गई और उन्हें टेस्ट फॉर्मेट से भी संन्यास लेने पर मजबूर होना पड़ा। अब वह केवल वनडे फॉर्मेट में खेल रहे हैं और 2027 वनडे वर्ल्ड कप में उनकी भागीदारी पर संशय बरकरार है। उनकी जगह शुभमन गिल को वनडे का नया कप्तान बनाया गया है।

ठीक ऐसा ही कुछ सूर्यकुमार यादव (Suryakumar Yadav) के साथ भी देखने को मिला। सूर्या की कप्तानी में भारतीय टी20 टीम बेहतरीन प्रदर्शन कर रही थी। भारत ने 2025 में एशिया कप जीता और फिर 2026 टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बिना कोई मैच हारे अपने नाम किया। लेकिन जैसे ही सूर्या विश्व विजेता बने, टीम इंडिया के हेड कोच के कड़े फैसलों के चलते उनकी खराब फॉर्म का हवाला देकर कप्तानी की कुर्सी छीन ली गई और उनकी जगह श्रेयस अय्यर को नया टी20 कप्तान नियुक्त कर दिया गया। कप्तानों की कप्तानी जाने का यह सिलसिला गंभीर के दौर का सबसे बड़ा 'कोइन्सिडेंस' या कलंक माना जा रहा है।

वनडे और टी20 फॉर्मेट में गौतम गंभीर का रिपोर्ट कार्ड: श्रीलंका से हार के बाद चैंपियंस ट्रॉफी और विश्व कप पर कब्जा

वनडे रिकॉर्ड (23 मैच: 16 जीते, 6 हारे): गंभीर के वनडे कार्यकाल की शुरुआत बेहद खराब रही थी, जब भारतीय टीम 27 साल के लंबे अंतराल के बाद श्रीलंका के खिलाफ कोई द्विपक्षीय वनडे सीरीज (0-2) हार गई थी। इसके कारण भारत साल 2024 में एक भी वनडे मैच नहीं जीत सका, जो 45 साल बाद हुआ था। हालांकि, गंभीर ने शानदार वापसी की और साल 2025 में भारत ने लगातार 8 मैच जीते, जिसमें अजेय रहते हुए चैंपियंस ट्रॉफी 2025 का खिताब जीतना शामिल था। इसके अलावा भारत ने इंग्लैंड (3-0), साउथ अफ्रीका (2-1), न्यूजीलैंड (2-1) और अफगानिस्तान (3-0) को मात दी, जबकि ऑस्ट्रेलिया से (1-2) से सीरीज हारी।

टी20 रिकॉर्ड (48 मैच: 37 जीते, 8 हारे, 1 नो रिजल्ट): टी20 फॉर्मेट में गंभीर की कोचिंग लाजवाब रही है। भारत ने उनकी देखरेख में श्रीलंका (3-0), बांग्लादेश (3-0), साउथ अफ्रीका (3-1), इंग्लैंड (4-1), ऑस्ट्रेलिया (2-1) और न्यूजीलैंड (4-1) को रौंदा। साथ ही एशिया कप 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 (8 मैच जीते) का खिताब जीता। हालांकि, इस शानदार रिकॉर्ड के बीच हाल ही में आयरलैंड के खिलाफ (0-2) से सीरीज हारना टी20 फॉर्मेट में गंभीर के करियर पर एकमात्र बड़ा धब्बा बन गया है, क्योंकि इससे पहले भारत कभी आयरिश टीम से कोई मैच नहीं हारा था।

टेस्ट क्रिकेट में लगा विफलताओं का अंबार: घरेलू मैदान पर वाइट-वॉश और बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी गंवाई

गौतम गंभीर का बतौर हेड कोच सबसे खराब और डरावना समय टेस्ट क्रिकेट (18 मैच: 6 जीते, 10 हारे, 2 ड्रॉ) में रहा है, जिसने उनके लंबे फॉर्मेट के कोचिंग स्किल पर बड़े सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। पिछले दो वर्षों में भारतीय टीम अपने ही घर में दो बार शर्मनाक तरीके से वाइट-वॉश (सफाया) का शिकार हुई। भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू टेस्ट सीरीज 0-3 से गंवाई, जो कि 36 साल के इतिहास में पहली बार हुआ था। इसी दौरान टीम इंडिया 19 साल बाद बेंगलुरु के चिन्नास्वामी स्टेडियम में कोई टेस्ट मैच हारी।

गंभीर के कार्यकाल का सबसे बड़ा झटका तब लगा जब भारत ने 10 साल के लंबे दबदबे के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) को 1-3 से गंवा दिया। इसके अलावा, भारत ने 25 साल के इतिहास में पहली बार साउथ अफ्रीका के खिलाफ अपने ही घर में टेस्ट सीरीज (0-2) हारी और इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज 2-2 से ड्रॉ रही। हालांकि, टीम ने बांग्लादेश (2-0) और अफगानिस्तान (1-0) के खिलाफ टेस्ट मैच जीते, लेकिन बड़ी टीमों के खिलाफ गंभीर की टेस्ट रणनीति पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई है। अब देखना होगा कि उनका अंतिम बड़ा लक्ष्य यानी 2027 का वनडे वर्ल्ड कप कैसा रहता है।

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