'टॉक्सिक' बनाने के लिए कलेजा चाहिए... यश के प्रोजेक्ट पर किच्चा सुदीप का बड़ा बयान, रॉकिंग स्टार के साहसिक फैसले पर बांधे तारीफों के पुल

'टॉक्सिक' बनाने के लिए कलेजा चाहिए... यश के प्रोजेक्ट पर किच्चा सुदीप का बड़ा बयान, रॉकिंग स्टार के साहसिक फैसले पर बांधे तारीफों के पुल

'केजीएफ' फ्रैंचाइजी के जरिए भारतीय सिनेमा के बॉक्स ऑफिस इतिहास को नए सिरे से लिखने वाले 'रॉकिंग स्टार' यश की अगली पैन-इंडिया फिल्म 'टॉक्सिक' (Toxic: A Fairy Tale for Grown-ups) को लेकर दर्शकों और समीक्षकों में जबरदस्त उत्सुकता है। इस मेगा बजट प्रोजेक्ट पर जहां पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं, वहीं अब कन्नड़ सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और पैन-इंडिया स्टार किच्चा सुदीप ने फिल्म को लेकर अपना बेहद दिलचस्प और बेबाक रिएक्शन दिया है। किच्चा सुदीप ने यश के इस सिनेमाई चुनाव की जमकर सराहना की है और कहा है कि 'केजीएफ 2' जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म के बाद एक डार्क, अनकन्वेंशनल और वयस्क कहानी पर दांव लगाने के लिए किसी भी अभिनेता में असाधारण हिम्मत और जिगरे की जरूरत होती है।

किच्चा सुदीप का यह बयान सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया है। साउथ सिनेमा के दो सबसे बड़े और प्रभावशाली सितारों के बीच इस तरह के आपसी सम्मान और सराहना ने फिल्म प्रेमियों का दिल जीत लिया है।

'केजीएफ 2' के बाद सेफ गेम छोड़कर जोखिम उठाना: सुदीप ने की यश की तारीफ

किच्चा सुदीप ने हाल ही में एक मीडिया बातचीत के दौरान जब यश की आगामी फिल्म 'टॉक्सिक' के विषय और उसके निर्देशन पर चर्चा की, तो उन्होंने बेहद संजीदा राय रखी। सुदीप ने कहा कि जब कोई अभिनेता देश की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में से एक देता है, तो उस पर एक जैसी ही भारी-भरकम मसाला फिल्में करने का भारी व्यावसायिक दबाव होता है।

सुदीप ने कहा, "जब आप 'केजीएफ' के स्तर की सफलता हासिल कर लेते हैं, तो दुनिया आपसे उसी फॉर्मूले को बार-बार दोहराने की उम्मीद करती है। 90 प्रतिशत कलाकार उस दबाव में आकर सुरक्षित रास्ता (Safe Zone) चुनते हैं ताकि उनका स्टारडम सुरक्षित रहे। लेकिन यश ने एक बिल्कुल अलग और साहसी रास्ता चुना है। 'टॉक्सिक' जैसी डार्क, इंटेंस और मैच्योर थीम वाली फिल्म को चुनना यह साबित करता है कि यश केवल एक स्टार नहीं हैं, बल्कि वे एक सच्चे कलाकार हैं जो सिनेमा के नए पहलुओं को तलाशना चाहते हैं। ऐसी फिल्म की कल्पना करना और उसे उस स्तर पर बनाना हर किसी के बस की बात नहीं है, इसके लिए सीने में असली हिम्मत चाहिए।"

क्या है 'टॉक्सिक' का कॉन्सेप्ट और क्यों बन रही है यह इतनी खास?

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक गीतू मोहनदास के निर्देशन में बन रही 'टॉक्सिक' की टैगलाइन ही 'ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स' (A Fairy Tale for Grown-ups) यानी बड़ों के लिए परियों की कहानी है। फिल्म के टीजर और शुरुआती पोस्टर्स से यह साफ हो चुका है कि यह कोई आम हीरो-सेंट्रिक एक्शन फिल्म नहीं है, बल्कि यह अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट, गोवा के तटीय माफिया, अपराध की गहरी अंधेरी गलियों और इंसानी रिश्तों के जटिल मनोविज्ञान पर आधारित एक बेहद क्रूर और स्टाइलिश एक्शन थ्रिलर है।

फिल्म में 1950 से लेकर 1980 के दशक के दौर को एक रेट्रो और अंतरराष्ट्रीय विजुअल टोन के साथ री-क्रिएट किया जा रहा है। यश का लुक सिगार, काउबॉय हैट, रेट्रो गन और सूट के साथ बेहद इंटेंस और डार्क दिखाया गया है। फिल्म का यह रूप-रंग और कथानक भारतीय सिनेमा के पारंपरिक हीरोइज्म से बिल्कुल अलग है, जो इसे हॉलीवुड की कल्ट गैंगस्टर फिल्मों की श्रेणी में खड़ा करता है।

यश और किच्चा सुदीप: दो दिग्गजों के बीच का अटूट सम्मान और भाईचारा

कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री (सैंडलवुड) के दो स्तंभ माने जाने वाले यश और किच्चा सुदीप के बीच हमेशा से एक गरिमापूर्ण और गहरा रिश्ता रहा है। कई बार सोशल मीडिया पर फैंस के बीच प्रतिद्वंद्विता (Fan Wars) देखने को मिलती है, लेकिन दोनों सितारों ने हमेशा एक-दूसरे के काम का सम्मान किया है और सार्वजनिक मंचों पर एक-दूसरे की पीठ थपथपाई है।

सुदीप ने पहले भी 'केजीएफ' की सफलता पर यश की प्रशंसा करते हुए कहा था कि यश ने कन्नड़ सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है। वहीं यश भी हमेशा किच्चा सुदीप को अपना वरिष्ठ और प्रेरणास्रोत बताते आए हैं। सुदीप का 'टॉक्सिक' पर यह हालिया बयान दोनों कलाकारों के बीच के परिपक्व भाईचारे और पूरी इंडस्ट्री को साथ लेकर आगे बढ़ने की सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

गीतू मोहनदास का विजन और पैन-इंडिया स्टारकास्ट का अनोखा संगम

'टॉक्सिक' के चर्चा में रहने का एक और सबसे बड़ा कारण इसका निर्देशन और इसकी विशालकाय स्टारकास्ट है। फिल्म की निर्देशक गीतू मोहनदास अपनी यथार्थवादी, गहराई से भरी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराही गई फिल्मों (जैसे 'लायर्स डाइस' और 'मूथॉन') के लिए जानी जाती हैं। एक ऐसी महिला निर्देशक, जो इंडिपेंडेंट और आर्ट सिनेमा में माहिर हैं, उनका एक 500 करोड़ी कमर्शियल एक्शन फिल्म का निर्देशन करना अपने आप में भारतीय सिनेमा का सबसे अनोखा प्रयोग माना जा रहा है।

इसके अलावा फिल्म में पैन-इंडिया स्तर के कलाकारों का एक मजबूत ताना-बाना बुना गया है:

  • बॉलीवुड और दक्षिण सिनेमा की खूबसूरत अभिनेत्री कियारा आडवाणी इसमें मुख्य भूमिका में नजर आएंगी।

  • लेडी सुपरस्टार नयनतारा इस फिल्म में एक बेहद प्रभावशाली और रहस्यमयी किरदार निभा रही हैं।

  • अभिनेत्री हुमा कुरैशी और श्रुति हासन के भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होने की मजबूत चर्चाएं हैं।

  • अंतरराष्ट्रीय स्टंट डायरेक्टर्स और ग्रैमी विजेता संगीतकारों की टीम इस फिल्म के एक्शन और बैकग्राउंड स्कोर को हॉलीवुड के स्तर पर तैयार कर रही है।

भारतीय सिनेमा में नए विजन और बोल्डनेस का नया दौर

फिल्म ट्रेड एनालिस्ट्स और विश्लेषकों का मानना है कि 'टॉक्सिक' भारतीय सिनेमा के उस नए युग का प्रतिनिधित्व करती है जहां दर्शक सिर्फ लार्जर-दैन-लाइफ हीरोइज्म नहीं देखना चाहते, बल्कि वे जटिल, डार्क और भावनात्मक रूप से झकझोर देने वाले किरदारों की तलाश में हैं।

'एनिमल' और 'पुष्पा' जैसी फिल्मों की भारी सफलता ने यह साबित कर दिया है कि आज का दर्शक ग्रे-शेड्स और बोल्ड कॉन्सेप्ट्स को पूरे दिल से स्वीकार कर रहा है। ऐसे दौर में यश का 'टॉक्सिक' के साथ आना बॉक्स ऑफिस पर एक नया मील का पत्थर साबित हो सकता है। फिल्म का निर्माण केवीएन प्रोडक्शंस और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के तहत एक बेहद भव्य स्तर पर किया जा रहा है और इसे कई अंतरराष्ट्रीय भाषाओं में डब कर वैश्विक स्तर पर रिलीज करने की तैयारी है।

किच्चा सुदीप द्वारा 'टॉक्सिक' को मिले इस समर्थन ने फिल्म के प्रति दर्शकों और ट्रेड पंडितों की उम्मीदों को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। सुदीप की यह टिप्पणी यह स्पष्ट करती है कि यश ने स्टारडम की चमक में फंसने के बजाय एक अभिनेता के तौर पर जोखिम लेने का जो फैसला किया है, वह आने वाले समय में पूरे भारतीय सिनेमा के लिए एक नया और साहसी मार्ग प्रशस्त करेगा। सिनेमा प्रेमियों को अब बेसब्री से उस दिन का इंतजार है जब 'टॉक्सिक' का यह तूफान बड़े पर्दे पर टकराएगा।

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