Gen-Z से संवाद की तैयारी में RSS: CJP के जंतर-मंतर प्रदर्शन के बाद मोहन भागवत 100 से अधिक शहरों के युवाओं से करेंगे सीधा संवाद
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शन के दौरान जिस बड़े पैमाने पर Gen-Z (युवा पीढ़ी) की भागीदारी देखने को मिली, उसके बाद देश के राजनीतिक और सामाजिक संगठनों में नई पीढ़ी के साथ संवाद स्थापित करने की होड़ सी मच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इंस्टाग्राम पर सक्रिय होने और रील्स शेयर करने के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) ने भी जेन-जी और जेन-अल्फा से सीधे जुड़ने का बड़ा फैसला किया है। इसके तहत संघ प्रमुख मोहन भागवत देश के 100 से ज्यादा शहरों के युवाओं के साथ डिजिटल संवाद करेंगे, जिसमें 2000 से अधिक युवाओं के शामिल होने की संभावना है।
IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर विशेष आयोजन
यह संवाद कार्यक्रम 'इंडियाज इंटरनेशनल मूवमेंट टु यूनाइटेड नेशन्स' (IIMUN) की 15वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित वार्षिक चैंपियनशिप कॉन्फ्रेंस के दौरान होगा।
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तारीख और मंच: आगामी 6 अगस्त को मुंबई के अंबानी सेंटर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मोहन भागवत 15 से 19 वर्ष की आयु के स्टूडेंट्स से रूबरू होंगे।
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वैश्विक मंच: 2011 में स्थापित IIMUN एक ऐसा युवा मंच है जो वर्तमान में 40 से अधिक देशों में फैला हुआ है और इसका संचालन पूरी तरह युवाओं द्वारा ही किया जाता है। आंकड़ों के मुताबिक, इस मंच से अब तक करीब 7.5 करोड़ युवा जुड़ चुके हैं।
CJP प्रदर्शन और राजनीतिक परिदृश्य में बदलाव
हाल ही में नीट से जुड़े मुद्दों को लेकर राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के बैनर तले युवाओं ने जोरदार प्रदर्शन किया था। इस आंदोलन ने राजनीतिक गलियारों में यह साफ कर दिया है कि आधुनिक दौर की यह नई पीढ़ी सवाल पूछने से पीछे नहीं हटने वाली है और उसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
इस घटनाक्रम के बाद आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी समय के साथ बदलाव की अनिवार्यता पर जोर दिया था। उन्होंने कहा था कि परिवर्तन एक स्वाभाविक प्रक्रिया है और नई पीढ़ी के मन की बात को जाने बिना सफलतापूर्वक संवाद स्थापित नहीं किया जा सकता। भागवत के अनुसार, बच्चों और युवाओं के साथ भावनात्मक जुड़ाव और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान करना आज के समय की सबसे बड़ी जरूरत बन गया है। इस हाई-प्रोफाइल संवाद के जरिए संघ युवाओं के बीच अपनी पहुंच को और अधिक मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।