गौतम गंभीर की कोचिंग पर बढ़ा संकट: टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के चलते BCCI की जांच के दायरे में आए हेड कोच, श्रीलंका दौरा तय करेगा भविष्य

गौतम गंभीर की कोचिंग पर बढ़ा संकट: टेस्ट क्रिकेट में खराब प्रदर्शन के चलते BCCI की जांच के दायरे में आए हेड कोच, श्रीलंका दौरा तय करेगा भविष्य

गौतम गंभीर के हेड कोच रहते हुए टीम इंडिया ने आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी 2025 और टी20 वर्ल्ड कप 2026 जैसे बड़े खिताब जरूर अपने नाम किए हैं, लेकिन इन सीमित ओवरों की सफलताओं के बावजूद रेड बॉल (टेस्ट) क्रिकेट में टीम का प्रदर्शन गंभीर चिंता का विषय बना हुआ है। इंग्लैंड दौरे पर 2-2 की बराबरी को छोड़ दिया जाए, तो ओवरसीज कंडीशन्स में भारत का प्रदर्शन फीका रहा है, और उससे भी ज्यादा चौंकाने वाली बात यह है कि टीम को घरेलू मैदान पर भी दो टेस्ट सीरीज में हार का सामना करना पड़ा है। यही कारण है कि अब गंभीर का हर एक कदम बेहद सावधानी से उठाया जा रहा है।

हार की जिम्मेदारी न लेने के आरोप और बीसीसीआई की नाराजगी

क्रिकब्लॉगर की रिपोर्ट के अनुसार, हेड कोच गौतम गंभीर पर लगातार यह आरोप लग रहा है कि वह हार की नैतिक जिम्मेदारी खुद लेने के बजाय खिलाड़ियों, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस (CoE) या सपोर्ट स्टाफ पर ठीकरा फोड़ देते हैं।

  • बोर्ड की नाराजगी: बीसीसीआई के कई वरिष्ठ अधिकारी इस रवैये से खासे नाखुश हैं। बोर्ड का मानना है कि टीम मैनेजमेंट के कड़े और बड़े फैसलों की जिम्मेदारी कोच को ही लेनी चाहिए, जिससे बचने की प्रवृत्ति गंभीर के कार्यकाल में देखी गई है।

  • सपोर्ट स्टाफ में बदलाव: जब गंभीर ने हेड कोच का पद संभाला था, तब वह अपनी पसंद का पूरा सपोर्ट स्टाफ साथ लाए थे, लेकिन समय के साथ उनमें से अब केवल वह खुद और बॉलिंग कोच मोर्ने मोर्केल ही बचे हैं।

श्रीलंका दौरा: WTC फाइनल की उम्मीदें और कोच का इम्तिहान

भारत और श्रीलंका के बीच आगामी दो मैचों की टेस्ट सीरीज केवल एक द्विपक्षीय श्रृंखला नहीं है, बल्कि यह आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) 2027 के फाइनल में पहुंचने के लिहाज से बेहद अहम है।

  • दबाव में टीम इंडिया: डब्ल्यूटीसी पॉइंट्स टेबल में अपनी स्थिति सुधारने के लिए भारत को श्रीलंका के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। यदि परिणाम मनमुताबिक नहीं आए, तो गंभीर पर संकट के बादल और गहरे हो सकते हैं।

  • सीनियर खिलाड़ियों की चर्चा: अंदरखाने से यह भी खबरें आ रही हैं कि टीम के कुछ सीनियर खिलाड़ियों ने पूर्व क्रिकेटरों और बीसीसीआई एपेक्स काउंसिल के सदस्यों के साथ अनौपचारिक चर्चा की है, जिससे हेड कोच के इर्द-गिर्द जांच-पड़ताल और तेज हो गई है।

क्या गंभीर बचा पाएंगे अपनी साख?

सूत्रों का यह भी कहना है कि बीसीसीआई ने हेड कोच के तौर पर गौतम गंभीर को लगभग वह तमाम अधिकार और छूट दी है, जिसकी उन्होंने मांग की थी—चाहे वह मनचाहा सपोर्ट स्टाफ हो या रणनीतिक फैसले लेने की स्वतंत्रता। हालांकि, मैदान पर टीम का मौजूदा प्रदर्शन उस भरोसे पर पूरी तरह खरा नहीं उतर पाया है। श्रीलंका के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज के नतीजे तय करेंगे कि भारतीय क्रिकेट में गौतम गंभीर का यह सफर किस दिशा में आगे बढ़ता है।

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