सीएम योगी ने 14 हजार करोड़ की दो मेगा आवासीय योजनाओं की रखी नींव
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में अपने आशियाने का सपना संजोए बैठे लाखों लोगों के लिए एक ऐतिहासिक और सौगात भरा दिन सामने आया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरुवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) की दो सबसे बड़ी और महत्वाकांक्षी आवासीय योजनाओं—'वरुण विहार' और 'नैमिष नगर' का भूमिपूजन एवं शिलान्यास किया। करीब 10,680 एकड़ क्षेत्रफल में विस्तृत और 14,166 करोड़ रुपये की कुल लागत वाली इन परियोजनाओं से 10 लाख से अधिक लोगों को उच्च स्तरीय, आधुनिक और विश्वस्तरीय आवासीय सुविधाएं प्राप्त होंगी। आगरा एक्सप्रेसवे के समीप दोना गांव में आयोजित भव्य भूमिपूजन समारोह में 50 हजार से ज्यादा लोग पहुंचे। सीएम योगी ने इस दौरान न सिर्फ दोनों टाउनशिप योजनाओं की नींव रखी, बल्कि 4,526 आवासीय भूखंडों के ऑनलाइन पंजीकरण का भी औपचारिक शुभारंभ कर दिया। इसके साथ ही राजधानी के विकास को नई ऊंचाई देने के लिए एलडीए की 5 हाई-राइज अपार्टमेंट परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया गया।
वरुण विहार और नैमिष नगर: 10 लाख की आबादी के लिए आधुनिक शहर
सीएम योगी आदित्यनाथ ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि बढ़ती आबादी के दबाव को देखते हुए प्रदेश में अनियोजित निर्माण के बजाय नियोजित और सुव्यवस्थित शहरी विकास समय की सबसे बड़ी मांग है। 'वरुण विहार' योजना को काकोरी में आगरा एक्सप्रेसवे के पास 6,500 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में तैयार किया जा रहा है, जहां 6 लाख से अधिक लोगों के रहने की विश्वस्तरीय व्यवस्था होगी। इस योजना के बीच से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और आगरा एक्सप्रेसवे को सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।
वहीं दूसरी तरफ, पवित्र पौराणिक तीर्थ नैमिषारण्य से प्रेरित 'नैमिष नगर' योजना को सीतापुर रोड और आईआईएम रोड क्षेत्र में 4,100 एकड़ में विकसित किया जा रहा है, जिसमें 4 लाख से अधिक नागरिकों के लिए आशियाने तैयार किए जाएंगे। नैमिष नगर में मेडिटेशन सेंटर, कल्चरल सिटी, मेडिकल और एजुकेशन हब के साथ स्थानीय कारीगरों को बढ़ावा देने के लिए 'एक जिला, एक उत्पाद' (ODOP) का बड़ा बाजार भी विकसित किया जाएगा।
4,526 भूखंडों का पंजीकरण खुला, 24 अक्टूबर तक करें आवेदन
मुख्यमंत्री द्वारा बटन दबाकर पंजीकरण की शुरुआत करते ही एलडीए की वेबसाइट पर प्लॉट्स के लिए आवेदन की प्रक्रिया शुरू हो गई है। दोनों योजनाओं में भूखंडों के लिए पंजीकरण 24 सितंबर से शुरू होकर 24 अक्टूबर तक एक माह के लिए खुला रहेगा।
एलडीए के अनुसार, वरुण विहार में 2,847 भूखंड और नैमिष नगर में 1,679 भूखंडों के लिए आवेदन मांगे गए हैं। वरुण विहार में 112.5 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक के प्लॉट 2,800 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से उपलब्ध हैं, जबकि नैमिष नगर में 72 वर्गमीटर से 450 वर्गमीटर तक के प्लॉट 3,800 रुपये प्रति वर्गफुट की दर से आवंटित किए जाएंगे। मध्यमवर्गीय परिवारों से लेकर आर्थिक रूप से कमजोर और उच्च आय वर्ग के सभी लोगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर इन भूखंडों का आकार तय किया गया है।
अनियोजित विकास नारकीय बनाता था जीवन, अब पारदर्शी व्यवस्था
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने पुरानी व्यवस्थाओं पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों में किसी भी आवासीय योजना को धरातल पर लाने में 20-20 साल का समय लग जाता था। लोग जहां-तहां दलालों से जमीन खरीद लेते थे, जहां न सड़क होती थी, न बिजली और न ही पानी की निकासी, जिससे जलभराव और नारकीय जीवन झेलना पड़ता था। कभी-कभी तो एक ही जमीन को दबंगों द्वारा कई लोगों को बेच दिया जाता था।
सीएम ने स्पष्ट किया कि उनकी सरकार में प्राधिकरण और किसानों के बीच से बिचौलियों व दलालों की भूमिका पूरी तरह खत्म कर दी गई है। जिन भी किसानों की जमीन इन योजनाओं में ली गई है, उन्हें सीधे उनके बैंक खातों में करोड़ों का पारदर्शी मुआवजा दिया गया है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे मुआवजे के पैसे को गाड़ियों के शौक में बर्बाद करने के बजाय उद्योग या अन्य जमीनों में निवेश करें ताकि उनकी पूंजी बढ़ती रहे।
स्टेट कैपिटल रीजन (SCR) से बदलेगी 6 जिलों की तस्वीर
मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि वरुण विहार और नैमिष नगर केवल लखनऊ शहर तक सीमित परियोजनाएं नहीं हैं, बल्कि यह 'स्टेट कैपिटल रीजन' (SCR) के बड़े विजन का अहम हिस्सा हैं। दिल्ली-एनसीआर की तर्ज पर अब लखनऊ के साथ-साथ उन्नाव, हरदोई, सीतापुर, बाराबंकी और रायबरेली जिलों को जोड़कर एक विशाल रीजनल इंफ्रास्ट्रक्चर नेटवर्क तैयार किया जा रहा है।
लखनऊ से सीतापुर-नैमिषारण्य तक फोरलेन कनेक्टिविटी तैयार हो रही है, जिससे दोनों शहरों के बीच की दूरी बेहद कम हो जाएगी। इसके अलावा किसान पथ, ग्रीन कॉरिडोर, डिफेंस कॉरिडोर में बन रही ब्रह्मोस मिसाइल यूनिट, टाटा ऑटोमोबाइल और अशोक लीलैंड का ईवी मैन्युफैक्चरिंग प्लांट राजधानी को देश का सबसे आधुनिक और तकनीकी रूप से संपन्न शहर बना रहे हैं।
शहर की सबसे ऊंची 27 मंजिला इमारत समेत 5 अपार्टमेंट्स का तोहफा
टाउनशिप के अलावा सीएम योगी ने एलडीए की 5 बड़ी ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं की भी आधारशिला रखी। इसके तहत ऐशबाग में लखनऊ की सबसे ऊंची 27 मंजिला इमारत 'ऐशबाग स्क्वायर' का निर्माण होगा, जिसमें 4 टावर और 384 प्रीमियम फ्लैट्स होंगे। इसके साथ ही अनंत नगर में 1,932 फ्लैट्स वाला 'अदिति अपार्टमेंट', गोमती नगर के विराज खंड में 646 फ्लैट्स वाला 'लेक व्यू अपार्टमेंट', शारदा नगर विस्तार में 824 फ्लैट्स का 'वागेश्वरी अपार्टमेंट' और बसंत कुंज में 364 फ्लैट्स का 'पार्क व्यू अपार्टमेंट' तैयार किया जाएगा। इन आधुनिक इमारतों से करीब 10 हजार परिवारों को सुरक्षित, ग्रीन और सुविधासंपन्न बहुमंजिला आवास उपलब्ध हो सकेंगे।