मुश्ताक खान की हुई थी अरेंज मैरिज: पर्दे पर हंसाने वाले एक्टर की ऐसी रही पर्सनल लाइफ, जानिए परिवार में कौन-कौन?
हिंदी सिनेमा में अपनी कॉमिक टाइमिंग और सशक्त किरदारों से दशकों तक दर्शकों के दिलों पर राज करने वाले दिग्गज अभिनेता मुश्ताक खान की प्रोफेशनल जिंदगी से तो हर कोई वाकिफ है, लेकिन उनकी निजी जिंदगी हमेशा चकाचौंध से दूर और बेहद सादगी भरी रही। चार दशकों से अधिक के अपने फिल्मी सफर में 'वेलकम', 'आशिकी' और 'स्त्री 2' जैसी सुपरहिट फिल्मों में यादगार काम करने वाले मुश्ताक खान ने कभी भी अपनी फैमिली को लाइमलाइट में नहीं घसीटा। हाल ही में उनके निधन के बाद फैंस उनके निजी जीवन, पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्ष के दिनों के बारे में जानने के लिए उत्सुक हैं।
सादगी भरी अरेंज मैरिज और जीवनसाथी का अटूट साथ
मुश्ताक खान की शादी पूरी तरह से पारंपरिक और अरेंज मैरिज थी। जब वह बॉलीवुड में अपने पैर जमाने के लिए कड़ा संघर्ष कर रहे थे और छोटे-मोटे रोल्स के जरिए इंडस्ट्री में पहचान बना रहे थे, उसी दौर में परिवार की सहमति से उनका निकाह हुआ। उनकी पत्नी ने हमेशा एक साधारण गृहिणी के रूप में घर-परिवार की पूरी बागडोर संभाली। मुश्ताक खान ने अपने साक्षात्कारों में कई बार इस बात का जिक्र किया था कि उनके जीवन के शुरुआती दिनों की आर्थिक तंगी और स्ट्रगल के दौर में उनकी पत्नी उनकी सबसे बड़ी ताकत बनी रहीं। उन्होंने कभी भी फिल्म इंडस्ट्री की पार्टियों या ग्लैमरस इवेंट्स का हिस्सा बनने की इच्छा नहीं जताई, बल्कि हमेशा परिवार को संजोकर रखने में अपना पूरा जीवन समर्पित कर दिया।
परिवार में कौन-कौन और बच्चों की परवरिश
मुश्ताक खान के परिवार की बात करें तो उनके परिवार में उनकी पत्नी, बच्चे और नाती-पोते हैं। वह एक भरे-पूरे और सुखी परिवार के मुखिया थे। उनके बच्चे भी ग्लैमर और फिल्मी दुनिया की चकाचौंध से कोसों दूर रहे और अपनी पढ़ाई-लिखाई पूरी कर सामान्य पेशों में करियर बनाया। मुश्ताक खान का मानना था कि बच्चों को अपनी मर्जी से अपना रास्ता चुनने की पूरी आजादी होनी चाहिए, इसलिए उन्होंने कभी भी अपने बच्चों पर अभिनय की दुनिया में आने का दबाव नहीं बनाया। मुंबई में रहने के बावजूद उनका परिवार पूरी तरह से जमीन से जुड़ा रहा और पारंपरिक संस्कारों के साथ पला-बढ़ा।
मध्य प्रदेश के छोटे शहर से निकलकर बनाया मुकाम
मुश्ताक खान का पारिवारिक बैकग्राउंड मध्य प्रदेश के एक छोटे से कस्बे (हरदा/इंदौर क्षेत्र) से जुड़ा हुआ था। एक साधारण मध्यमवर्गीय मुस्लिम परिवार में जन्मे मुश्ताक को बचपन से ही अभिनय और थिएटर का शौक था। जब उन्होंने फिल्मों में किस्मत आजमाने का फैसला किया, तो उनके परिवार ने शुरुआत में संकोच के बाद उनका पूरा समर्थन किया। वह अपने पैतृक गांव और रिश्तेदारों से भी हमेशा जुड़े रहे। मुंबई में लंबा वक्त बिताने और शोहरत की बुलंदियों को छूने के बाद भी वह जब भी अपने वतन लौटते, तो उसी सादगी से अपने पुराने दोस्तों और परिवार के लोगों से मिलते थे। उनका परिवार आज भी उनकी इसी सादगी, ईमानदारी और नेकदिली को अपनी सबसे बड़ी विरासत मानता है।