समंदर में भारतीय युद्धपोत से टकराया पाकिस्तानी नेवी का जहाज: नई दिल्ली में पाक उप-उच्चायुक्त तलब
अरब सागर और अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा के संवेदनशील जलक्षेत्र में भारत और पाकिस्तान की नौसेनाओं के बीच सीधे टकराव की एक बेहद गंभीर और खतरनाक घटना सामने आई है। नियमित गश्त पर तैनात भारतीय नौसेना (Indian Navy) के एक अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के साथ पाकिस्तानी नौसेना के युद्धपोत की टक्कर (Collateral Collision) हो गई।
इस बेहद गैर-पेशेवर और उकसावे वाली समुद्री हरकत पर भारत सरकार ने कड़ा संज्ञान लिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग के वरिष्ठ राजनयिक (उप-उच्चायुक्त) को साउथ ब्लॉक तलब कर औपचारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया है और एक सख्त 'डिमार्श' (Demarche) सौंपा है।
अंतरराष्ट्रीय नियमों की अनदेखी, खतरनाक तरीके से करीब आया पाक जहाज
रक्षा और विदेश मंत्रालय के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह घटना उस समय घटी जब भारतीय युद्धपोत अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों के तहत अपने निर्धारित समुद्री क्षेत्र में रूटीन पेट्रोलिंग (गश्त) कर रहा था:
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खतरनाक पैंतरेबाजी (Reckless Manoeuvring): पाकिस्तानी नौसेना का जहाज अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमाओं पर नेविगेशन सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय नियमों (COLREGs - Collision Regulations) की खुलेआम धज्जियां उड़ाते हुए भारतीय युद्धपोत के बेहद करीब आ गया।
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चेतावनी को किया अनसुना: भारतीय युद्धपोत द्वारा रेडियो और लाइट सिग्नलों के जरिए बार-बार सुरक्षित दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी गई, लेकिन पाकिस्तानी जहाज ने आक्रामक तरीके से अपनी दिशा बदलने के बजाय खतरनाक कोण पर आगे बढ़ना जारी रखा।
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टक्कर से नुकसान: अनियंत्रित और गैर-पेशेवर रवैये के चलते दोनों जहाजों के बाहरी हिस्से आपस में टकरा गए। गनीमत यह रही कि भारतीय नौसेना के सतर्क चालक दल ने अंतिम क्षणों में आपातकालीन बचाव पैंतरा (Evasive Action) अपनाया, जिससे कोई बड़ा जानलेवा हादसा नहीं हुआ। भारतीय पोत को मामूली खरोंचें और बाहरी नुकसान पहुंचा है, जबकि सभी नौसैनिक पूरी तरह सुरक्षित हैं।
साउथ ब्लॉक में पाक राजनयिक तलब, भारत ने सौंपा कड़ा डिमार्श
घटना की विस्तृत रिपोर्ट नौसेना मुख्यालय से मिलते ही भारत सरकार के विदेश मंत्रालय ने त्वरित कूटनीतिक कार्रवाई की:
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नई दिल्ली में पाकिस्तानी उच्चायोग के प्रभारी/उप-उच्चायुक्त को तलब किया गया।
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भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खुले समंदर में पाकिस्तानी नौसेना का यह उकसावे वाला, लापरवाह और असुरक्षित व्यवहार अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) और समुद्र में टकराव की रोकथाम से जुड़े वैश्विक मानकों का खुला उल्लंघन है।
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भारत ने पाकिस्तान से इस घोर लापरवाही की तत्काल आंतरिक जांच कराने और भविष्य में इस प्रकार की गैर-जिम्मेदाराना गतिविधियों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है।
तनाव भड़काने की मंशा पर सवाल, नेवी ने बढ़ाई चौकसी
रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि खुले समुद्र में जहाजों के बीच सुरक्षित दूरी और 'राइट ऑफ वे' (Right of Way) के स्पष्ट वैश्विक नियम तय हैं। ऐसे में पाकिस्तानी पोत का इतना करीब आना महज कोई तकनीकी चूक नहीं, बल्कि जानबूझकर भारतीय नौसेना के संयम और प्रतिक्रिया की परीक्षा लेने की एक सोची-समझी कोशिश हो सकती है।
घटना के तुरंत बाद पश्चिमी नौसेना कमान (Western Naval Command) ने अरब सागर और गुजरात तट से सटी अंतरराष्ट्रीय समुद्री सीमा रेखा (IMBL) पर अपनी इलेक्ट्रॉनिक निगरानी, ड्रोन पेट्रोलिंग और अग्रिम युद्धपोतों की गश्त को और अधिक सघन कर दिया है।