'PM मोदी का शासन आखिरी दौर में, उत्तराधिकारी की तलाश जारी'; CWC बैठक में राहुल गांधी का बड़ा दावा, नेताओं को दिया आक्रामक होने का मंत्र
नई दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय 'इंदिरा भवन' में आयोजित कांग्रेस कार्य समिति (CWC) की बैठक में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ बेहद तीखे तेवर दिखाए। राहुल गांधी ने बैठक में दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राजनीतिक शासन अब अपने 'अंतिम दौर' में पहुंच चुका है और सत्ता के गलियारों में उनके उत्तराधिकारी की तलाश शुरू हो चुकी है।
संसद सत्र की समाप्ति के बाद बुलाई गई इस पहली औपचारिक CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत पार्टी के लगभग 88 वरिष्ठ नेता शामिल हुए थे। बैठक में देश के ताजा राजनीतिक परिदृश्य, जनमुद्दों और विपक्ष की भावी रणनीति पर विस्तृत चर्चा की गई।
'मोदी सरकार बैकफुट पर, हमें और आक्रामक होना होगा'
सूत्रों के मुताबिक, आंतरिक चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आह्वान करते हुए कहा कि मौजूदा केंद्र सरकार पूरी तरह बैकफुट पर आ चुकी है। उन्होंने कहा कि जनता के बीच सरकार की नीतियों को लेकर गहरा असंतोष है, जिसका फायदा उठाते हुए कांग्रेस को अब और अधिक आक्रामक रुख अख्तियार करना चाहिए।
राहुल गांधी ने पार्टी के भीतर एकजुटता को सबसे बड़ी ताकत बताते हुए जोर दिया कि यदि संगठन मिलकर लड़ेगा, तो विपक्षी गठबंधन की स्थिति और मजबूत होगी। उन्होंने नेताओं से संसद से लेकर सड़क तक जनहित के मुद्दों को पूरी ताकत से उठाने की अपील की।
मल्लिकार्जुन खरगे ने शिक्षा, युवा बेरोजगारी और ट्रस्ट फंड पर उठाए सवाल
बैठक को संबोधित करते हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी केंद्र सरकार की आर्थिक और सामाजिक नीतियों को आड़े हाथों लिया। खरगे ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों के दौरान युवाओं के भविष्य को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। उन्होंने दावा किया कि देश भर में हजारों स्कूल बंद हुए हैं और युवाओं के लिए एक स्पष्ट व समयबद्ध 'शिक्षा से रोजगार रोडमैप' तैयार किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही खरगे ने राम मंदिर ट्रस्ट को मिले धन, सोने और अन्य चढ़ावे के प्रबंधन का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जनता को इसका पूरा और पारदर्शी हिसाब जानने का अधिकार है। उन्होंने किसी भी तरह की वित्तीय अनियमितता की निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी।
CWC बैठक के अहम एजेंडे और आगामी रणनीति
संसद के आगामी सत्रों और आने वाले राजनीतिक घटनाक्रमों को देखते हुए कांग्रेस ने युवाओं के मुद्दों, सीमावर्ती सुरक्षा चुनौतियों, महंगाई और संस्थागत पारदर्शिता को अपने मुख्य अभियान का हिस्सा बनाने का फैसला किया है। राहुल गांधी के इस आक्रामक बयान के बाद स्पष्ट है कि कांग्रेस आने वाले दिनों में केंद्र सरकार की नीतियों को चौतरफा घेरने के लिए बड़े पैमाने पर जन-संपर्क कार्यक्रम शुरू करने जा रही है।