गोरक्षनगरी को रेलवे का ऐतिहासिक तोहफा: दिल्ली से मिजोरम के सायरंग तक वाया गोरखपुर चलेगी ट्रेन
पूर्वोत्तर रेलवे (NER) के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। देश की राजधानी दिल्ली से पूर्वोत्तर के पर्वतीय राज्य मिजोरम को सीधे रेल मार्ग से जोड़ने के लिए रेलवे बोर्ड ने एक बड़ा रणनीतिक कदम उठाया है। रेलवे प्रशासन ने दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से मिजोरम की राजधानी आइजोल जिले के सायरंग (Sairang) रेलवे स्टेशन तक वाया गोरखपुर एक नई प्रीमियम ट्रेन चलाने की कवायद तेज कर दी है। इस प्रस्ताव की सबसे बड़ी खासियत यह है कि शुरुआत में नियमित ट्रेन के रूप में चलने के बाद इसे विधिवत राजधानी एक्सप्रेस के रूप में संचालित करने की योजना है। इसके साथ ही गोरखपुर जंक्शन के खाते में पहली बार किसी अधिकृत राजधानी एक्सप्रेस के ठहराव का ऐतिहासिक रिकॉर्ड दर्ज हो जाएगा।
आनंद विहार से सायरंग वाया गोरखपुर: क्या है रेलवे का पूरा प्लान?
रेलवे बोर्ड के ताजा दिशा-निर्देशों के अनुसार, पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने इस नई ट्रेन सेवा के लिए रूट, प्रस्तावित ठहराव और समय-सारिणी (टाइम टेबल) का मसौदा पूरी तरह तैयार कर लिया है।
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प्रस्तावित रूट: यह ट्रेन दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से रवाना होकर मुरादाबाद, बरेली और लखनऊ के रास्ते सीधे गोरखपुर जंक्शन पहुंचेगी। इसके बाद यह बिहार के छपरा, मुजफ्फरपुर, कटिहार और पश्चिम बंगाल के न्यू जलपाईगुड़ी होते हुए असम के गुवाहाटी और बदरपुर के रास्ते मिजोरम के सायरंग स्टेशन तक जाएगी।
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राजधानी का दर्जा क्यों?: सायरंग स्टेशन मिजोरम की राजधानी आइजोल जिले का प्रमुख रेलवे स्टेशन है। चूंकि नियम के तहत देश की राजधानी को राज्यों की राजधानियों से जोड़ने वाली प्रीमियम वीआईपी ट्रेनों को राजधानी एक्सप्रेस के रूप में वर्गीकृत किया जाता है, इसलिए आनंद विहार से सायरंग तक चलने वाली इस ट्रेन को आगे चलकर पूर्ण राजधानी एक्सप्रेस में बदल दिया जाएगा।
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बोर्ड की बैठक में अंतिम मुहर: पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा तैयार प्रस्ताव पर बहुत जल्द रेलवे बोर्ड की उच्चस्तरीय बैठक में औपचारिक मुहर लगने की उम्मीद है।
13 घंटे की जगह महज 10 से 11 घंटे में तय होगी दिल्ली की दूरी
इस नई ट्रेन के संचालन से गोरखपुर और आसपास के जिलों के यात्रियों को सबसे बड़ा फायदा यात्रा समय में बचत के रूप में मिलेगा। वर्तमान में गोरखपुर से दिल्ली के आनंद विहार का सफर तय करने में सुपरफास्ट और एक्सप्रेस ट्रेनों को 13 से 14 घंटे का समय लग जाता है।
राजधानी एक्सप्रेस का दर्जा मिलने और ट्रैक पर सर्वोच्च प्राथमिकता (Top Priority) दिए जाने के चलते गोरखपुर से आनंद विहार की दूरी महज 10 से 11 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे न केवल व्यावसायिक और दैनिक यात्रियों के 2 से 3 घंटे बचेंगे, बल्कि यात्रियों को उच्च स्तरीय वातानुकूलित कोच, बेहतर सुरक्षा और विश्वस्तरीय ऑन-बोर्ड कैटरिंग सेवाएं भी मिल सकेंगी।
सांसद रवि किशन की पैरवी लाई रंग
गोरखपुर रूट पर राजधानी एक्सप्रेस चलाने की मांग दशकों से उठाई जा रही थी। गोरखपुर लोकसभा सीट से सांसद रवि किशन शुक्ला ने इस मांग को संसद और रेल मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से उठाया था। सांसद ने गोरखपुर से एक सीधी राजधानी ट्रेन संचालित करने को लेकर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से कई बार व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा था। रेलवे बोर्ड द्वारा तैयार किए गए इस ताजा प्रस्ताव को सांसद के प्रयासों की बड़ी कामयाबी माना जा रहा है, जिससे पूर्वांचल के लोगों को देश की सबसे प्रतिष्ठित वीआईपी ट्रेन का तोहफा मिलने जा रहा है।
यूपी-बिहार का मिजोरम से होगा सीधा आर्थिक व सामरिक जुड़ाव
मिजोरम में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भैरबी-सायरंग नई रेल लाइन परियोजना के पूरा होने के बाद अब यह सीमावर्ती राज्य सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ रहा है। दिल्ली-गोरखपुर-सायरंग ट्रेन के शुरू होने से उत्तर प्रदेश और बिहार का मिजोरम से सीधा रेल संपर्क स्थापित हो जाएगा।
यह संपर्क न केवल पूर्वोत्तर में तैनात भारतीय सेना और अर्धसैनिक बलों के जवानों की आवाजाही को सुगम बनाएगा, बल्कि व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में भी एक नया सेतु स्थापित करेगा। गोरखपुर और नेपाल सीमा के तराई क्षेत्रों से पूर्वोत्तर भारत जाने वाले व्यापारियों और छात्रों को अब बिना ट्रेन बदले सीधे मिजोरम तक की सुरक्षित व द्रुतगामी यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी।