'यार मन तो मेरा भी है...': 2027 वर्ल्ड कप में वापसी पर भुवनेश्वर कुमार का बड़ा बयान, फैंस के प्यार से हुए 'गदगद'
भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे भरोसेमंद और सटीक स्विंग गेंदबाजों में शुमार भुवनेश्वर कुमार भले ही पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मुख्य मंच से दूर चल रहे हों, लेकिन क्रिकेट प्रेमियों के दिलों में उनकी जगह आज भी वैसी ही बरकरार है। सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के मैदानों तक फैंस अक्सर उन्हें भारतीय नीली जर्सी में दोबारा नई गेंद से बल्लेबाजों को छकाने की मांग करते नजर आते हैं। इसी बीच, दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में होने वाले आईसीसी वनडे वर्ल्ड कप 2027 (ODI World Cup 2027) को लेकर जब भुवनेश्वर कुमार से सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद सादगी और मुस्कुराते हुए दिल की बात रख दी। भुवी ने कहा—"यार मन तो मेरा भी है..."। इसके साथ ही उन्होंने फैंस द्वारा मिल रहे अटूट प्यार और समर्थन पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब लोग आज भी उन्हें टीम में देखना चाहते हैं, तो यह अहसास उन्हें भीतर से 'गदगद' कर देता है।
'मन तो बहुत करता है, लेकिन चीजें मेरे हाथ में नहीं'
एक परिचर्चा और फैंस मीट के दौरान जब भुवनेश्वर कुमार से उनके अंतरराष्ट्रीय करियर के अगले पड़ाव और 2027 के 50 ओवर वर्ल्ड कप के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
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खेलने की दिली ख्वाहिश: भुवनेश्वर ने मुस्कुराते हुए कहा कि ऐसा कोई भी खिलाड़ी नहीं होगा जो अपने देश के लिए वर्ल्ड कप न खेलना चाहे। जब तक कोई प्रतिस्पर्धी क्रिकेट खेल रहा होता है, उसकी सबसे बड़ी ख्वाहिश भारत का प्रतिनिधित्व करना ही होती है।
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नियंत्रण से बाहर की बातें: भुवी ने बड़ी परिपक्वता के साथ स्पष्ट किया कि चयनकर्ताओं के फैसले या टीम संयोजन उनके हाथ में नहीं हैं। वे केवल अपनी फिटनेस बनाए रख सकते हैं, कड़ी ट्रेनिंग कर सकते हैं और जहां भी मौका मिले (चाहे घरेलू क्रिकेट हो या आईपीएल) वहां गेंद से शत-प्रतिशत योगदान दे सकते हैं।
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उम्र नहीं, प्रदर्शन मायने रखता है: उन्होंने संकेत दिया कि अगर शरीर साथ दे और फॉर्म बेहतरीन रहे, तो उम्र कभी भी क्रिकेट में रुकावट नहीं बनती।
फैंस के प्यार पर भावुक हुए स्विंग के उस्ताद
टीम इंडिया से लंबे अंतराल के बावजूद जिस तरह देश और दुनिया भर के क्रिकेट प्रशंसक लगातार सोशल मीडिया पर उनके पक्ष में आवाज उठाते हैं, उस पर भुवनेश्वर ने दिल खोलकर आभार जताया।
उन्होंने कहा कि जब भी वे एयरपोर्ट, स्टेडियम या किसी सार्वजनिक स्थल पर जाते हैं, तो फैंस उनसे सिर्फ एक ही सवाल पूछते हैं—'भुवी भाई, टीम में वापसी कब हो रही है?'
भुवनेश्वर ने कहा—"एक खिलाड़ी के लिए इससे बड़ा सम्मान और पुरस्कार कुछ नहीं हो सकता कि जब आप टीम की प्लेइंग इलेवन में नियमित रूप से नहीं खेल रहे हों, तब भी लोग आपकी गेंदबाजी को याद करें और आपकी वापसी की दुआ करें। फैंस का यह प्यार मुझे आज भी मैदान पर पसीना बहाने और हर मुकाबले में अपना सर्वश्रेष्ठ देने की प्रेरणा देता है।"
स्विंग गेंदबाजी का बेजोड़ रिकॉर्ड और अनुभव
भुवनेश्वर कुमार का अंतरराष्ट्रीय करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। वे तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20) में पारी में 5 विकेट लेने वाले भारत के चुनिंदा गेंदबाजों में से एक हैं:
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नई गेंद और डेथ ओवर्स में महारत: अपने चरम पर भुवी न केवल शुरुआती ओवरों में दोनों तरफ इन-स्विंग और आउट-स्विंग कराने के लिए जाने जाते थे, बल्कि यॉर्कर और नकल बॉल के जरिए डेथ ओवरों में रन गति पर लगाम लगाने में भी उनका कोई सानी नहीं था।
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आईसीसी टूर्नामेंट्स का अनुभव: भुवी 2015 और 2019 के वनडे विश्व कप के साथ-साथ कई टी20 वर्ल्ड कप में भारत के प्रमुख तेज गेंदबाजी आक्रमण का हिस्सा रह चुके हैं।
क्या 2027 वर्ल्ड कप में बन पाएगी जगह?
क्रिकेट विश्लेषकों का मानना है कि 2027 तक भुवनेश्वर कुमार की उम्र 37 वर्ष के करीब होगी। मौजूदा दौर में भारतीय टीम प्रबंधन जसप्रीत बुमराह, मोहम्मद सिराज और युवा तेज गेंदबाजों के साथ वर्कलोड मैनेजमेंट और भविष्य की टीम तैयार करने पर काम कर रहा है।
हालांकि, दक्षिण अफ्रीका की तेज और उछाल भरी पिचों पर स्विंग और सीम का रोल हमेशा निर्णायक रहता है। यदि भुवनेश्वर आगामी आईपीएल सीजनों और घरेलू मुकाबलों में लगातार विकेट चटकाते हैं और अपनी फिटनेस को टॉप लेवल पर रखते हैं, तो उनका अपार अनुभव किसी भी बड़े टूर्नामेंट में एक बैकअप या विशेषज्ञ पेसर के तौर पर टीम के लिए मूल्यवान साबित हो सकता है। फिलहाल, भुवी के इस बेबाक बयान ने उनके करोड़ों फैंस की उम्मीदों को एक बार फिर जिंदा कर दिया है।