ईरान की हुकूमत में गहरी दरार: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को दी अंतिम चेतावनी, IRGC का बढ़ा दबदबा

ईरान की हुकूमत में गहरी दरार: सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने राष्ट्रपति पेजेशकियन को दी अंतिम चेतावनी, IRGC का बढ़ा दबदबा

अमेरिका के साथ पिछले छह महीनों से चल रही जंग और तनाव के बीच ईरान के शीर्ष नेतृत्व के भीतर अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी हुकूमत में आई दरार अब काफी गहरी हो गई है, जिस पर सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई का बड़ा बयान सामने आया है। मोजतबा खामेनेई ने कथित तौर पर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को अंतिम चेतावनी जारी करते हुए साफ कर दिया है कि यदि उन्होंने दोबारा इस्तीफे की धमकी दी, तो उन्हें तुरंत पद से हटा दिया जाएगा।

वाशिंगटन स्थित 'इंस्टीट्यूट फॉर the स्टडी ऑफ वॉर' (ISW) और वरिष्ठ धर्मगुरु मोहम्मद बाकिर खाराजी के हवाले से यह जानकारी सामने आई है कि सुप्रीम लीडर ने स्पष्ट कर दिया है कि राष्ट्रपति इस्तीफे का दबाव बनाकर सरकारी नीतियों को प्रभावित नहीं कर सकते।

राष्ट्रपति की इस्तीफे की धमकियां और IRGC का बढ़ा दबदबा

  • पेजेशकियन की नाराजगी: इससे पहले मसूद पेजेशकियन ने सुरक्षा और विदेश नीति के अहम फैसलों में अपनी अनदेखी से नाराज होकर कई बार इस्तीफा देने की इच्छा जताई थी। उन्होंने बीते मई और जून के महीनों में सुप्रीम लीडर को पत्र लिखकर पद छोड़ने की पेशकश भी की थी, हालांकि आधिकारिक रूप से इस्तीफा नहीं सौंपा था।

  • IRGC की मजबूत पकड़: इस अंदरूनी खींचतान के बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के कमांडर अहमद वहीदी को सुप्रीम लीडर का पूरा समर्थन मिल गया है। ईरान के नीतिगत फैसलों में अब IRGC की पकड़ बेहद मजबूत हो गई है, जबकि राष्ट्रपति पेजेशकियन के फैसलों को हाशिए पर धकेल दिया गया है।

अमेरिका के साथ बातचीत पर असमंजस और ईरान का रुख

नेतृत्व में चल रही इस अनबन का असर देश की विदेश नीति पर भी साफ नजर आ रहा है:

  • कड़े रुख की संभावना: IRGC पारंपरिक रूप से अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत के सख्त खिलाफ रहा है। ऐसे में ईरान का रुख आने वाले समय में और अधिक आक्रामक हो सकता है।

  • अप्रत्यक्ष वार्ता की चर्चा: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगातार कूटनीति और समझौते के दावे किए जा रहे हैं, वहीं ईरान आधिकारिक तौर पर अमेरिका से सीधी बातचीत से इनकार कर रहा है। हालांकि, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की मध्यस्थता में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अमेरिकी दूतों के संपर्क में होने की खबरें लगातार बनी हुई हैं।

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