'भारतीयों के सामने हमारी कोई औकात नहीं...', पाक संसद में पूर्व स्पीकर ने बयां किया दर्द; मुस्लिम देशों में पाकिस्तानियों की बेइज्जती पर लगाई अपनी ही सरकार की क्लास

'भारतीयों के सामने हमारी कोई औकात नहीं...', पाक संसद में पूर्व स्पीकर ने बयां किया दर्द; मुस्लिम देशों में पाकिस्तानियों की बेइज्जती पर लगाई अपनी ही सरकार की क्लास

आर्थिक बदहाली, राजनीतिक अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर विश्वसनीयता के संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को अब अपनों के ही तीखे सवालों और आईने का सामना करना पड़ रहा है। पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) में उस वक्त सन्नाटा पसर गया जब संसद के पूर्व स्पीकर ने विदेशी धरती—विशेषकर मुस्लिम और खाड़ी देशों में पाकिस्तानी नागरिकों की हो रही भारी फजीहत और बेइज्जती की दास्तान खुलकर सदन के सामने रख दी।

संसद में अपनी ही हुकूमत और व्यवस्था को घेरते हुए उन्होंने बेबाक अंदाज में स्वीकार किया कि आज दुनिया और इस्लामी मुल्कों में भारतीयों का जो सम्मान और दबदबा है, उसके सामने पाकिस्तानियों की कोई हैसियत या साख नहीं बची है।

'मुस्लिम मुल्कों के एयरपोर्ट्स पर पाकिस्तानियों को देखा जाता है शक की नजर से'

संसद के पटल पर अपनी आपबीती और अंतरराष्ट्रीय अनुभवों को साझा करते हुए पूर्व स्पीकर ने कहा कि एक समय था जब पाकिस्तानी पासपोर्ट को सम्मान की नजर से देखा जाता था, लेकिन आज हालात बदतर हो चुके हैं। खाड़ी देशों (गल्फ कंट्रीज) और अन्य मुस्लिम देशों के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर जब भारतीय और पाकिस्तानी पहुंचते हैं, तो दोनों के साथ होने वाले व्यवहार में जमीन-आसमान का फर्क साफ नजर आता है।

पूर्व स्पीकर ने तल्ख लहजे में कहा: "सच्चाई यह है कि आज भारतीयों के सामने हमारी कोई औकात नहीं रह गई है। जब कोई भारतीय इन मुल्कों में कदम रखता है, तो उसे एक सम्मानित प्रोफेशनल्स, आईटी एक्सपर्ट, डॉक्टर या बड़े कारोबारी के तौर पर देखा जाता है और उसका स्वागत होता है। वहीं दूसरी तरफ, जब कोई पाकिस्तानी वहां पहुंचता है तो इमिग्रेशन से लेकर सुरक्षा जांच तक उसे केवल शक की निगाहों से देखा जाता है। मुस्लिम देश होने के बावजूद वे हमारे नागरिकों पर भरोसा करने को तैयार नहीं हैं।"

भीख मांगने और अपराधों में संलिप्तता ने डुबोई देश की साख

सदन में इस बात पर भी गहरी चिंता जताई गई कि आखिर क्यों खाड़ी देशों (जैसे सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, कुवैत और कतर) ने पाकिस्तानियों के लिए वीजा नियमों को बेहद कड़ा कर दिया है।

उन्होंने बताया कि पाकिस्तान से उमराह और विजिट वीजा पर जाने वाले हजारों लोग वहां जाकर संगठित भीख मांगने, जेब तराशी और गैर-कानूनी गतिविधियों में लिप्त पाए जाते हैं। इसके चलते उन देशों की जेलों में बंद विदेशी कैदियों में पाकिस्तानियों की तादाद सबसे ज्यादा हो चुकी है। इस शर्मनाक स्थिति के कारण उन पढ़े-लिखे और ईमानदार पाकिस्तानी प्रोफेशनल्स को भी वीजा मिलने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है जो वहां काम करने जाना चाहते हैं।

भारत की तरक्की से सीख लेने और नीतियों में सुधार की नसीहत

पूर्व स्पीकर ने पाकिस्तानी हुक्मरानों को आत्ममंथन करने की सलाह देते हुए कहा कि भारत ने अपनी शिक्षा, मजबूत अर्थव्यवस्था, तकनीकी विकास और कूटनीति के दम पर पूरी दुनिया में अपना डंका बजाया है।

उन्होंने कहा कि जब तक पाकिस्तान अपने घरेलू हालात, अर्थव्यवस्था और शिक्षा व्यवस्था को दुरुस्त नहीं करेगा और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर केवल कर्ज और मदद मांगना बंद नहीं करेगा, तब तक दुनिया में पाकिस्तानी नागरिकों को वह सम्मान कभी नहीं मिल सकता। सदन में दिए गए इस तीखे बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने एक बार फिर पाकिस्तान के गिरते वैश्विक रसूख की कड़वी सच्चाई को उजागर कर दिया है।

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