TMC में बड़ी बगावत... ममता बनर्जी की बेहद करीबी सांसद छोड़ सकती हैं पद, भ्रष्टाचार के आरोपों से तंग आकर उठाया कदम

TMC में बड़ी बगावत... ममता बनर्जी की बेहद करीबी सांसद छोड़ सकती हैं पद, भ्रष्टाचार के आरोपों से तंग आकर उठाया कदम

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में करारी शिकस्त झेलने के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर का असंतोष अब खुलकर सामने आने लगा है। पार्टी सुप्रीमो ममता बनर्जी को जल्द ही लोकसभा में एक बहुत बड़ा झटका लग सकता है। बारासात संसदीय क्षेत्र से चार बार की वरिष्ठ सांसद और ममता बनर्जी की बेहद करीबी मानी जाने वाली काकोली घोष दस्तीदार अब सांसद पद से भी इस्तीफा दे सकती हैं। रविवार को ही उन्होंने पार्टी के जिला पदाधिकारी और महिला मोर्चा के अध्यक्ष पद से अपना इस्तीफा सौंप दिया है। राजनीतिक गलियारों में इस बात की पुरजोर चर्चा है कि वह जल्द ही टीएमसी को पूरी तरह अलविदा कह सकती हैं।

बेटे ने खोला राज: स्कैंडल्स और भ्रष्टाचार की वजह से परिवार की छवि को पहुंची ठेस

सांसद काकोली घोष दस्तीदार के इस हैरान करने वाले कदम के पीछे की असली वजह उनके बेटे वैद्यनाथ घोष के बयान से सामने आई है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वैद्यनाथ ने साफ कहा है कि ममता बनर्जी सरकार के दौरान हुए लगातार घोटालों ने उनके सम्मानित परिवार की छवि को भारी नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने बताया कि बारासात लोकसभा क्षेत्र की सात विधानसभा सीटों में से टीएमसी छह सीटें हार गई है। मेरी मां ने इसी खराब प्रदर्शन की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए और पिछले कई सालों से चल रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते हुए यह कड़ा कदम उठाया है। वह अब सांसद पद छोड़ने की भी पूरी तैयारी कर चुकी हैं।

नौकरी से लेकर राशन घोटाले तक, उंगली उठने पर तोड़ी चुप्पी

ममता बनर्जी के साथ अपनी मां के पुराने और गहरे पारिवारिक रिश्तों का जिक्र करते हुए वैद्यनाथ घोष ने कहा कि कोई कब तक इन सब गलत चीजों को बर्दाश्त कर सकता है? पार्थ चटर्जी के कार्यकाल में सरेआम नौकरियां बेची गईं, जिससे राज्य के लाखों पढ़े-लिखे युवा बेरोजगार हो गए। इसके बाद ज्योतिप्रिय मल्लिक को राशन घोटाले में रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। रही-सही कसर आरजी कर अस्पताल की शर्मनाक घटना ने पूरी कर दी। हम एक बेहद शिक्षित और समाज में सम्मानित परिवार से आते हैं। इतने सारे भ्रष्टाचार के संगीन आरोपों से घिरी सरकार के साथ खड़े रहने पर अब उंगलियां हम पर भी उठने लगी थीं। सिर्फ निजी पारिवारिक रिश्तों की वजह से मेरी मां अब तक चुप थीं, लेकिन अब पानी सिर से ऊपर जा चुका है।

क्या थामेंगी बीजेपी का दामन? गृह मंत्रालय की वाई श्रेणी सुरक्षा से बढ़ी हलचल

काकोली घोष दस्तीदार के इस विद्रोही रुख के बाद उनके भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने की अटकलें बेहद तेज हो गई हैं। इन कयासों को हवा तब और मिल गई जब हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें विशेष तौर पर 'वाई श्रेणी' (Y Category) की सुरक्षा मुहैया कराई है। हालांकि, बीजेपी में जाने के सवाल पर उनके बेटे ने कहा कि बात किसी दूसरी पार्टी में शामिल होने की नहीं है। उनकी मां बस यह स्पष्ट स्टैंड ले रही हैं कि वह अब इस व्यवस्था और भ्रष्टाचार का हिस्सा नहीं बनी रह सकतीं। उन्हें इस गंदे सिस्टम के खिलाफ अपनी आवाज उठानी ही थी।

मुख्य सचेतक पद से हटाए जाने के बाद भड़का पुराना दर्द

बारासात से लगातार चार बार सांसद चुनी गईं काकोली घोष दस्तीदार को तृणमूल कांग्रेस के सबसे पुराने और वफादार स्तंभों में गिना जाता है। हालांकि, हालिया चुनावी हार के बाद लोकसभा में पार्टी के मुख्य सचेतक (Chief Whip) पद से उन्हें अचानक हटा दिया गया था और उनकी जगह वरिष्ठ नेता कल्याण बनर्जी को नियुक्त किया गया था। इस सांगठनिक फेरबदल के कुछ ही दिनों बाद उनका यह बड़ा कदम सामने आया है। काकोली ने टीएमसी प्रदेश अध्यक्ष सुब्रत बख्शी को भेजे अपने त्यागपत्र में भले ही चुनावी हार की जवाबदेही का औपचारिक जिक्र किया हो, लेकिन उनका यह राजनीतिक संदेश स्थानीय संगठन से कहीं अधिक व्यापक है, जो सीधे तौर पर ममता बनर्जी के नेतृत्व को चुनौती दे रहा है।

 

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