'जेल में हुआ कैंसर, राहुल गांधी ने भी जताई थी जहर देने की आशंका': संजय राउत के दावे से सियासी भूचाल
महाराष्ट्र की राजनीति से लेकर देश के सियासी गलियारों तक एक अत्यंत चौंकाने वाले और सनसनीखेज दावे के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के मुख्य प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने आरोप लगाया है कि उन्हें हुआ पेट का कैंसर (गैस्ट्रिक कैंसर) मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद रहने के दौरान कथित 'धीमे जहर' (Slow Poisoning) का नतीजा हो सकता है। संजय राउत ने खुलासा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी उनसे मुलाकात के दौरान इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की थी और उन्हें शरीर में किसी भी प्रकार के जहरीले पदार्थ का पता लगाने के लिए टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट (Toxicology Test) कराने की सलाह दी थी। राउत के इस बयान के बाद विपक्षी दलों और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है।
राहुल गांधी से मुलाकात और 'टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट' की सलाह
पत्रकारों से बातचीत करते हुए संजय राउत ने राहुल गांधी के साथ हुई हालिया बातचीत का ब्योरा साझा किया। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले जब राहुल गांधी उनसे मिले, तो उन्होंने उनके स्वास्थ्य और कैंसर के उपचार के बारे में जानकारी ली।
राउत के अनुसार, बातचीत के दौरान राहुल गांधी ने कहा:
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"आप जैसे ऊर्जावान और स्वस्थ व्यक्ति को अचानक इतनी गंभीर बीमारी क्यों होनी चाहिए?"
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राउत ने दावा किया कि राहुल गांधी ने आशंका जताई कि मौजूदा सरकार राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ किसी भी हद तक जा सकती है। उन्होंने कहा कि जेल के भीतर विपक्ष के नेताओं के साथ कुछ भी अवांछित हो सकता है।
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राहुल गांधी ने उन्हें तुरंत एक विस्तृत मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने का सुझाव दिया, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि शरीर के भीतर किसी धीमे जहर या विषैले रासायनिक तत्व के अवशेष तो मौजूद नहीं हैं।
'जेल के खाने-पानी में मिलावट का शक': संजय राउत का सीधा आरोप
पत्रा चॉल पुनर्विकास मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा 1 अगस्त 2022 को गिरफ्तार किए गए संजय राउत 101 दिनों तक मुंबई की आर्थर रोड जेल में बंद रहे थे और 9 नवंबर 2022 को जमानत पर रिहा हुए थे। राउत ने बताया कि जेल से रिहा होने के बाद ही उनके स्वास्थ्य में गंभीर गिरावट आई और जांच में पेट के कैंसर की पुष्टि हुई, जिसके बाद उन्हें कीमोथेरेपी और रेडिएशन से गुजरना पड़ा।
राउत ने कहा, "मौजूदा सरकार इतनी बेरहम और क्रूर है कि वह कुछ भी करवा सकती है। मुझे अब ऐसा लगने लगा है कि जेल में रहते हुए भोजन या पानी के जरिए कोई हानिकारक पदार्थ मेरे शरीर में पहुंचाया गया, जिससे कैंसर की शुरुआत हुई। जेल जाकर बाहर आए अन्य विपक्षी नेताओं की शारीरिक स्थिति भी बाहर आने के बाद तेजी से बिगड़ी है, जिसकी गहराई से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। मैं बहुत जल्द राहुल जी की सलाह पर यह विशेष मेडिकल परीक्षण कराने जा रहा हूं।"
जेल संस्मरण 'नरकातला स्वर्ग' और स्वास्थ्य संघर्ष
संजय राउत ने जेल में बिताए अपने 101 दिनों के कड़वे अनुभवों को अपनी चर्चित मराठी पुस्तक 'नरकातला स्वर्ग' (नरक में स्वर्ग) में भी कलमबद्ध किया है। उन्होंने अपनी किताब और साक्षात्कारों में बार-बार इस बात का उल्लेख किया है कि जेल में रहने के दौरान बुनियादी सुविधाओं, स्वच्छ पानी और स्वास्थ्य व्यवस्था की भारी उपेक्षा की जाती है। कैंसर की पहचान होने के बाद राउत कई महीनों तक सक्रिय सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक मंचों से पूरी तरह दूर रहे थे और डॉक्टरों की कड़ी निगरानी में उनका उपचार चला था।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं: विपक्ष हमलावर, सत्ता पक्ष ने बताया 'सहानुभूति बटोरने का हथकंडा'
संजय राउत के इस सनसनीखेज बयान के बाद राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं:
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महाविकास अघाड़ी (MVA) का समर्थन: विपक्षी दलों ने जेलों में बंद राजनीतिक कैदियों की सुरक्षा और मानवाधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं का कहना है कि केंद्रीय एजेंसियों और जेल प्रशासन का राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
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भाजपा और महायुति का पलटवार: सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना (शिंदे गुट) के नेताओं ने राउत के इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद और हास्यास्पद करार दिया है। सत्ता पक्ष के प्रवक्ताओं का कहना है कि संजय राउत अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने और सहानुभूति बटोरने के लिए इस तरह की मनगढ़ंत और आधारहीन कहानियां गढ़ रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उन्हें ऐसा कोई शक था, तो उन्होंने अदालत में रिहाई के तुरंत बाद यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया।
संजय राउत द्वारा टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने की घोषणा के बाद यह मामला अब केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले दिनों में इसके मेडिकल और कानूनी पहलुओं को लेकर सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।