फ्लाईदुबई विमान को क्रैश कराकर गाजा का बदला लेना चाहता था को-पायलट हम्मामी, पूछताछ में बड़े खुलासे
दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान संख्या एफजेड1073 (FZ1073) में कॉकपिट के भीतर हुई जानलेवा झड़प और विमान क्रैश की साजिश को लेकर वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों की जांच में बेहद चौंकाने वाले और खौफनाक खुलासे सामने आए हैं। 174 यात्रियों और चालक दल के सदस्यों से भरे इस विमान को हवा में ही हाइजैक कर इजरायल पर 9/11 जैसा बड़ा हमला करने की फिराक में बैठे को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल कर लिया है। जांच एजेंसियों के सामने उसने साफ तौर पर स्वीकार किया है कि उसका मुख्य मकसद गाजा युद्ध का बदला लेने के लिए इजरायल को गहरा जख्म देना और खुद शहीद होकर नायक (हीरो) बनना था।
नमाज का बहाना बनाकर भारतीय कैप्टन पर किया था जानलेवा हमला
जांच रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान के दौरान जब विमान बीच हवा में था, तब ओमानी मूल के को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में नमाज पढ़ने का बहाना बनाया। मौका पाते ही उसने विमान के मुख्य पायलट भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से अचानक जानलेवा हमला कर दिया। आरोपी की योजना कैप्टन स्मित को कॉकपिट के भीतर ही मौत के घाट उतारकर विमान का पूरा नियंत्रण अपने हाथ में लेने की थी। हमले के बाद उसने विमान के नियंत्रण को तेजी से नीचे की ओर मोड़ दिया, जिसके कारण विमान महज 30 सेकंड के भीतर लगभग 14,000 फीट नीचे गिर गया और केबिन में मौजूद यात्रियों में चीख-पुकार मच गई।
तेल अवीव की इमारतों या एयरपोर्ट से टकराने की थी साजिश
हम्मामी ने पूछताछ में कबूल किया कि यदि वह कैप्टन को मारने में सफल हो जाता, तो वह विमान को तेल अवीव ले जाता और वहां बेन गुरियन इंटरनेशनल एयरपोर्ट या शहर की गगनचुंबी इमारतों से सीधे टकरा देता। वह अधिकतम जान-माल का नुकसान पहुंचाकर इजरायल के खिलाफ एक खौफनाक मिसाल कायम करना चाहता था। उसने जांच अधिकारियों से कहा कि वह आम मौत मरने के बजाय 'शहीद' की तरह मरना चाहता था। हालांकि, गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ होने के बावजूद भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार ने अदम्य साहस का परिचय दिया। उन्होंने अंतिम सांस तक लड़ते हुए कॉकपिट का दरवाजा अनलॉक कर दिया, जिसके बाद विमान में मौजूद ऑफ-ड्यूटी क्रू और यात्रियों ने अंदर घुसकर हम्मामी को काबू में कर लिया। इसके बाद विमान को सुरक्षित रूप से सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर लैंड कराया गया।
महीनों पहले से रच रहा था साजिश, पहले भी की थी रेकी
संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और इजरायल की आंतरिक सुरक्षा एजेंसी 'शिन बेट' (Shin Bet) द्वारा की जा रही संयुक्त पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह कोई अचानक उठाया गया कदम नहीं था, बल्कि हम्मामी महीनों पहले से इस हमले की योजना बना रहा था। जांच में खुलासा हुआ कि वह इसी साल की शुरुआत में भी तेल अवीव की यात्रा कर चुका था। उस दौरान उसने बेन गुरियन एयरपोर्ट के लेआउट, लैंडिंग ट्रैजेक्टरी और सुरक्षा प्रोटोकॉल की बाकायदा रेकी की थी। उसने जुलाई में भी इसी तरह के हमले की साजिश रची थी, लेकिन अंतिम क्षणों में किसी तकनीकी या रणनीतिक कारण से योजना को टाल दिया गया था।
लोन वुल्फ हमला या किसी आतंकी संगठन का हाथ?
सुरक्षा एजेंसियां अब इस बात की गहनता से पड़ताल कर रही हैं कि क्या हम्मामी ने इस पूरी वारदात को अकेले (Lone Wolf) अंजाम देने की कोशिश की थी या फिर वह किसी अंतरराष्ट्रीय आतंकी संगठन के सीधे संपर्क में था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, हम्मामी पहले ओमान एयर में काम करता था, लेकिन चरमपंथी विचारों के चलते उसे वहां से नौकरी से निकाल दिया गया था। इसके बावजूद कुछ महीने पहले फ्लाईदुबई ने उसे नौकरी पर रख लिया था। इजरायली कैबिनेट को दी गई जानकारी के अनुसार, हम्मामी ने हाल के वर्षों में इजरायल विरोधी कुछ देशों की संदिग्ध यात्राएं भी की थीं, जिसके चलते उसके मोबाइल डेटा, कॉल रिकॉर्ड्स और विदेशी संपर्कों की फोरेंसिक जांच की जा रही है।
विमानन सुरक्षा और बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर उठे गंभीर सवाल
इस सनसनीखेज खुलासे के बाद खाड़ी देशों और वैश्विक विमानन जगत में एयरलाइंस की सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों के बैकग्राउंड वेरिफिकेशन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। इजरायल में भी विदेशी विमानों की सुरक्षा निगरानी को लेकर राजनीतिक बहस छिड़ गई है। जानकारों का कहना है कि यदि कैप्टन स्मित मच्छार समय रहते अदम्य साहस नहीं दिखाते, तो मध्य-पूर्व में एक ऐसा भयानक विमान हादसा घटित हो सकता था जिसकी गूंज दशकों तक सुनाई देती। फिलहाल आरोपी हम्मामी यूएई और इजरायली एजेंसियों की कड़ी हिरासत में है और उससे जुड़े नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।