किरण ट्रेनर में कराईं हवा में हैरतअंगेज कलाबाजियां, रिटायरमेंट से पहले कायम की मिसाल
भारतीय आसमान के सबसे शीर्ष सैन्य अधिकारी और वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल अमर प्रीत सिंह (एपी सिंह) ने देश की भावी पीढ़ी को प्रेरित करने के लिए एक अभूतपूर्व और दिल को छू लेने वाली मिसाल पेश की है। हैदराबाद के पास दुंडीगल में स्थित विख्यात वायुसेना अकादमी (Air Force Academy - AFA) में एयर चीफ मार्शल ने नेशनल कैडेट कोर (NCC) की होनहार सीनियर विंग कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी को भारतीय वायुसेना के प्रतिष्ठित एचजेटी-16 'किरण' इंटरमीडिएट जेट ट्रेनर विमान के कॉकपिट में अपने साथ बिठाकर आसमान की सैर कराई। यह ऐतिहासिक सॉर्टी 20 अक्टूबर को पूरी की गई, जिसमें वायुसेना प्रमुख ने स्वयं एयरक्राफ्ट की कमान संभाली और युवा कैडेट को कॉकपिट संचालन, जेट इंजन की बारीकियों से लेकर आसमान में तेज रफ्तार तीखे मोड़ों और जटिल कलाबाजियों (एयरोबेटिक्स) का वास्तविक और रोमांचक व्यावहारिक अनुभव कराया। देश के किसी सेवारत वायुसेना प्रमुख द्वारा एनसीसी कैडेट के साथ इस तरह खुद विमान उड़ाना भारतीय सैन्य इतिहास में युवाओं के सशक्तीकरण और विमानन क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का एक शानदार प्रमाण बनकर सामने आया है।
उड़ान से पहले सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल: कॉकपिट ब्रीफिंग से लेकर मेडिकल जांच और इजेक्शन ड्रिल
रक्षा मंत्रालय और भारतीय वायुसेना की ओर से शुक्रवार को जारी आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, आसमान में उड़ान भरने से पहले कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी को एक नियमित फाइटर पायलट की तरह सख्त सैन्य मानकों और सुरक्षा प्रक्रियाओं से गुजारा गया। उड़ान से पूर्व उनका गहन चिकित्सकीय परीक्षण (Medical Examination) किया गया ताकि अत्यधिक जी-फोर्स (G-Force) और ऊंचाई पर शारीरिक अनुकूलता सुनिश्चित हो सके। इसके बाद कैडेट को किरण विमान के डुअल-कंट्रोल कॉकपिट लेआउट, विभिन्न एवियोनिक्स गेज, एल्टीमीटर, थ्रॉटल और आपातकालीन प्रणालियों की विस्तृत जानकारी दी गई। उड़ान के दौरान किसी भी अप्रत्याशित तकनीकी खराबी की स्थिति में जान बचाने के लिए अनिवार्य इजेक्शन सीट के संचालन और त्वरित निकास (Ejection Procedure) का सघन अभ्यास भी कराया गया। कॉकपिट में बैठने से ठीक पहले एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने व्यक्तिगत रूप से तेजस्वी को जेट इंजन के काम करने के तरीके, एयरफ्रेम के महत्वपूर्ण एरोडायनामिक हिस्सों, रडार, फ्लाइट कंट्रोल और सुरक्षा तंत्र के बारे में जमीन पर विस्तार से समझाया।
आसमान में हैरतअंगेज कलाबाजियां: तीखे मोड़, स्टीप टर्न और स्टंट्स का कैडेट ने खुद किया अभ्यास
रनवे से उड़ान भरने के बाद वायुसेना प्रमुख ने कैडेट तेजस्वी को भारतीय वायुसेना के प्रशिक्षण का सबसे रोमांचक और चुनौतीपूर्ण पहलू दिखाया। हवा में पहुंचकर एयर चीफ मार्शल ने किरण ट्रेनर विमान को अलग-अलग कोणों (Different Angles) पर झुकाते हुए तीखे मोड़ों (Sharp Turns) और एरोबैटिक मैन्युवर्स का सजीव प्रदर्शन किया। विमान जब तेज गति से आकाश में गोते खा रहा था, तब वायुसेना प्रमुख ने फ्लाइट कंट्रोल की बारीकियां समझाते हुए अपने प्रत्यक्ष मार्गदर्शन में कैडेट तेजस्वी को भी विमान के कंट्रोल्स संभालने और इन कठिन कलाबाजियों का खुद अनुभव करने का दुर्लभ अवसर दिया। कॉकपिट के भीतर से मिले इस व्यावहारिक ज्ञान ने कैडेट तेजस्वी को कॉम्बैट फ्लाइंग और एविएशन डायनामिक्स की जमीनी हकीकत से सीधे रूबरू कराया। यह अनूठा अनुभव न केवल उनके लिए जीवन भर न भूलने वाला पल बन गया, बल्कि भारतीय सशस्त्र बलों में एक पेशेवर सैन्य पायलट बनने के उनके बचपन के सपने को नई ऊंचाई और मजबूत पंख दे गया।
सेवानिवृत्ति से पहले एयर चीफ मार्शल की भावुक विदाई उड़ान: अपने पहले गुरु विंग कमांडर वीएस कोचर संग साझा किया कॉकपिट
यह पूरा घटनाक्रम वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के शानदार सैन्य करियर के लिहाज से भी एक अत्यंत भावुक और ऐतिहासिक क्षण था। अपनी आगामी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले 20 अक्टूबर को ही उन्होंने वायुसेना अकादमी के रनवे से स्वदेशी एचजेटी-16 किरण एमके-1 (HJT-16 Kiran Mk-1) ट्रेनर एयरक्राफ्ट से अपने करियर की अंतिम औपचारिक सॉर्टी भरी। इस विदाई उड़ान की सबसे खास और दिल छू लेने वाली बात यह रही कि कॉकपिट में उनके साथ उनके पहले उड़ान प्रशिक्षक (Flying Instructor), सेवानिवृत्त विंग कमांडर वीएस कोचर मौजूद थे। दशकों पहले जिस गुरु की उंगली पकड़कर उन्होंने लड़ाकू विमान उड़ाने की बुनियादी शिक्षा हासिल की थी, अपने करियर की अंतिम उड़ान में उसी गुरु को साथ बैठाकर उन्होंने भारतीय वायुसेना की समृद्ध गुरु-शिष्य परंपरा और सर्वोच्च सैन्य मर्यादाओं का सम्मान किया। युवा कैडेट को प्रेरणा देने और अपने पुराने गुरु को श्रद्धांजलि अर्पित करने का यह दोहरा संयोग दुंडीगल अकादमी में मौजूद सभी प्रशिक्षु अधिकारियों और कैडेट्स के लिए एक अविस्मरणीय लम्हा बन गया।
युवाओं और महिला कैडेट्स के लिए बना प्रेरणा का स्रोत: भारतीय सेनाओं में एविएशन करियर की नई राह
हैदराबाद के दुंडीगल एयरफोर्स बेस से आई इन तस्वीरों और रक्षा मंत्रालय के बयान ने पूरे देश के युवाओं में जबरदस्त जोश भर दिया है। एनसीसी कैडेट जक्कुला तेजस्वी रेड्डी के साथ वायुसेना प्रमुख की यह सॉर्टी इस बात का स्पष्ट संदेश है कि भारतीय सेनाएं देश के युवाओं और विशेष रूप से बेटियों को विमानन और लड़ाकू भूमिकाओं में आगे लाने के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। आज जब भारतीय वायुसेना में महिला फाइटर पायलट अग्रिम मोर्चों पर सुखोई-30 एमकेआई और राफेल जैसे अत्याधुनिक लड़ाकू विमान उड़ा रही हैं, ऐसे में एक साधारण एनसीसी कैडेट को सीधे एयर चीफ के साथ कॉकपिट साझा करने का अवसर मिलना यह साबित करता है कि लगन और अनुशासन से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। इस ऐतिहासिक उड़ान की गूंज देश भर के एनसीसी कैंपों, स्कूलों और कॉलेजों में सुनी जा रही है, जो हजारों युवाओं को राष्ट्र सेवा और भारतीय वायुसेना में करियर चुनने के लिए प्रेरित कर रही है।