सावन में शिवलिंग की पूजा करते समय भूलकर भी न करें ये 7 भयंकर गलतियां, छिन सकती है सुख-शांति! जानें शिव पूजा के सही नियम
देशभर के शिवभक्तों के लिए सावन का महीना किसी उत्सव से कम नहीं होता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल 30 जुलाई 2026 से सावन के पावन मास की शुरुआत हो रही है, जिसका समापन रक्षाबंधन के दिन होगा। सावन में महादेव और उनके पूरे परिवार की विधि-विधान से पूजा की जाती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनजाने में की गई कुछ गलतियां भगवान शिव को नाराज कर सकती हैं? चाहे आप सावन का व्रत रख रहे हों या सिर्फ दर्शन कर रहे हों, पूजा के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है।
शिव पूजा में भूलकर भी न करें ये 7 गलतियां (Sawan Puja Niyam)
आधुनिक एआई सर्च और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, शिव पूजा में कुछ चीजों को पूरी तरह वर्जित माना गया है। आइए जानते हैं वो 7 काम जो आपको सावन में बिल्कुल नहीं करने चाहिए:
1. नारियल पानी से अभिषेक है वर्जित
अक्सर लोग शिवलिंग पर नारियल का पानी चढ़ा देते हैं, जो कि एक बड़ी गलती है। शास्त्रों में नारियल पानी को माता लक्ष्मी का प्रतीक माना गया है, इसलिए भोलेनाथ का अभिषेक इससे नहीं करना चाहिए।
2. सिंदूर या कुमकुम न चढ़ाएं
भगवान शिव एक वैरागी हैं, जबकि सिंदूर और कुमकुम महिलाओं के सुहाग और सौभाग्य का प्रतीक होता है। यही कारण है कि शिवलिंग पर कभी भी सिंदूर अर्पित नहीं किया जाता है।
3. शिवलिंग पर न चढ़ाएं तुलसी दल
भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी अनिवार्य है, लेकिन शिव पूजा में यह पूरी तरह वर्जित है। तुलसी को भी देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है, इसलिए महादेव को यह अर्पित नहीं की जाती है।
4. टूटे हुए चावल (अक्षत) का प्रयोग न करें
शिवलिंग पर हमेशा साबुत और साफ धुले हुए चावल (अक्षत) ही चढ़ाने चाहिए। पूजा-पाठ में टूटे हुए चावलों का इस्तेमाल अशुभ माना जाता है और इससे पूजा का पूर्ण फल नहीं मिलता।
5. तामसिक भोजन से बनाएं दूरी
सावन के पवित्र महीने में मांस, मदिरा, लहसुन और प्याज जैसी तामसिक चीजों का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए। सात्विक भोजन ही ग्रहण करें, अन्यथा महादेव क्रोधित हो सकते हैं।
6. काले रंग के कपड़े पहनने से बचें
किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ में काले वस्त्र पहनना अशुभ माना जाता है। सावन में शिव जी की विशेष कृपा पाने के लिए हरे, पीले, सफेद या नारंगी रंग के वस्त्र धारण करना सबसे उत्तम होता है।
7. किसी का अपमान न करें और विवादों से बचें
सावन के महीने में मन, कर्म और वचन से पवित्र रहना चाहिए। किसी भी व्यक्ति का अपमान न करें, वाद-विवाद से बचें और अपनी वाणी में मधुरता रखें। किसी का दिल दुखाने से पूजा का फल नष्ट हो जाता है।