'10 हजार रन बनाने के बाद मुझे भी कर दिया था बाहर'; मोहम्मद शमी को टीम से बाहर रखने पर बोले सौरव गांगुली, दिया वापसी का गुरुमंत्र
भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी के चयन को लेकर मचे घमासान के बीच पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने बड़ा बयान दिया है। लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर चल रहे 36 वर्षीय शमी को लेकर जहां चयनकर्ताओं के रुख पर सवाल उठ रहे थे, वहीं 'दादा' ने चयनकर्ताओं के फैसले का बचाव करते हुए शमी को अपना खुद का उदाहरण देकर हौसला बनाए रखने की सलाह दी है।
गांगुली ने साफ किया कि शमी जैसे दिग्गज गेंदबाज को नजरअंदाज नहीं किया जा रहा है, बल्कि उम्र और टीम संयोजन के चलते खिलाड़ियों के करियर में ऐसे पड़ाव आते रहते हैं। गांगुली ने अपने दौर को याद करते हुए बताया कि 10 हजार अंतरराष्ट्रीय रन बनाने के बावजूद जब उन्हें वनडे वर्ल्ड कप से एक साल पहले टीम से बाहर कर दिया गया था, तब उन्होंने भी हार नहीं मानी थी और घरेलू क्रिकेट में पसीना बहाकर दोबारा राष्ट्रीय टीम में वापसी की थी।
'उम्र बढ़ने के साथ ऐसा होता है': गांगुली ने याद किया अपना पुराना दौर
कोलकाता में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए सौरव गांगुली ने शमी के मौजूदा हालात की तुलना अपने करियर के सबसे कठिन दौर से की:
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नजरअंदाज करने की बात से इनकार: गांगुली ने कहा, "उसे नजरअंदाज नहीं किया गया है। उसने देश के लिए काफी क्रिकेट खेला है और वह एक बेहतरीन खिलाड़ी हैं। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ ऐसा हर खिलाड़ी के साथ होता है।"
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10,000 रन के बाद ड्रॉप होने का दर्द: गांगुली ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, "जब मैंने वनडे में 10,000 से अधिक रन बना लिए थे, तब भी मुझे वर्ल्ड कप से एक साल पहले टीम से बाहर कर दिया गया था। उस समय मैंने घरेलू क्रिकेट खेलकर अपनी वापसी का रास्ता खुद तैयार किया था। इसलिए यह खेल का हिस्सा है और हर बड़े खिलाड़ी के जीवन में आता है।"
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घरेलू क्रिकेट में प्रदर्शन की तारीफ: पूर्व कप्तान ने इस बात पर खुशी जताई कि शमी टीम से बाहर होने के बाद निराश बैठने के बजाय लगातार घरेलू क्रिकेट में गेंदबाजी कर रहे हैं और बल्लेबाजों को परेशान कर रहे हैं।
2027 वर्ल्ड कप में शमी की जगह पर बोले: 'अभी बहुत दूर है'
जब सौरव गांगुली से पूछा गया कि क्या मोहम्मद शमी साल 2027 में दक्षिण अफ्रीका में होने वाले आगामी वनडे विश्व कप का हिस्सा बन सकते हैं, तो उन्होंने इस पर कोई भी जल्दबाजी भरा बयान देने से परहेज किया।
गांगुली ने कहा, "अगला वनडे वर्ल्ड कप अभी काफी दूर है। यह अक्टूबर 2027 में खेला जाना है, जिसमें अभी लंबा वक्त बाकी है। इतनी दूर की बात पर अभी से कुछ कहना ठीक नहीं होगा।" उन्होंने संकेत दिया कि 36 साल की उम्र में तेज गेंदबाज के लिए वर्कलोड और फिटनेस सबसे बड़ी चुनौती होती है, और शमी का भविष्य पूरी तरह से उनकी आने वाली फिटनेस पर निर्भर करेगा।
दलीप ट्रॉफी में शमी ने गेंद से बरपाया कहर
चैंपियंस ट्रॉफी के बाद से भारतीय टीम से बाहर चल रहे मोहम्मद शमी ने हाल ही में संपन्न हुई दलीप ट्रॉफी में अपनी लय और धार का शानदार प्रदर्शन किया है:
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फाइनल में मैच-विनिंग स्पेल: दलीप ट्रॉफी के फाइनल मुकाबले में पूर्वी क्षेत्र की ओर से खेलते हुए शमी ने दक्षिण क्षेत्र के मध्यक्रम को झकझोर दिया।
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अहम विकेट चटकाए: शमी ने सेट बल्लेबाज रविचंद्रन स्मरण और शेख रशीद के बहुमूल्य विकेट चटकाकर अपनी टीम को पहली पारी में निर्णायक बढ़त दिलाई, जिसके दम पर पूर्वी क्षेत्र ने खिताब पर कब्जा जमाया।
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तेज गेंदबाजी का अनुभव: लाल गेंद से लंबे स्पेल फेंककर शमी ने यह साबित कर दिया है कि उनके पास आज भी टेस्ट क्रिकेट की गति और स्विंग दोनों मौजूद हैं।
शमी का इरादा पक्का: 'प्रेरणा तलाशने की जरूरत नहीं, नजरें अगले स्तर पर'
दलीप ट्रॉफी जीतने के बाद मोहम्मद शमी ने भी राष्ट्रीय टीम में वापसी को लेकर अपनी मंशा साफ कर दी है। शमी ने कहा कि जब तक उनके भीतर क्रिकेट खेलने का जज्बा है, वे हर स्तर पर अपना शत-प्रतिशत देते रहेंगे।
शमी ने कहा, "अगर आप प्रेरणा के कारण तलाशें, तो प्रेरित रहने के बहुत सारे कारण हैं। इस स्तर पर अगर आप खुद से प्रेरित नहीं होते हैं, तो आपका नजरिया ही गलत है। आप अपने करियर के किसी भी पड़ाव पर खेल रहे हों, आपकी नजरें हमेशा अगले स्तर पर होनी चाहिए।"
साल 2023 के विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फाइनल के बाद से टेस्ट टीम से दूर चल रहे शमी अब घरेलू टूर्नामेंट्स में लगातार विकेट चटकाकर चयनकर्ताओं के दरवाजे खटखटाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।