16 टेस्ट मैचों में 12 हार के बाद टूटे शान मसूद, कप्तानी छोड़ने के सवाल पर PCB को लेकर दिया बड़ा बयान
पाकिस्तान क्रिकेट टीम के लिए शर्मनाक हार और खराब प्रदर्शन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। बांग्लादेश के खिलाफ सिलहट में खेले गए मुकाबले में 78 रनों की करारी शिकस्त झेलने के साथ ही पाकिस्तान ने टेस्ट सीरीज भी गंवा दी है। इस ऐतिहासिक और निराशाजनक हार के बाद पाकिस्तानी टेस्ट कप्तान शान मसूद के भविष्य पर सवाल उठने लगे हैं। मैच के बाद आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब मसूद से उनकी कप्तानी को लेकर तीखे सवाल पूछे गए, तो उन्होंने अपने पद पर बने रहने या न रहने का पूरा फैसला पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के पाले में डाल दिया। आपको बता दें कि शान मसूद की कप्तानी में पाकिस्तान क्रिकेट टीम की यह लगातार सातवीं हार है, जिसने फैंस को बेहद निराश किया है।
बांग्लादेश के सामने ढेर हुई पाकिस्तानी टीम, बने कई शर्मनाक रिकॉर्ड्स
सिलहट टेस्ट में मिली यह शिकस्त विदेशों में पाकिस्तान के अब तक के सबसे खराब प्रदर्शन के बराबर है। इतना ही नहीं, यह बांग्लादेश के खिलाफ पाकिस्तान की लगातार चौथी टेस्ट हार भी दर्ज हुई है, जो पाकिस्तानी क्रिकेट इतिहास में एक बेहद शर्मनाक रिकॉर्ड है। इससे पहले पाकिस्तान के साथ ऐसा केवल जिम्बाब्वे के खिलाफ ही हुआ था। कप्तान के तौर पर शान मसूद के आंकड़े बेहद डराने वाले हैं। उनकी अगुवाई में खेले गए 16 टेस्ट मैचों में से पाकिस्तान को 12 में हार का सामना करना पड़ा है। इस अनचाहे रिकॉर्ड के साथ वह पाकिस्तान के इतिहास में सबसे ज्यादा टेस्ट मैच हारने वाले कप्तानों की लिस्ट में दूसरे स्थान पर आ गए हैं। विश्व टेस्ट इतिहास में ब्रेंडन टेलर और शाकिब अल हसन ही ऐसे दो कप्तान हैं जिन्होंने अपने शुरुआती 16 टेस्ट मैचों में मसूद से ज्यादा हार का सामना किया है।
चाहे कप्तान रहूं या सिर्फ खिलाड़ी, हमेशा जान लगा दूंगा: भावुक हुए मसूद
कप्तानी के सवाल पर बेहद भावुक होते हुए शान मसूद ने कहा, "मेरी मंशा हमेशा नेक रही है। मैंने यह जिम्मेदारी पाकिस्तान के टेस्ट क्रिकेट में सुधार लाने के लिए ली थी। कुछ गंभीर मुद्दे हैं जिन पर बोर्ड से चर्चा करनी होगी और अंतिम निर्णय हमेशा पीसीबी का ही होता है। लेकिन मेरी कोशिश हमेशा इस टीम को बेहतर बनाने की रही है।" मसूद ने आगे कहा, "मैं चाहे टीम में किसी भी भूमिका में रहूं, हमेशा अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा - चाहे वह कप्तान के तौर पर हो या फिर एक खिलाड़ी के तौर पर। भविष्य में क्या होगा कोई नहीं जानता, लेकिन मैंने हमेशा इस जर्सी को गर्व से पहना है और इसके लिए अपना सब कुछ कुर्बान किया है। इस समय बदलाव की बात करने से ज्यादा जरूरी पाकिस्तान टेस्ट क्रिकेट को बेहतर बनाने के बारे में सोचना है।"
हाथ आए मौकों को गंवाना पाकिस्तान को पड़ा भारी
इस पूरी सीरीज के दौरान पाकिस्तान ने मैच पर पकड़ बनाने के कई सुनहरे मौके गंवाए। सिलहट टेस्ट की बात करें तो बांग्लादेश की टीम एक समय महज 116 रन पर 6 विकेट खोकर गहरे संकट में थी, लेकिन पाकिस्तानी गेंदबाज इस दबाव को कायम नहीं रख सके और लिटन दास ने शानदार शतक लगाकर बांग्लादेश की पारी को संभाल लिया। साल 2024 में भी इन दोनों टीमों के बीच हुए मुकाबलों में पाकिस्तान ने जीत के ऐसे ही कई मौकों को हाथ से जाने दिया था। मसूद ने टीम चयन को लेकर होने वाली आलोचनाओं और भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को खारिज करते हुए जोर दिया कि ऊपरी तौर पर व्यापक बदलाव करने के बजाय क्रिकेट के बुनियादी स्तर पर ध्यान देने की जरूरत है।
मसूद ने की टीम की तरफ से माफी, ढांचागत बदलावों की उठाई मांग
सीरीज के नतीजों पर बात करते हुए पाकिस्तानी कप्तान ने स्वीकार किया कि मैच हारना हमेशा तकलीफदेह होता है। उन्होंने कहा, "इस सीरीज के दोनों मैचों में हमारे पास वापसी करने के बेहतरीन मौके थे जिन्हें हम भुना नहीं पाए। अब हमें टीम में किसी जल्दबाजी या इमोशनल फैसले के बजाय ढांचागत (Structural) बदलाव करने होंगे। हमें इन हार के मूल कारणों को समझना होगा और भावनाओं को दरकिनार रखकर फैसले लेने होंगे।" कप्तान ने अपनी बात खत्म करते हुए कहा कि इस शर्मनाक प्रदर्शन से पूरी टीम को बहुत ठेस पहुंची है और हम फैंस से तहे दिल से माफी मांगते हैं। अब देखना होगा कि पीसीबी मसूद की कप्तानी पर क्या अंतिम फैसला लेता है।