लोकसभा में तल्खी के बाद एक्शन में अखिलेश यादव! माहौल बिगड़ने पर स्पीकर ओम बिरला से की मुलाकात

लोकसभा में तल्खी के बाद एक्शन में अखिलेश यादव! माहौल बिगड़ने पर स्पीकर ओम बिरला से की मुलाकात

संसद के मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में तीखी बयानबाजी और तल्ख प्रतिक्रियाओं के बाद माहौल गरमा गया। इसके तुरंत बाद समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से उनके कक्ष में मुलाकात की। सदन के भीतर चेयर को लेकर की गई एक टिप्पणी के बाद पैदा हुए तनाव को कम करने के संदर्भ में इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।

लोकसभा में क्यों भड़के थे सपा चीफ?

दरअसल, सदन की कार्यवाही के दौरान छात्रों के मुद्दे पर हंगामा हो रहा था। तभी स्पीकर द्वारा सत्ता पक्ष और फिर कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल को बोलने का मौका दिए जाने पर अखिलेश यादव नाराज हो गए। उन्होंने तल्ख अंदाज में सवाल उठा दिया कि क्या दोनों पक्षों के बीच कोई डील हो गई है, जिससे केवल चुनिंदा लोगों को ही बोलने दिया जा रहा है। उनके इस बयान के बाद सदन का माहौल अचानक काफी गर्म हो गया था।

कांग्रेस ने श्रेय की होड़ की खबरों को किया खारिज

अखिलेश यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि विपक्ष के भीतर छात्रों के मुद्दे पर श्रेय लेने की होड़ मची है। हालांकि, कांग्रेस सांसद मनिक्कम टैगोर ने इन अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि अखिलेश यादव की नाराजगी केवल निष्पक्ष मौका न मिलने को लेकर थी, कोई आपसी मतभेद नहीं है। उन्होंने साफ किया कि NEET और छात्र हितों के मुद्दे पर पूरा विपक्ष पूरी तरह से एकजुट है।

'यह किसी पार्टी का नहीं, युवाओं का मुद्दा है'

अखिलेश यादव ने सदन के बाहर अपनी बात दोहराते हुए कहा कि यह मुद्दा सपा, कांग्रेस या बीजेपी का नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नौजवानों के भविष्य से जुड़ा है। प्रधानमंत्री आवास के बाहर प्रदर्शन का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी और वे मजबूरी में वहां गए थे। अगर सरकार संसद में छात्रों की आवाज सुन लेती और प्रधानमंत्री बयान दे देते, तो किसी को सड़कों पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ती।

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