बसपा से निष्कासित हाजी दद्दन खां पर ओवैसी की AIMIM में शामिल होते ही गिरी गाज: रोड शो और शक्ति प्रदर्शन पर केस

बसपा से निष्कासित हाजी दद्दन खां पर ओवैसी की AIMIM में शामिल होते ही गिरी गाज: रोड शो और शक्ति प्रदर्शन पर केस

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट के बीच सियासी उठापटक का दौर तेज हो गया है। इसी कड़ी में श्रावस्ती की राजनीति में बड़ा फेरबदल देखने को मिला, जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) से निष्कासित नेता और 2024 लोकसभा चुनाव के पूर्व प्रत्याशी हाजी दद्दन खां ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया। हालांकि, नई राजनीतिक पारी की शुरुआत होते ही उनकी कानूनी मुश्किलें बढ़ गईं। पार्टी में शामिल होने के दौरान जिले में बिना प्रशासनिक अनुमति के भारी भीड़ जुटाने, शक्ति प्रदर्शन करने और रोड शो निकालने के आरोप में पुलिस ने हाजी दद्दन खां और AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली समेत 50 से 60 कार्यकर्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

बिना परमिशन रोड शो और शक्ति प्रदर्शन का आरोप

मामला श्रावस्ती जिले के भिनगा और सिरसिया क्षेत्र का है। शनिवार को हाजी दद्दन खां को AIMIM की सदस्यता दिलाने के लिए पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की मौजूदगी में बड़ी संख्या में समर्थक और कार्यकर्ता जुटे थे। इस दौरान दर्जनों चार पहिया वाहनों और बाइकों पर पार्टी के झंडे-बैनर लगाकर काफिले के रूप में एक विशाल रोड शो निकाला गया।

पुलिस के अनुसार, इस पूरे शक्ति प्रदर्शन और जुलूस के लिए जिला प्रशासन या पुलिस विभाग से कोई पूर्व अनुमति (परमिशन) नहीं ली गई थी। मुख्य मार्ग पर लंबा काफिला निकलने की वजह से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और कई घंटों तक भीषण जाम की स्थिति बनी रही, जिससे आम राहगीरों और मरीजों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

भिनगा कोतवाली के पास काफिले को पुलिस ने रोका

काफिला जब भिनगा कोतवाली के पास पहुंचा, तो पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए गाड़ियों के काफिले को सड़क पर ही रोक लिया। मौके पर पुलिस अधिकारियों और AIMIM नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक और पूछताछ का दौर चला। बाद में सीओ भिनगा भरत पासवान के हस्तक्षेप और बातचीत के बाद ही काफिला आगे बढ़ सका।

इसके बाद काफिला भुजंगा, लक्ष्मनपुर बाजार और जोखवा बाजार होते हुए सिरसिया पहुंचा, जहां आयोजित जनसभा में शौकत अली ने हाजी दद्दन खां को औपचारिक रूप से पार्टी की सदस्यता दिलाई।

इन धाराओं में दर्ज हुई एफआईआर

बिना प्रशासनिक अनुमति के सार्वजनिक सड़क पर भीड़ जुटाने, यातायात बाधित करने और कानून-व्यवस्था की अवहेलना करने को लेकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है।

भिनगा पुलिस ने AIMIM प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली, हाजी दद्दन खां और अन्य प्रमुख नेताओं को नामजद करते हुए करीब 50-60 अज्ञात कार्यकर्ताओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (सार्वजनिक मार्ग बाधित करने, गैरकानूनी जमावड़े और लोक व्यवस्था को खतरे में डालने संबंधी) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर अज्ञात वाहनों और प्रदर्शनकारियों की पहचान करने में जुटी है।

बसपा ने अनुशासनहीनता के आरोप में किया था निष्कासित

गौरतलब है कि हाजी दद्दन खां 2024 के लोकसभा चुनाव में श्रावस्ती सीट से बसपा के अधिकृत प्रत्याशी रहे थे। हालांकि, वे चुनाव हार गए थे और उन्हें करीब 56 हजार वोट मिले थे।

अगस्त 2026 में बसपा जिला संगठन ने उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त रहने और बिना संगठन की सहमति के खुद को विधानसभा प्रत्याशी के तौर पर प्रचारित करने का आरोप लगाते हुए पार्टी से निष्कासित कर दिया था। निष्कासन के बाद दद्दन खां का AIMIM में जाना श्रावस्ती और आसपास के इलाकों में मुस्लिम मतदाताओं के ध्रुवीकरण के लिहाज से बड़ा सियासी कदम माना जा रहा था, लेकिन पहले ही दिन दर्ज हुई एफआईआर ने उनकी राह में कानूनी अड़चनें खड़ी कर दी हैं।