ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला, विदेशी छात्र अब अमेरिका में सिर्फ 4 साल ही रह सकेंगे; भारतीयों को लगेगा तगड़ा झटका
अमेरिका जाकर उच्च शिक्षा (Higher Education) प्राप्त करने का सपना देखने वाले भारतीय छात्रों और वहां कार्यरत विदेशी पत्रकारों के लिए वॉशिंगटन से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने विदेशी छात्रों, कल्चरल एक्सचेंज विजिटर्स और मीडिया कर्मियों के लिए वीजा नियमों और उसकी समयावधि की सीमा को और अधिक कड़ा करने का आधिकारिक निर्णय लिया है।
क्या है नया वीजा नियम?
होमलैंड सिक्योरिटी डिपार्टमेंट (DHS) द्वारा जारी नए नियमों के तहत अब F, J और I वीजा धारकों के लिए अमेरिका में रुकने की एक निश्चित समयावधि (Fixed Period) तय कर दी गई है:
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F व J वीजा (छात्र और एक्सचेंज विजिटर्स): अब स्टूडेंट और एक्सचेंज वीजा की अधिकतम अवधि 4 साल से ज्यादा नहीं होगी।
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I वीजा (विदेशी पत्रकार): पत्रकारों के लिए वीजा अवधि को सीमित कर अधिकतम 240 दिन कर दिया गया है। चीनी नागरिकों के मामले में यह सीमा और भी कम यानी सिर्फ 90 दिन की होगी।
महत्वपूर्ण बदलाव: अभी तक F, J और I वीजा धारक अपने स्टडी प्रोग्राम, रिसर्च या मीडिया जॉब की पूरी अवधि (Duration of Status) तक वैध रूप से अमेरिका में रह सकते थे, चाहे उसमें कितने भी साल लगें। लेकिन अब उन्हें एक तय सीमा के भीतर ही वहां रहने की अनुमति मिलेगी।
3 लाख से ज्यादा भारतीयों पर पड़ेगा सीधा असर
ट्रंप सरकार के इस सख्त इमिग्रेशन (Immigration) फैसले का सबसे बड़ा खामियाजा अमेरिका में रह रहे 3 लाख से अधिक भारतीय छात्रों और प्रोफेशनल्स को उठाना पड़ेगा।
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कोर्स बदलने और ट्रांसफर पर रोक: नए नियमों के मुताबिक, पोस्ट-ग्रेजुएट और ग्रेजुएट छात्र अब पढ़ाई के दौरान बिना अनुमति के अपना एजुकेशनल सब्जेक्ट (कोर्स) नहीं बदल सकेंगे और न ही किसी दूसरे स्कूल या यूनिवर्सिटी में ट्रांसफर ले पाएंगे।
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अमेरिका छोड़ने का समय हुआ आधा: डिग्री या ट्रेनिंग पूरी होने के बाद छात्रों को अमेरिका में रुकने और नौकरी (स्पॉन्सर एम्प्लॉयर) तलाशने के लिए मिलने वाले ग्रेस पीरियड को 60 दिनों से घटाकर मात्र 30 दिन कर दिया गया है। 30 दिन के भीतर रोजगार न मिलने पर उन्हें तुरंत अवैध अप्रवासी (Illegal Immigrant) मान लिया जाएगा।
कब से लागू होंगे नए नियम?
फेडरल रजिस्टर (Federal Register) में इस नियम के आधिकारिक प्रकाशन के 60 दिनों के भीतर इसे पूरे अमेरिका में लागू कर दिया जाएगा। हालांकि, यह पूरी प्रक्रिया अमेरिकी संसद (कांग्रेस) के रिव्यू (समीक्षा) के अधीन होगी। यदि छात्र या पत्रकार आगे रुकना चाहते हैं, तो उन्हें तय समय सीमा से पहले वीजा एक्सटेंशन (VIsa Extension) के लिए अलग से आवेदन करना होगा।
विशेषज्ञों और पूर्व अधिकारियों ने उठाए गंभीर सवाल
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन के इस कदम की चौतरफा आलोचना शुरू हो गई है:
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डग रैंड (पूर्व DHS अधिकारी): "अधिकांश अमेरिकी इंटरनेशनल स्टूडेंट्स का स्वागत करने और बेवजह की कागजी कार्रवाई (Red Tape) को कम करने के महत्व को समझते हैं, लेकिन यह नया नियम इसके बिल्कुल विपरीत काम करेगा।"
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डेविड जे. बियर (डायरेक्टर, कैटो इंस्टीट्यूट): "इन नए नियमों में छात्रों की पढ़ाई और कॉलेज ट्रांसफर पर रोक लगाने का कोई ठोस कानूनी आधार नहीं है। जो छात्र सालों से अमेरिका में रह रहे हैं, उनके पास नौकरी ढूंढने के लिए अब सिर्फ 30 दिन होंगे। क्या नियम बनाने वालों को यह समझ नहीं है कि व्यावहारिक जिंदगी कैसे चलती है?"