US-Iran War Update: अमेरिका ने ईरान पर लगातार 5वें दिन बरसाए बम, तेहरान दहल उठा; जवाब में ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत को बनाया निशाना
पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में जारी तनाव अब एक पूर्ण विकसित और विनाशकारी युद्ध में तब्दील हो चुका है। अमेरिका ने लगातार पांचवें दिन ईरान पर अपने हवाई हमलों के सिलसिले को और अधिक तेज व आक्रामक कर दिया है। तेहरान की राजधानी के आसपास के क्षेत्रों सहित उत्तरी और मध्य ईरान के दर्जनों रणनीतिक ठिकानों पर भीषण बमबारी कर अमेरिकी बलों ने ईरान को सीधी चुनौती दी है।
इस भारी बमबारी के जवाब में ईरान ने भी भीषण पलटवार करते हुए मध्य पूर्व में अमेरिका के प्रमुख सहयोगी देशों—बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइल और आत्मघाती ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए हैं। इस ताजा सैन्य टकराव ने दोनों देशों के बीच किसी भी संभावित युद्धविराम (Ceasefire) की उम्मीदों को पूरी तरह खत्म कर दिया है।
35 से अधिक मौतें, मिसाइल और स्पेस ठिकानों पर बमबारी
ईरानी अधिकारियों और स्थानीय मीडिया द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले 5 दिनों से जारी अमेरिकी हमलों में अब तक 35 से अधिक आम नागरिकों और सैनिकों की मौत हो चुकी है, जबकि 300 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं।
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इन प्रांतों को बनाया निशाना: अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने ईरान के सेमनान, हमदान, होर्मोजगान, खुजेस्तान, लोरेस्तान, मरकजी और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में भारी तबाही मचाई है।
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मिसाइल यूनिट्स पर हमला: सेमनान प्रांत में विशेष रूप से बमबारी की गई है, क्योंकि यहीं पर ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल निर्माण इकाइयां और उसका मुख्य अंतरिक्ष कार्यक्रम (Space Program) संचालित होता है।
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सैन्य बैरक पर दागीं 13 मिसाइलें: सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में स्थित ईरान की 388वीं मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री ब्रिगेड की बैरक पर अमेरिकी विमानों ने एक साथ 13 मिसाइलें दागीं। इस हमले में ट्रेनिंग ले रहे प्रशिक्षुओं समेत 7 ईरानी सैनिकों की मौके पर ही मौत हो गई।
समुद्र में भी बढ़ा तनाव: तेल टैंकर पर दागी मिसाइल
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने बयान जारी कर बताया कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ग्रेटर तुंब द्वीप पर ईरान के एयर डिफेंस और मिसाइल सिस्टम को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर दिया है।
इसके अतिरिक्त, फारस की खाड़ी में ईरान के मुख्य तेल निर्यात टर्मिनल 'खार्ग द्वीप' की ओर बढ़ रहे कुराकाओ के झंडे वाले तेल टैंकर 'बेल्मा' (Belma) पर अमेरिकी नौसेना ने गोलीबारी की। अमेरिका का दावा है कि टैंकर ने कई सैन्य चेतावनियों को नजरअंदाज किया, जिसके बाद अमेरिकी लड़ाकू विमान ने जहाज की चिमनी पर मिसाइल दागकर उसे समुद्र के बीच में ही ठप (अपंग) कर दिया।
ईरान का त्रिकोणीय पलटवार: बहरीन, जॉर्डन और कुवैत दहले
अमेरिकी हमलों से बौखलाए ईरान ने भी अपनी मिसाइल फोर्स और ड्रोनों का रुख अमेरिका के क्षेत्रीय ठिकानों की तरफ मोड़ दिया है:
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तीन देशों पर हमला: ईरान ने बहरीन, जॉर्डन और कुवैत में स्थित अमेरिकी सैन्य कैंपों पर एक साथ हमला बोला। इन देशों की सरकारों ने हमलों की पुष्टि की है, हालांकि अमेरिकी सेना को हुए नुकसान की आधिकारिक जानकारी अभी गुप्त रखी गई है।
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इराक में ड्रोन इंटरसेप्ट: इस बीच, इराक के उत्तरी कुर्द क्षेत्र के शहर इरबिल में स्थित अमेरिकी ठिकाने पर भी ईरान समर्थित गुटों द्वारा ड्रोन से हमला करने का प्रयास किया गया, जिसे हवा में ही मार गिराया गया। यह हमला उस समय हुआ जब इराक के प्रधानमंत्री अली अल-जायदी अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर थे।
ईरान की अंतिम चेतावनी: 'पूरा बुनियादी ढांचा तबाह कर देंगे'
ईरानी सेना के खातम अल-अंबिया सेंट्रल मुख्यालय के आधिकारिक प्रवक्ता कर्नल इब्राहिम जुल्फिकारी ने अमेरिका को बेहद सख्त लहजे में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा:
"अगर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों के अनुसार हमारे पुलों, बांधों या बिजली संयंत्रों (Power Plants) को निशाना बनाया गया, तो ईरान के शक्तिशाली सशस्त्र बल पूरे क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी और उसके सहयोगियों के बुनियादी ढांचे को पूरी तरह मलबे में तब्दील कर देंगे। होर्मुज जलडमरूमध्य हमारी संप्रभुता और रेड लाइन है, जिसमें हम किसी भी बाहरी हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं करेंगे।"