पाकिस्तान में महाविस्फोट क्या खुद पाक सेना ने लीक किया था इमरान खान की सत्ता गिराने वाला साइफर दस्तावेज?
पाकिस्तान की सियासत में एक बार फिर ऐसा भूचाल आ गया है, जिसने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सरकार गिराने वाले विवादित 'साइफर' (खफिया राजनयिक दस्तावेज) मामले को जिंदा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थान 'द इंटरसेप्ट' (The Intercept) की एक ताजा और सनसनीखेज रिपोर्ट ने दावा किया है कि इस खुफिया दस्तावेज को लीक करने के पीछे किसी और का नहीं, बल्कि खुद पाकिस्तानी सेना का हाथ हो सकता है। इस खुलासे के बाद से पाकिस्तान के सैन्य मुख्यालय (GHQ) से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हड़कंप मच गया है।
क्या था वो 'साइफर' जिसने इमरान खान की कुर्सी छीन ली?
यह पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ था जब इमरान खान ने अपनी सत्ता जाने से ठीक पहले एक जनसभा में एक कागज लहराया था। इमरान खान ने दावा किया था कि यह एक अमेरिकी साइफर (गुप्त संदेश) है, जो इस बात का सबूत है कि अमेरिका उनकी सरकार को गिराने की साजिश रच रहा है। बाद में यह बेहद गोपनीय दस्तावेज 'द इंटरसेप्ट' वेबसाइट पर हूबहू पब्लिश हो गया, जिसके बाद इमरान खान पर आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम (Official Secrets Act) के तहत मुकदमा चला और उन्हें जेल भेज दिया गया।
लीक के पीछे पाकिस्तानी सेना का हाथ? रिपोर्ट में बड़ा दावा
'द इंटरसेप्ट' की नई रिपोर्ट के मुताबिक, यह सीक्रेट डॉक्यूमेंट इमरान खान के समर्थकों या उनकी पार्टी (PTI) के किसी नेता ने लीक नहीं किया था। रिपोर्ट में इस बात के पुख्ता संकेत दिए गए हैं कि इस दस्तावेज को मीडिया तक पहुंचाने में पाकिस्तानी सेना के ही कुछ उच्च पदस्थ अधिकारियों की भूमिका हो सकती है। कयास लगाए जा रहे हैं कि सेना के भीतर चल रही आपसी खींचतान या इमरान खान को पूरी तरह फंसाने की रणनीति के तहत इस संवेदनशील पेपर को जानबूझकर सार्वजनिक किया गया था।
इमरान खान की रिहाई और पीटीआई के दावों को मिला नया बल
इस नए खुलासे ने इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को सेना और मौजूदा सरकार के खिलाफ एक बहुत बड़ा हथियार दे दिया है। पीटीआई नेता लंबे समय से यह आरोप लगाते रहे हैं कि इमरान खान को एक सोची-समझी साजिश के तहत जेल में डाला गया है। अब इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद, इमरान खान के वकीलों और समर्थकों ने मांग तेज कर दी है कि साइफर लीक मामले की नए सिरे से निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, क्योंकि अगर सेना ने खुद इसे लीक किया है तो इमरान खान पर चल रहा पूरा मामला ही बेबुनियाद साबित हो जाता है।
सेना की चुप्पी और बढ़ता राजनीतिक संकट
इस बेहद गंभीर और विस्फोटक रिपोर्ट के सामने आने के बाद से पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग (ISPR) ने फिलहाल पूरी तरह से चुप्पी साध रखी है। कोई भी आधिकारिक बयान देने से बचा जा रहा है। सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस दावे की पुष्टि होती है, तो यह पाकिस्तान के इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य-राजनैतिक घोटाला साबित हो सकता है, जो देश की न्यायपालिका, सरकार और सेना के बीच एक नया और बड़ा टकराव पैदा कर देगा।