स्टारलिंक के इस्तेमाल पर एलन मस्क और यूक्रेन में ठनी: ड्रोन हमलों के आरोपों को कीव ने नकारा

स्टारलिंक के इस्तेमाल पर एलन मस्क और यूक्रेन में ठनी: ड्रोन हमलों के आरोपों को कीव ने नकारा

अमेरिकी अरबपति और स्पेसएक्स (SpaceX) के प्रमुख एलन मस्क तथा यूक्रेन की सरकार के बीच स्टारलिंक (Starlink) सैटेलाइट इंटरनेट सेवा के इस्तेमाल को लेकर एक बार फिर तीखा अंतरराष्ट्रीय विवाद छिड़ गया है। एलन मस्क ने सार्वजनिक मंच पर यह गंभीर दावा किया है कि यूक्रेनी सेना ने उनके कमर्शियल सैटेलाइट ब्रॉडबैंड नेटवर्क का उपयोग जानलेवा ड्रोन हमलों को अंजाम देने के लिए किया है, जो स्टारलिंक की आधिकारिक सेवा शर्तों और उपयोगकर्ता समझौतों (Terms of Service) का खुला उल्लंघन है। मस्क के इस बयान ने आधुनिक युद्ध में नागरिक तकनीकों के सैन्यीकरण को लेकर एक नई वैश्विक बहस छेड़ दी है, क्योंकि युद्ध की शुरुआत से ही स्टारलिंक यूक्रेन के संचार तंत्र की सबसे अहम रीढ़ साबित हुआ है।

मस्क ने शनिवार को खुलकर स्वीकार किया कि स्पेसएक्स ने यूक्रेन के भीतर स्टारलिंक की कनेक्टिविटी को जानबूझकर सीमित यानी जियो-फेंस (Geo-fence) किया था। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि स्टारलिंक को मूल रूप से नागरिक, वाणिज्यिक, मानवीय और बुनियादी संचार उद्देश्यों के लिए विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य अस्पतालों, राहत कार्यों, सामान्य इंटरनेट यूजर्स और प्रशासनिक समन्वय को जीवित रखना था, न कि किसी आक्रामक सैन्य अभियान के तहत लोगों को निशाना बनाने या गाइडेड हथियारों के रूप में मानवरहित ड्रोनों को उड़ाना। मस्क के अनुसार, यूक्रेनी सैन्य बलों ने इस व्यवस्था का दायरा लांघकर इसे लंबी दूरी के आक्रामक अभियानों में इस्तेमाल किया, जो कंपनी की नीति के सख्त खिलाफ है।

यूक्रेन ने मस्क के दावों को सिरे से नकारा, बताया तकनीकी रूप से असंभव

एलन मस्क के आरोपों पर यूक्रेन की तरफ से भी तुरंत और बेहद आक्रामक प्रतिक्रिया सामने आई है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की के प्रमुख रक्षा प्रौद्योगिकी सलाहकार सेरही बेस्क्रस्तनोव (Serhii Beskrestnov) ने मस्क के दावों को बेबुनियाद बताते हुए पूरी तरह खारिज कर दिया। बेस्क्रस्तनोव ने तकनीकी पहलुओं का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि यूक्रेन में सक्रिय नागरिक स्टारलिंक नेटवर्क पर पहले से ही बेहद कड़े प्रतिबंध और डिजिटल बैरियर्स लागू हैं। इन कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल के चलते नागरिक टर्मिनलों का इस्तेमाल आक्रामक सैन्य स्ट्राइक में किया जाना तकनीकी दृष्टिकोण से पूरी तरह असंभव है।

यूक्रेनी रक्षा सलाहकार ने विस्तार से बताया कि नागरिक स्टारलिंक नेटवर्क से संचालित होने वाले उपकरणों पर सॉफ्टवेयर स्तर पर 70 से 90 किलोमीटर प्रति घंटा की गति सीमा (Speed Limit) पहले से ही निर्धारित कर रखी गई है। आधुनिक युद्धक और सुसाइड ड्रोन आमतौर पर इससे कहीं अधिक तेज गति से उड़ान भरते हैं, इसलिए इतनी कम गति सीमा के साथ किसी लंबी दूरी के आक्रामक हथियार को नियंत्रित करना व्यावहारिक नहीं है। इसके अलावा, उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि स्टारलिंक की कवरेज सीमा रूस की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के भीतर पूरी तरह ब्लॉक है, जिससे रूसी क्षेत्र के भीतर मध्यम या लंबी दूरी के हमलों में इस नेटवर्क के उपयोग का सवाल ही नहीं उठता।

स्पेसएक्स की नीति और युद्धक्षेत्र में 'जियो-फेंसिंग' का पुराना टकराव

यह पहला मौका नहीं है जब एलन मस्क और यूक्रेनी नेतृत्व के बीच स्टारलिंक के कवरेज को लेकर मतभेद खुलकर सामने आए हों। इससे पहले भी क्रीमिया और काला सागर के तटवर्ती इलाकों में यूक्रेनी नौसैनिक ड्रोनों के अभियानों के दौरान स्टारलिंक सिग्नल बंद किए जाने की खबरें आई थीं, जिस पर कीव ने कड़ी नाराजगी जताई थी। मस्क का तर्क हमेशा से यह रहा है कि उनकी निजी अंतरिक्ष कंपनी किसी तीसरे विश्व युद्ध या परमाणु संघर्ष को भड़काने का जरिया नहीं बनना चाहती। वे केवल रक्षात्मक और नागरिक संचार के लिए तकनीक उपलब्ध करा रहे हैं, न कि सक्रिय युद्धक हमलों में प्रत्यक्ष भागीदार बनने के लिए।

दूसरी ओर, यूक्रेनी सेना का मानना रहा है कि रूसी इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के सामने केवल स्टारलिंक की सैटेलाइट तकनीक ही अब तक पूरी तरह सुरक्षित साबित हुई है। ऐसे में यदि किसी भी मोर्चे पर सिग्नल ब्लॉक किए जाते हैं, तो इससे अग्रिम मोर्चे पर लड़ रहे सैनिकों की जान खतरे में पड़ जाती है। मस्क के हालिया रुख ने कीव के रणनीतिकारों को असहज कर दिया है, क्योंकि वे पश्चिमी सहयोगियों से वैकल्पिक सुरक्षित सैटेलाइट संचार व्यवस्था की मांग लगातार तेज कर रहे हैं ताकि किसी निजी कंपनी के एकतरफा फैसले पर युद्ध की दिशा निर्भर न रहे।

आधुनिक युद्ध और टेक कंपनियों की सीमा पर अंतरराष्ट्रीय सवाल

यूक्रेन और एलन मस्क के बीच का यह ताजा टकराव इस बात का ज्वलंत उदाहरण है कि कैसे आधुनिक युद्ध में निजी सिलिकॉन वैली कंपनियों की भूमिका राष्ट्रीय सीमाओं से परे जा चुकी है। जब किसी निजी कंपनी का सैटेलाइट नेटवर्क किसी संप्रभु देश की रक्षा रणनीति का मुख्य केंद्र बन जाता है, तो उसके नियंत्रण, उपयोग की शर्तों और नैतिक जिम्मेदारियों को लेकर जटिल कानूनी प्रश्न खड़े होते हैं। क्या एक वाणिज्यिक प्रदाता को यह तय करने का अधिकार होना चाहिए कि युद्ध के मैदान में उसकी सेवा का उपयोग कहां और कैसे किया जा सकता है?

फिलहाल, यूक्रेन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपने घरेलू ड्रोन निर्माण और हमलों के लिए वैकल्पिक संचार प्रोटोकॉल, स्वदेशी रेडियो लिंक और सैन्य-ग्रेड उपग्रह तकनीकों पर निर्भरता बढ़ा रहा है। लेकिन स्टारलिंक को लेकर मस्क के इस कड़े रुख ने यह साफ कर दिया है कि भविष्य के युद्धों में नागरिक तकनीक प्रदाताओं और सैन्य रणनीतिकारों के बीच शर्तों का टकराव और गहराएगा। रूस के साथ जारी इस भीषण संघर्ष में संचार के मोर्चे पर आया यह नया मोड़ यूक्रेन की सैन्य रणनीति को किस हद तक प्रभावित करता है, इस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।