रूस के वोरोनिश पर यूक्रेन का भीषण ड्रोन हमला: 2 की मौत और बच्चे समेत 17 घायल

रूस के वोरोनिश पर यूक्रेन का भीषण ड्रोन हमला: 2 की मौत और बच्चे समेत 17 घायल

रूस और यूक्रेन के बीच जारी खूनी संघर्ष के बीच रूसी सीमावर्ती क्षेत्रों पर यूक्रेन के ड्रोन हमलों ने एक बार फिर भयानक रूप ले लिया है। रूस के दक्षिण-पश्चिमी सीमा के पास स्थित रणनीतिक प्रांत वोरोनिश (Voronezh) पर यूक्रेन की सेना ने बीती रात व्यापक और भीषण ड्रोन हमला किया। इस अचानक हुए हवाई हमले में दो स्थानीय नागरिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक मासूम बच्चे समेत 17 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घायलों को तुरंत स्थानीय आपातकालीन चिकित्सा केंद्रों और अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कई लोगों की हालत नाजुक बनी हुई है। वोरोनिश के प्रांतीय गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव ने आधिकारिक तौर पर इस जानलेवा हमले की पुष्टि करते हुए पूरे इलाके में उच्च स्तरीय आपात स्थिति घोषित कर दी है।

गवर्नर अलेक्जेंडर गुसेव द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, रात के सन्नाटे में यूक्रेनी सीमा की दिशा से दर्जनों मानवरहित लड़ाकू विमानों (UAVs) ने वोरोनिश क्षेत्र की ओर रुख किया था। हालांकि रूसी वायु रक्षा प्रणालियों ने तत्परता दिखाते हुए हवा में ही 113 से अधिक यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराने का दावा किया है, लेकिन इन ड्रोनों के जलते हुए मलबे और कुछ सटीक धमाकों के कारण रिहायशी और गैर-रिहायशी दोनों इलाकों में भारी तबाही मची। मलबे के गिरने से कई इमारतें क्षतिग्रस्त हो गईं और सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हमले के बाद से ही आपातकालीन राहत और बचाव दल मलबे में फंसे लोगों को निकालने और स्थिति को नियंत्रित करने में जुटे हुए हैं।

कई औद्योगिक परिसरों में भड़की भीषण आग, आसमान में छाया काला धुआं

गवर्नर गुसेव ने सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम पर विस्तृत जानकारी साझा करते हुए बताया कि रात भर रूसी एयर डिफेंस सिस्टम्स पूरी क्षमता के साथ सक्रिय रहे और आसमान में लगातार धमाकों की आवाजें गूंजती रहीं। मार गिराए गए ड्रोनों का भारी-भरकम और ज्वलनशील मलबा नीचे स्थित कई प्रमुख औद्योगिक परिसरों और उत्पादन इकाइयों पर आ गिरा। मलबे के संपर्क में आते ही औद्योगिक क्षेत्रों में स्थित गोदामों और रासायनिक संयंत्रों में भीषण आग लग गई, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।

आग की विशाल लपटों और धुएं के घने गुबार ने पूरे आसमान को ढक लिया, जिसे कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। दमकल विभाग की दर्जनों गाड़ियां, फोम टेंडर और आपातकालीन प्रतिक्रिया दल रात से ही आग पर काबू पाने की मशक्कत कर रहे हैं। औद्योगिक प्रतिष्ठानों में कार्यरत कर्मचारियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, लेकिन बुनियादी ढांचे को पहुंचे आर्थिक नुकसान का सटीक आकलन आग पूरी तरह बुझने के बाद ही संभव हो सकेगा। रूसी सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि क्या इन ड्रोनों का प्राथमिक निशाना वोरोनिश का यह औद्योगिक क्लस्टर और ऊर्जा आपूर्ति लाइनें ही थीं।

अनापा-मॉस्को पैसेंजर ट्रेन हमले की चपेट में, 5 यात्री घायल और पूरे नेटवर्क पर ब्रेक

इस ड्रोन हमले का सबसे चिंताजनक और खौफनाक पहलू नागरिक परिवहन नेटवर्क पर पड़ा प्रभाव रहा। रूसी रेलवे (Russian Railways) के आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, हवा में नष्ट किए गए एक ड्रोन का जलता हुआ हिस्सा सीधे एक चलती हुई यात्री ट्रेन पर जा गिरा। यह एक्सप्रेस पैसेंजर ट्रेन क्रास्नोडार क्षेत्र के प्रमुख तटीय पर्यटन शहर अनापा से देश की राजधानी मॉस्को की ओर जा रही थी। ट्रेन जब वोरोनिश रेल संभाग से गुजर रही थी, तभी तेज धमाके के साथ मलबा बोगियों से टकराया, जिससे ट्रेन के कोचों की खिड़कियों के शीशे चकनाचूर हो गए और इंटीरियर को गहरा नुकसान पहुंचा।

ट्रेन में सवार यात्रियों में अचानक चीख-पुकार मच गई। इस अप्रत्याशित हादसे में ट्रेन के अंदर मौजूद पांच मुसाफिर कांच के टुकड़ों और झटकों की चपेट में आकर घायल हो गए, जिन्हें प्राथमिक उपचार के लिए नजदीकी स्टेशन पर उतारा गया। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए और ट्रैक को पहुंचे संभावित नुकसान की सघन फॉरेंसिक जांच पूरी होने तक वोरोनिश से होकर गुजरने वाले पूरे रेल नेटवर्क पर सभी यात्री ट्रेनों का परिचालन तत्काल प्रभाव से अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है। लंबी दूरी की दर्जनों ट्रेनों को सुरक्षित स्टेशनों पर रोक दिया गया है, जिससे मॉस्को और दक्षिणी रूस के बीच रेल आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।

रणनीतिक केंद्र वोरोनिश पर लगातार मंडराता खतरा, रूस-यूक्रेन सीमा पर तनाव चरम पर

यूक्रेन की अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब स्थित वोरोनिश क्षेत्र भौगोलिक, सैन्य और लॉजिस्टिक्स के लिहाज से रूस का एक अत्यंत संवेदनशील और रीढ़ की हड्डी माना जाने वाला ट्रांसपोर्टेशन हब है। दक्षिणी सैन्य मोर्चों और डोनबास क्षेत्र के लिए रसद, हथियार और ईधन की आपूर्ति इसी प्रांत के रेल और सड़क गलियारों से होकर गुजरती है। यही कारण है कि हाल के महीनों में यूक्रेनी सेना ने सीमा पार लंबी दूरी के सुसाइड ड्रोनों के जरिए वोरोनिश के बुनियादी ढांचे, तेल रिफाइनरियों, हथियार डिपो और रेलवे लाइनों को लगातार अपना निशाना बनाया है।

सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यूक्रेनी सेना का मुख्य उद्देश्य रूस के आंतरिक परिवहन नेटवर्क को पंगु बनाना और राजधानी मॉस्को की ओर जाने वाली आपूर्ति लाइनों को काटना है। ट्रेन जैसी नागरिक सुविधाओं का इस हमले की जद में आना यह दर्शाता है कि हवाई हमलों का दायरा अब पूरी तरह अनियंत्रित होता जा रहा है। मॉस्को में रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारी इस हमले के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में हवाई सुरक्षा के अतिरिक्त रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सिस्टम तैनात करने की रणनीति बना रहे हैं। दूसरी ओर, इस भीषण हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव नए चरम पर पहुंच चुका है और रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा ग्रिडों पर जवाबी मिसाइल हमलों की आशंका तेज हो गई है।