US में सातवें आसमान पर डीजल: $6.52 के रिकॉर्ड स्तर के बाद ट्रंप का बड़ा ऐलान
संयुक्त राज्य अमेरिका में ईंधन की आसमान छूती कीमतों ने आम नागरिकों और उद्योग जगत की कमर तोड़ दी है। अमेरिकन ऑटोमोबाइल एसोसिएशन (AAA) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका में एक गैलन डीजल का राष्ट्रीय औसत 22 सितंबर को $6.52 प्रति गैलन के सर्वकालिक रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया था। हालांकि शुक्रवार को यह मामूली रूप से घटकर $6.37 प्रति गैलन पर दर्ज किया गया, लेकिन यह स्तर भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था, लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर के लिए अत्यधिक तनावपूर्ण बना हुआ है।
नवंबर में होने वाले अहम मध्यावधि चुनावों से ठीक पहले ईंधन की बेतहाशा महंगाई ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनकी रिपब्लिकन पार्टी के सामने राजनीतिक संकट खड़ा कर दिया है। एपी-एनओआरसी (AP-NORC) के ताजा सर्वेक्षण के अनुसार, अधिकांश अमेरिकी मतदाता बढ़ती कीमतों और जीवनयापन के बढ़ते खर्च के लिए सीधे तौर पर ट्रंप प्रशासन की आर्थिक नीतियों को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं, जिसके चलते उनकी लोकप्रियता रेटिंग हालिया समय के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है।
यूरोप से 'मैसिव डीजल स्टॉक' जारी कराने का बड़ा ऐलान: तत्काल शुरू होगी प्रक्रिया
इस गंभीर ईंधन संकट और घरेलू असंतोष से निपटने के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़े कूटनीतिक व आर्थिक कदम का ऐलान किया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि यूरोपीय देश और जी-7 सहयोगी अपने आपातकालीन पेट्रोलियम व डीजल भंडारों से 'भारी मात्रा' (Massive Amount) में डीजल स्टॉक बाजार में जारी करने पर सहमत हो गए हैं।
राष्ट्रपति ट्रंप ने प्रेस ब्रीफिंग में स्पष्ट किया कि यह प्रक्रिया तत्काल प्रभाव से शुरू की जा रही है। यूरोप द्वारा अपने रणनीतिक रिजर्व से भारी मात्रा में डीजल बाजार में उतारे जाने से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपूर्ति की कमी को पाटने में मदद मिलेगी, जिससे अमेरिकी और यूरोपीय दोनों बाजारों में रिफाइनरी दबाव घटेगा और कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज होने की उम्मीद है। इसके साथ ही अमेरिकी प्रशासन घरेलू आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए अमेरिकी डीजल निर्यात पर संभावित प्रतिबंधों जैसे कड़े विकल्पों पर भी विचार कर रहा है।
मिडिल ईस्ट तनाव और रूस-यूक्रेन युद्ध का दोहरा असर
डीजल की कीमतों में इस भारी उछाल के पीछे वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव मुख्य कारक बनकर उभरे हैं। मध्य पूर्व में ईरान के साथ बढ़ते टकराव और होर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित होने की आशंकाओं ने अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार को हिला दिया है। इसके साथ ही रूस की तेल रिफाइनरियों पर हुए ड्रोन हमलों और चीन द्वारा ईंधन निर्यात में कटौती किए जाने से वैश्विक स्तर पर रिफाइंड डीजल की भारी किल्लत पैदा हो गई।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने फैसलों का बचाव करते हुए बार-बार कहा है कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए अमेरिकी और पश्चिमी अर्थव्यवस्थाओं को यह अस्थायी आर्थिक कीमत चुकानी पड़ रही है। उन्होंने भरोसा जताया कि जैसे ही क्षेत्रीय संघर्ष और तनाव नियंत्रण में आएगा, तेल और ईंधन की कीमतें स्वतः सामान्य स्तर पर लौट आएंगी।
अमेरिकी अर्थव्यवस्था और आम जनता पर क्या पड़ेगा असर?
डीजल केवल गाड़ियों का ईंधन नहीं बल्कि पूरे सप्लाई चेन नेटवर्क की जीवनरेखा है। ट्रकों, मालगाड़ियों, कृषि उपकरणों और कंटेनर जहाजों में डीजल का मुख्य रूप से उपयोग होता है। जब डीजल के दाम $6.50 प्रति गैलन के पार पहुंचते हैं, तो उसका सीधा असर सुपरमार्केट में बिकने वाले खाद्यान्न, दूध, सब्जियों और दैनिक उपयोग की वस्तुओं की ढुलाई लागत पर पड़ता है, जिससे व्यापक महंगाई (Headline Inflation) बढ़ती है।
यूरोप से बड़े पैमाने पर डीजल रिजर्व जारी होने के इस नए समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में कीमतों में नरमी के संकेत दिखने लगे हैं। अब देखना यह होगा कि क्या ट्रंप का यह 'डीजल डिप्लोमेसी' कार्ड अमेरिकी उपभोक्ताओं को पंपों पर तुरंत वास्तविक राहत दे पाता है या ऊर्जा बाजार की अनिश्चितता चुनावी नतीजों को प्रभावित करेगी।