हसन नवाज ने अटका दी थीं भारतीय फैंस की सांसें: शतक से चूके लेकिन फाइनल में मचाया कोहराम

हसन नवाज ने अटका दी थीं भारतीय फैंस की सांसें: शतक से चूके लेकिन फाइनल में मचाया कोहराम

भारत और पाकिस्तान के बीच खेले गए हाई-वोल्टेज फाइनल मुकाबले में भले ही टीम इंडिया ने बाजी मार ली हो, लेकिन पाकिस्तानी युवा आक्रामक सलामी बल्लेबाज हसन नवाज ने अपनी आतिशी पारी से भारतीय फैंस की सांसें अटका दी थीं। खिताबी भिड़ंत के दबाव को पूरी तरह दरकिनार करते हुए हसन नवाज ने पहली ही गेंद से भारतीय गेंदबाजी आक्रमण के खिलाफ ऐसा आक्रामक रुख अपनाया कि कुछ पलों के लिए मैच भारत की पकड़ से पूरी तरह फिसलता नजर आने लगा था।

पावरप्ले से लेकर मिडिल ओवर्स तक हसन नवाज ने मैदान के हर कोने में चौकों-छक्कों की बरसात की। भारतीय कप्तान को लगातार फील्डिंग और गेंदबाजी में बदलाव करने पड़े, लेकिन नवाज का बल्ला रुकने का नाम नहीं ले रहा था। भले ही वह कुछ रनों से अपने ऐतिहासिक शतक से चूक गए, लेकिन उनकी इस दिलेर पारी ने फाइनल मैच के रोमांच को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया।

भारतीय गेंदबाजों पर बोला सीधा धावा: मैदान के चारों तरफ उड़ाए छक्के

टॉस के बाद जब पाकिस्तानी टीम बल्लेबाजी करने उतरी, तो हसन नवाज ने बिना किसी हिचकिचाहट के भारतीय तेज गेंदबाजों की पहली ही गेंद से लेंथ बिगाड़ना शुरू कर दिया। शॉर्ट पिच गेंदों पर पुल शॉट्स और आगे डाली गई गेंदों पर लॉन्ग-ऑन और काउ-कॉर्नर के ऊपर से उनके लगाए गगनचुंबी छक्कों ने डगआउट में बैठे भारतीय गेंदबाजों और फैंस को सकते में डाल दिया था।

हसन नवाज ने अपनी इस विस्फोटक पारी के दौरान स्पिनरों को भी नहीं बख्शा। कदमों का बेहतरीन इस्तेमाल करते हुए उन्होंने लगातार स्वीप और लॉफ्टेड ड्राइव खेलकर बाउंड्रीज बटोरीं। उनकी स्ट्राइक रेट 180 से 200 के पार बनी रही, जिसने भारतीय गेंदबाजी यूनिट को बैकफुट पर धकेल दिया था। स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक उनकी इस तूफानी बल्लेबाजी को देखकर स्तब्ध रह गए थे।

नर्वस नाइंटीज का शिकार: शतक से चूके लेकिन जीत लिया दिल

जब हसन नवाज अपने करियर के सबसे यादगार और तेज शतक की ओर मजबूती से बढ़ रहे थे, तभी भारतीय खेमे को उनके रूप में सबसे बड़ी राहत मिली। नर्वस नाइंटीज के फेर में आकर या बाउंड्री लगाने के आक्रामक प्रयास में वह सीमा रेखा पर कैच थमा बैठे और अपने हक के शतक से मात्र कुछ ही रनों से महरूम रह गए।

आउट होने के बाद भले ही वह सिर झुकाकर पवेलियन लौटे, लेकिन जब वह मैदान से बाहर जा रहे थे तो विरोधी खेमे के फैंस और क्रिकेट पंडितों ने खड़े होकर उनकी जांबाजी की सराहना की। इस पारी ने साबित किया कि दबाव के पलों में पाकिस्तानी बल्लेबाजी में दम दिखाने वाला यह युवा खिलाड़ी आने वाले वक्त में किसी भी विपक्षी टीम के लिए सबसे बड़ा सिरदर्द बनने की पूरी क्षमता रखता है।

मैच का रुख पलटने वाली पारी: साबित किया अपना असली क्लास

क्रिकेट जानकारों का मानना है कि भारत-पाकिस्तान फाइनल जैसे महामुकाबले में जब दिग्गज बल्लेबाज दबाव में घुटने टेक देते हैं, उस मंच पर आकर ऐसी बेखौफ पारी खेलना किसी करिश्मे से कम नहीं है। हसन नवाज ने जिस निडरता और तकनीक के साथ भारतीय पेस बैटरी और स्पिनर्स की क्लास ली, उसने मैच को एकतरफा होने से बचा लिया और मुकाबले को अंतिम ओवरों तक जीवंत बनाए रखा।

भले ही अंत में भारतीय बल्लेबाजों ने संयम दिखाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया, लेकिन इस फाइनल की दास्तान जब भी लिखी जाएगी, उसमें हसन नवाज की यह दिलेर पारी हमेशा एक टर्निंग पॉइंट के रूप में याद रखी जाएगी।