गैस खत्म, अब बिजली भी गुल! पाकिस्तान और बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा संकट, जानिए इसके पीछे की मुख्य वजह

गैस खत्म, अब बिजली भी गुल! पाकिस्तान और बांग्लादेश में गहराया ऊर्जा संकट, जानिए इसके पीछे की मुख्य वजह

पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में बढ़ते सैन्य तनाव और ईरान संघर्ष का सीधा असर अब एशियाई अर्थव्यवस्थाओं और उनकी ऊर्जा सुरक्षा पर दिखने लगा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश इस समय सबसे भीषण ऊर्जा संकट का सामना कर रहे हैं। कतर से लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) की सप्लाई प्रभावित होने की वजह से दोनों देशों में गैस की भारी किल्लत हो गई है और कई हिस्सों में लंबे बिजली कट (Load Shedding) लग रहे हैं।

स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में बाधा और LNG की रिकॉर्ड कीमतें

दुनिया की कुल LNG आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा 'स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज' (Strait of Hormuz) समुद्री मार्ग से होकर गुजरता है। इस रणनीतिक रूट में आई रुकावटों के कारण वैश्विक स्पॉट मार्केट में प्राकृतिक गैस के दाम आसमान छू रहे हैं:

  • पाकिस्तान की रिकॉर्ड खरीद: पाकिस्तान LNG लिमिटेड (PLL) ने जुलाई 2026 के अंत के लिए $21.88 प्रति MMBtu की दर से स्पॉट LNG खरीदी है, जो 2022 के बाद से उसकी सबसे महंगी खरीद है।

  • बांग्लादेश पर बढ़ता दबाव: बांग्लादेश को भी अपनी अगस्त 2026 की जरूरतों को पूरा करने के लिए काफी ऊंची कीमत पर LNG कार्गो खरीदने का फैसला करना पड़ा है।

  • कतर से आपूर्ति ठप: कतर द्वारा मार्च में अपने निर्यात केंद्रों को अस्थायी रूप से बंद किए जाने के कारण दोनों देशों के पहले से तय सस्ते और दीर्घकालिक (Long-term) अनुबंध रद्द हो गए थे।

यदि इन देशों को यही गैस कतर के साथ पुराने तय दीर्घकालिक समझौतों के तहत मिलती, तो इसकी कीमत वर्तमान में चुकाई जा रही दरों से लगभग आधी होती।

सरकारी खजाने पर मार, आम जनता पर पड़ेगा बोझ

महंगे दामों पर गैस और बिजली उत्पादन से दोनों देशों के सरकारी खजाने पर भारी वित्तीय दबाव आ गया है। विशेषज्ञों के अनुसार, सरकारों को या तो इस घाटे को सहने के लिए भारी सब्सिडी देनी होगी, या फिर घरेलू बिजली और गैस के दामों में बढ़ोतरी करके आम जनता पर बोझ डालना होगा।

ऊर्जा नीति बदलने को मजबूर हुए दोनों देश

इस वैश्विक संकट ने दोनों देशों को जीवाश्म ईंधन (Fossil Fuels) पर अपनी निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों को अपनाने पर मजबूर कर दिया है:

  1. बांग्लादेश का सोलर प्लान: बांग्लादेश सरकार ने 2030 तक 10 गीगावॉट (GW) सौर ऊर्जा क्षमता स्थापित करने का लक्ष्य रखा है (जो वर्तमान में केवल 1.7 GW है)। इसके लिए 2035 तक सोलर सेक्टर को टैक्स में छूट दी गई है और चीन से बड़े पैमाने पर सोलर पैनल आयात किए जा रहे हैं।

  2. पाकिस्तान का परमाणु व कोयला दांव: पाकिस्तान अपने एनर्जी मिक्स में न्यूक्लियर और कोयले का हिस्सा बढ़ा रहा है। जून 2026 में पाकिस्तान में परमाणु ऊर्जा उत्पादन में 30% और कोयले से बिजली उत्पादन में 5% की वृद्धि दर्ज की गई।

आगे क्या?

ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव लंबे समय तक बना रहा, तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में LNG की दरें ऊंची बनी रहेंगी। इससे न केवल पाकिस्तान और बांग्लादेश, बल्कि आयातित ईंधन पर निर्भर अन्य एशियाई देशों को भी अपनी ऊर्जा नीतियों में बड़े बदलाव करने होंगे।

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