Gold Price: पिछले दशहरे से इस दशहरे तक 25% महंगा हुआ सोना

Gold Price: पिछले दशहरे से इस दशहरे तक 25% महंगा हुआ सोना

दशहरा के पावन त्योहार पर सर्राफा बाजारों में सोने और चांदी की कीमतों ने नया इतिहास रच दिया है। त्योहार के चलते भले ही घरेलू शेयर बाजार बंद रहे हों, लेकिन आभूषणों की दुकानों और कमोडिटी मार्केट में निवेशकों तथा आम खरीदारों की नजरें पूरी तरह कीमती धातुओं के भाव पर टिकी रहीं। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव और बढ़ती महंगाई के बीच सोने और चांदी की कीमतों में रिकॉर्ड तेजी बनी हुई है। घरेलू भौतिक बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोना 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार टिका हुआ है, जबकि औद्योगिक मांग और निवेश के दम पर चांदी का भाव 2.10 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के ऐतिहासिक शिखर के करीब कारोबार कर रहा है। पिछले एक साल के आंकड़े साफ दर्शाते हैं कि आभूषणों और कीमती धातुओं में निवेश करने वाले आम परिवारों और निवेशकों को इस अवधि में बंपर मुनाफा मिला है।

₹1 लाख के सोने के गहनों की कीमत ₹1.25 लाख पहुंची, चांदी ने दिया 45% का बंपर रिटर्न

दशहरा 2025 से दशहरा 2026 के बीच के 12 महीनों के बाजार आंकड़ों का विश्लेषण करें तो सोने की कीमतों में 25 प्रतिशत से अधिक का जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है। इसका सीधा मतलब यह है कि अगर किसी उपभोक्ता ने पिछले साल दशहरे पर 1 लाख रुपये के सोने के झुमके, अंगूठी या चेन बनवाई थी, तो आज उसकी शुद्ध धातु कीमत बढ़कर 1 लाख 25 हजार रुपये हो चुकी है। वहीं दूसरी ओर, चांदी ने रिटर्न के मामले में सोने को भी काफी पीछे छोड़ दिया है। पिछले एक साल में चांदी की कीमतों में लगभग 45 प्रतिशत का जोरदार उछाल आया है। यदि किसी निवेशक या परिवार ने बीते दशहरे पर 1 लाख रुपये मूल्य की चांदी खरीदी होती, तो आज उसका बाजार मूल्य बढ़कर सीधे 1 लाख 45 हजार रुपये पर पहुंच चुका होता। सुरक्षित निवेश विकल्प (Safe-Haven Asset) के रूप में सोने-चांदी के प्रति बढ़ते इसी विश्वास ने त्योहारी सीजन में ग्राहकों के उत्साह को और अधिक बढ़ा दिया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) और मुंबई हाजिर बाजार में ताजा रेट्स

घरेलू वायदा बाजार मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर हालिया ट्रेडिंग सत्र में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 618 रुपये यानी 0.42 प्रतिशत की हल्की नरमी के साथ 1,47,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी का वायदा अनुबंध लगभग सपाट रहकर 2,09,825 रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि वायदा बाजार में मामूली नरमी के बावजूद देश के प्रमुख भौतिक सर्राफा बाजारों में कीमतें ऐतिहासिक उच्च स्तर पर कायम हैं। देश की वित्तीय राजधानी मुंबई के हाजिर बाजार में 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 1,47,340 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया, जबकि आभूषण निर्माण में सर्वाधिक इस्तेमाल होने वाले 22 कैरेट जेवराती सोने का भाव 1,35,062 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिल्ली, जयपुर, अहमदाबाद, कोलकाता और चेन्नई जैसे प्रमुख शहरों में भी स्थानीय करों और मेकिंग चार्ज के साथ सोने-चांदी की कीमतें लगभग इसी दायरे में मजबूत बनी हुई हैं।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड और सिल्वर का रुख, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियां

वैश्विक बाजारों की बात करें तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पॉट गोल्ड इस समय 4,144 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार कर रहा है, जबकि स्पॉट सिल्वर 57.44 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर टिकी हुई है। हालांकि वैश्विक पटल पर सोना कुछ दबाव का सामना भी कर रहा है। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण दुनिया भर में महंगाई बढ़ने की आशंका और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में एक और बढ़ोतरी किए जाने के कयासों ने सराफा बाजार पर कुछ दबाव बनाया है। इसके साथ ही अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में मजबूती और प्रमुख शेयर बाजारों में तकनीकी शेयरों के उछाल ने पारंपरिक सुरक्षित निवेश संपत्तियों की मांग को थोड़ा सीमित किया है। बावजूद इसके, पूरे अक्टूबर महीने के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना लगातार 4,100 डॉलर प्रति औंस के मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो इसके मजबूत बुनियादी आधार का प्रमाण है।

भू-राजनीतिक तनाव और महंगाई के बीच सुरक्षित निवेश की मजबूत मांग

कमोडिटी और वित्तीय विश्लेषकों का मानना है कि ऐतिहासिक रूप से जब भी ब्याज दरें ऊंची होती हैं, तो सोने जैसी गैर-ब्याज देने वाली संपत्तियों का आकर्षण थोड़ा कम हो जाता है। लेकिन मौजूदा वैश्विक परिदृश्य में भू-राजनीतिक तनाव, मध्य पूर्व में जारी संकट, अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला में रुकावट और लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति ने सोने और चांदी की सुरक्षित निवेश मांग को असाधारण समर्थन दिया है। केंद्रीय बैंकों द्वारा अपनी तिजोरियों में सोने का विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ाना और रिटेल निवेशकों द्वारा ईटीएफ तथा भौतिक आभूषणों में खरीदारी जारी रखना यह संकेत देता है कि आने वाले धनतेरस और दिवाली के त्योहारों पर भी सोने और चांदी की चमक में किसी तरह की कमी आने की संभावना नहीं है।