120% उछला सरकारी महारत्न कंपनी का मुनाफा, ₹463 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा शेयर; क्या आपको लगाना चाहिए दांव?

120% उछला सरकारी महारत्न कंपनी का मुनाफा, ₹463 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा शेयर; क्या आपको लगाना चाहिए दांव?

भारत की प्रमुख सरकारी महारत्न इंजीनियरिंग एवं उपकरण विनिर्माता कंपनी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर) के लिए शानदार वित्तीय नतीजे पेश किए हैं। कंपनी के मजबूत प्रदर्शन के बाद घरेलू शेयर बाजार में इसके शेयरों में जबर्दस्त खरीदारी देखने को मिली, जिसके चलते इसका शेयर करीब 5 फीसदी उछलकर 463 रुपये के नए ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर (All-Time High) पर पहुंच गया। चालू कैलेंडर वर्ष में अब तक यह शेयर 60 फीसदी से अधिक का रिटर्न दे चुका है। पावर, रिन्यूएबल और भारी औद्योगिक इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में मिल रहे बड़े ऑर्डरों के चलते कंपनी के वित्तीय बहीखाते में लगातार मजबूती देखने को मिल रही है।

शुद्ध मुनाफे में 120 प्रतिशत का बंपर उछाल, ₹810 करोड़ पर पहुंचा आंकड़ा

बीएचईएल द्वारा जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तिमाही में कंपनी का स्टैंडअलोन शुद्ध मुनाफा (Net Profit) सालाना आधार पर 120 प्रतिशत बढ़कर 810 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी का लाभ इससे आधे से भी कम दर्ज किया गया था। मुनाफे के साथ-साथ कंपनी की शीर्ष आय यानी रेवेन्यू में भी जोरदार तेजी दर्ज हुई है। दूसरी तिमाही में कंपनी का कुल राजस्व सालाना आधार पर 24 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9,300 करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में 7,512 करोड़ रुपये रहा था।

परिचालन स्तर पर मजबूत सुधार: EBITDA में 77% की बढ़त और मार्जिन 11% के पार

कंपनी ने परिचालन (ऑपरेटिंग) मोर्चे पर भी विश्लेषकों के अनुमानों को पीछे छोड़ दिया है। बीएचईएल का एबिटा (EBITDA - ब्याज, टैक्स, डेप्रिसिएशन और अमॉर्टाइजेशन से पहले का मुनाफा) सालाना आधार पर 77 प्रतिशत बढ़कर 1,026 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। इसके अलावा, कंपनी का एबिटा मार्जिन भी सुधरकर 11.02 प्रतिशत दर्ज किया गया, जो पिछले साल की समान तिमाही में 7.73 प्रतिशत था। मार्जिन में 3.3 प्रतिशत अंक से अधिक का यह सुधार दर्शाता है कि कंपनी की लागत प्रबंधन प्रणाली और प्रोजेक्ट निष्पादन की क्षमता में उल्लेखनीय प्रगति हुई है।

मैन्युफैक्चरिंग विस्तार के लिए ₹500 करोड़ के कैपेक्स और यूनिट विलय को बोर्ड की मंजूरी

तिमाही वित्तीय नतीजों के साथ ही बीएचईएल के निदेशक मंडल ने भविष्य के कारोबार को रफ्तार देने के लिए कई महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसलों पर मुहर लगाई है। कंपनी बोर्ड ने मैन्युफैक्चरिंग क्षमता के आधुनिकीकरण और विस्तार के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये के नए पूंजीगत व्यय (Capex) निवेश योजना को मंजूरी दे दी है। देश में बढ़ती ऊर्जा मांगों के बीच थर्मल पावर, सुपरक्रिटिकल बॉयलर्स और न्यूक्लियर पावर प्रोजेक्ट्स से जुड़े उपकरणों के निर्माण में इस फंड का बड़ा उपयोग किया जाएगा। इसके साथ ही संगठनात्मक दक्षता और संचालन लागत घटाने के उद्देश्य से बोर्ड ने 1 नवंबर 2026 से अपनी दो प्रमुख इकाइयों के विलय को भी औपचारिक रूप से हरी झंडी दिखाई है, जिसके बाद इलेक्ट्रॉनिक्स डिवीजन (EDN) संयुक्त इकाई के रूप में काम करेगी।

क्या रिकॉर्ड हाई पर निवेशकों को लगाना चाहिए दांव?

कंपनी की विशाल ऑर्डर बुक और सरकार द्वारा पावर व डिफेंस इंफ्रास्ट्रक्चर पर दिए जा रहे जोर से लंबी अवधि का परिदृश्य काफी मजबूत दिखाई दे रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद बाजार विश्लेषकों का मानना है कि नए निवेशकों को मौजूदा वैल्यूएशन और संभावित बाजार उतार-चढ़ाव का सावधानीपूर्वक आकलन करना चाहिए। ऑर्डर मिलने के बाद परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन, कच्चे माल की लागत और समय पर भुगतान की स्थिति कंपनी की आगामी तिमाहियों के प्रदर्शन को सीधे प्रभावित कर सकती है। ऐसे में किसी भी नए निवेश से पहले वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना और चरणों में पूंजी लगाना अधिक समझदारी भरा कदम हो सकता है।