स्विगी पर SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा दांव: ब्लॉक डील में खरीदे ₹300 करोड़ के शेयर, 5% के पार पहुंची हिस्सेदारी

स्विगी पर SBI म्यूचुअल फंड का बड़ा दांव: ब्लॉक डील में खरीदे ₹300 करोड़ के शेयर, 5% के पार पहुंची हिस्सेदारी

देश के सबसे बड़े फंड हाउस एसबीआई म्यूचुअल फंड (SBI Mutual Fund) ने क्विक कॉमर्स और ऑनलाइन फूड डिलीवरी सेक्टर की दिग्गज कंपनी स्विगी लिमिटेड (Swiggy Ltd) पर अपना भरोसा और मजबूत कर लिया है। हालिया ब्लॉक डील के जरिए एसबीआई एमएफ ने खुले बाजार से स्विगी के लगभग 300 करोड़ रुपये मूल्य के अतिरिक्त शेयर खरीदे हैं। इस नए अधिग्रहण के साथ ही कंपनी में एसबीआई म्यूचुअल फंड की कुल हिस्सेदारी बढ़कर 5 फीसदी के महत्वपूर्ण आंकड़े को पार कर गई है। संस्थागत निवेशकों (DIIs) द्वारा घरेलू ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों में बढ़ती दिलचस्पी के लिहाज से इस सौदे को बाजार में काफी सकारात्मक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

ब्लॉक डील के जरिए हुआ सौदा, कई योजनाओं के जरिए बढ़ाई हिस्सेदारी

स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग और बल्क/ब्लॉक डील के आंकड़ों के अनुसार, एसबीआई म्यूचुअल फंड की विभिन्न प्रमुख योजनाओं ने मिलकर यह खरीदारी पूरी की है।

  • हिस्सेदारी में इजाफा: इस ताजा खरीद के बाद स्विगी में फंड हाउस की कुल चुकता इक्विटी पूंजी (Paid-up Capital) में हिस्सेदारी 5% से अधिक हो गई है।

  • नियमों के तहत फाइलिंग: सेबी (SEBI) के नियमों के मुताबिक, जब भी कोई संस्थागत निवेशक किसी लिस्टेड कंपनी में 5% या उससे अधिक की सीमा छूता है या पार करता है, तो उसे एक्सचेंजों को डिस्क्लोजर देना अनिवार्य होता है।

  • बिकवाल पक्ष: माना जा रहा है कि यह लेनदेन पूर्व-आईपीओ (Pre-IPO) निवेशकों या वैश्विक वेंचर कैपिटल फंड्स द्वारा अपनी आंशिक होल्डिंग बेचने के तहत हुआ है, जिसे घरेलू फंड हाउस ने हाथों-हाथ लपक लिया।

क्विक कॉमर्स और फूड डिलीवरी में लंबी अवधि का भरोसा

बाजार विश्लेषकों का मानना है कि एसबीआई म्यूचुअल फंड द्वारा हिस्सेदारी बढ़ाना स्विगी के बुनियादी बिजनेस मॉडल और उसके भविष्य की विकास संभावनाओं पर मजबूत मुहर लगाता है:

  • इंस्टामार्ट की तेज ग्रोथ: फूड डिलीवरी सेगमेंट में स्थिर मुनाफे के साथ-साथ स्विगी का क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म 'इंस्टामार्ट' (Instamart) टियर-1 और टियर-2 शहरों में तेजी से डार्क स्टोर्स का विस्तार कर रहा है।

  • प्रतिस्पर्धा में टिके रहने का दम: जोमैटो (ब्लिंकिट), जेप्टो और बिगबास्केट (नाउ) के बीच मचे घमासान के बावजूद स्विगी अपने मार्जिन और एवरेज ऑर्डर वैल्यू (AOV) को सुधारने में सफल रही है।

  • घरेलू फंड्स की एंट्री: विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) की समय-समय पर बिकवाली के बीच घरेलू म्यूचुअल फंड्स की यह खरीदारी स्विगी के शेयर को निचले स्तरों पर ठोस तकनीकी सहारा (Support) देती है।

बाजार और शेयर मूल्य पर क्या दिखा असर?

इस बड़ी ब्लॉक डील की खबर सामने आते ही शेयर बाजार में स्विगी के स्टॉक पर सकारात्मक रुख देखने को मिला। इंट्रा-डे कारोबार के दौरान शेयर में लिवाली दर्ज की गई और ट्रेडिंग वॉल्यूम सामान्य दिनों से काफी ऊपर पहुंच गया। ब्रोकरेज फर्म्स के मुताबिक, म्यूचुअल फंड दिग्गजों की बढ़ती होल्डिंग से खुदरा निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होता है, क्योंकि बड़े फंड हाउस कंपनियों के कैश फ्लो, डार्क स्टोर डेंसिटी और प्रॉफिटेबिलिटी पाथ का विस्तृत विश्लेषण करने के बाद ही इतना बड़ा पूंजी आवंटन करते हैं।