कैप्टन स्मित मच्छार समेत इन 5 जांबाजों ने टाला फ्लाईदुबई का बड़ा हादसा: कॉकपिट में भिड़कर बचाई सैकड़ों जानें

कैप्टन स्मित मच्छार समेत इन 5 जांबाजों ने टाला फ्लाईदुबई का बड़ा हादसा: कॉकपिट में भिड़कर बचाई सैकड़ों जानें

हवा में 35 हजार फीट की ऊंचाई पर मौत जब सामने खड़ी थी, तब अदम्य साहस, त्वरित सूझबूझ और पेशेवर निष्ठा ने एक भयावह त्रासदी को टाल दिया। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जब सिरफिरे सह-पायलट ने कॉकपिट के भीतर जानलेवा हमला कर बोइंग 737 मैक्स विमान को क्रैश करने की कोशिश की, तो भारतीय मूल के कैप्टन स्मित मच्छार और केबिन क्रू के चार अन्य जांबाजों ने अपनी जान की परवाह किए बिना स्थिति को संभाला। इन पांच जांबाजों के फौलादी हौसले और तत्परता की बदौलत विमान में सवार 150 से अधिक यात्रियों और धरती पर अनगिनत जिंदगियों को एक भयानक हादसे से सुरक्षित बचा लिया गया। आज अंतरराष्ट्रीय विमानन जगत इन हीरोज के शौर्य को सलाम कर रहा है।

लहूलुहान होकर भी डटे रहे कैप्टन स्मित मच्छार, कॉकपिट कंट्रोल नहीं छोड़ा

उड़ान के दौरान जब अचानक को-पायलट ने हिंसक रूप धारण कर लिया और मुख्य पायलट कैप्टन स्मित मच्छार पर अप्रत्याशित हमला बोल दिया, तो स्थिति बेहद नाजुक हो गई थी। गंभीर वार झेलने और लहूलुहान होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने अपना आपा नहीं खोया। विमान की ऊंचाई जब तेजी से अनियंत्रित होकर नीचे गिर रही थी, तब उन्होंने एक हाथ से हमलावर को रोकने का संघर्ष किया और दूसरे हाथ से विमान के कंट्रोल (कंट्रोल कॉलम) को संभाले रखा। उन्होंने आपातकालीन कोड प्रसारित कर एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) को संकट की सूचना दी। कैप्टन स्मित का यह जज्बा ही था कि विमान स्टॉल (असंतुलित) होकर सीधे जमीन की ओर गोता लगाने से बच गया।

केबिन क्रू के चार साथियों ने दिखाया हैरतअंगेज साहस, हमलावर को बांधा

कॉकपिट से खतरे का अलार्म बजते ही केबिन क्रू के चार जांबाज सदस्यों ने बिना एक सेकंड गंवाए मोर्चा संभाल लिया:

  • दरवाजा खोलते ही हमलावर पर झपटे: क्रू मेंबर्स ने आपातकालीन प्रक्रिया का इस्तेमाल कर भारी सुरक्षा वाले फ्लाइट डेक में प्रवेश किया।

  • निहत्थे भिड़े और काबू में किया: सामने हमलावर को आक्रामक मुद्रा में देखकर भी क्रू सदस्य पीछे नहीं हटे। उन्होंने मिलकर आरोपी को दबोचा, उसके हाथ से खतरनाक उपकरण छीना और कड़े संघर्ष के बाद उसे जमीन पर गिरा दिया।

  • सीट से बांधकर पूरी तरह किया निष्क्रिय: क्रू ने तुरंत 'केबिन रिस्ट्रेंट' (विशेष सुरक्षा बेल्ट/जिप टाई) का उपयोग कर हमलावर को पूरी तरह बांध दिया, जिससे वह दोबारा कॉकपिट कंट्रोल तक पहुंचने की स्थिति में न रहे।

क्रू की इस फुर्तीली कार्रवाई ने घायल कैप्टन स्मित मच्छार को राहत की सांस दी, जिसके बाद उन्होंने सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे पर आपात लैंडिंग के लिए आवश्यक प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से अंजाम दिया।

'अगर 30 सेकंड की भी देर होती...': एविएशन विशेषज्ञों ने बांधे तारीफों के पुल

विमानन विशेषज्ञों और जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि बीच हवा में जब विमान अचानक अनियंत्रित गिरावट (रैपिड डिसेंट) में चला गया था, तब अगर क्रू ने अंदर घुसने और हमलावर को काबू करने में 30 सेकंड की भी देरी की होती, तो विमान अत्यधिक गति के कारण हवा में ही डिसइंटीग्रेट (टूट) सकता था या किसी घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिर सकता था। क्रू की इस असाधारण टीम वर्क और कैप्टन की लोहे जैसी इच्छाशक्ति ने विमान को तबुक के रनवे पर सुरक्षित उतारने का चमत्कार कर दिखाया।

वैश्विक स्तर पर सम्मान की मांग, सोशल मीडिया पर जांबाजों को सलाम

इस घटना के सामने आने के बाद सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय पायलट यूनियनों तक, कैप्टन स्मित मच्छार और चारों क्रू मेंबर्स को नागरिक उड्डयन के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार से सम्मानित करने की मांग उठ रही है। अस्पताल में उपचाराधीन कैप्टन स्मित की हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है। यात्रियों ने नम आंखों से इन जांबाजों का शुक्रिया अदा करते हुए कहा कि वे जिंदगी भर इन पांच फरिश्तों के ऋणी रहेंगे, जिन्होंने साक्षात मौत के जबड़े से खींचकर उन्हें नई जिंदगी दी है।