'कतिया करूं' का असली मतलब जानते हैं आप? 15 साल से लूप पर सुन रहे इस गाने का 63 साल पुराना है इतिहास
निर्देशक इम्तियाज अली की फिल्म 'रॉकस्टार' (Rockstar) को भारतीय सिनेमा की एक कल्ट क्लासिक फिल्म माना जाता है. इस फिल्म के एल्बम का हर एक गाना— चाहे वो 'कुन फाया कुन' हो, 'नादान परिंदे', 'साड्डा हक' या फिर 'तुम हो'— आज भी हर म्यूजिक लवर की प्लेलिस्ट का हिस्सा है. एआर रहमान के जादुई संगीत से सजे इसी एल्बम का एक बेहद खूबसूरत और चुलबुला गाना है 'कतिया करूं'. रणबीर कपूर और नरगिस फाखरी पर फिल्माए गए इस गाने को हर्षदीप कौर ने अपनी आवाज दी है. लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि इस गाने के बोल 'कतिया करूं' का असल में मतलब क्या है?
आखिर क्या होता है 'कतिया करूं' का असली मतलब?
दरअसल, 'कतिया करूं' कोई नया शब्द नहीं बल्कि एक पारंपरिक पंजाबी लोक गीत (Folk Song) का हिस्सा है. पुराने समय में पंजाब के गांवों में महिलाएं जब एक साथ बैठकर चरखे पर सूत काता करती थीं, तब वह इस लोक गीत को गुनगुनाती थीं. पंजाबी में 'कतिया' या 'कत्तना' का सीधा मतलब होता है— सूत कातना (Spinning Thread).
गीतकार इरशाद कामिल ने जब रॉकस्टार के लिए इस पारंपरिक लोक गीत को दोबारा लिखा, तो उन्होंने इसमें बेहद खूबसूरत रोमांटिक और आध्यात्मिक गहराई जोड़ दी. गाने की लाइन 'सारी रात कतिया करूं' का सीधा सा मतलब है कि एक प्रेमिका अपने प्रेमी की यादों में खोकर पूरी रात सूत कातने (यानी समय बिताने) को तैयार है. इस गाने में 'चरखे' का इस्तेमाल इंसानी 'सांसों' के प्रतीक के रूप में किया गया है.
रॉकस्टार नहीं, बल्कि 63 साल पुरानी इस फिल्म में पहली बार गूंजा था यह गाना
अगर आपको लगता है कि इस गाने को पहली बार साल 2011 में आई फिल्म 'रॉकस्टार' के लिए ही बनाया गया था, तो आप गलत हैं. इस शानदार धुन का इतिहास बेहद पुराना है. बड़े पर्दे पर इस गीत का इस्तेमाल सबसे पहले आज से 63 साल पहले यानी साल 1963 में रिलीज हुई पंजाबी फिल्म 'पिंड दी कुड़ी' में किया गया था. उस दौर में मशहूर गायिका शमशाद बेगम की आवाज में 'कते करूं तेरी रूं' के नाम से यह गाना बेहद लोकप्रिय हुआ था. एआर रहमान ने इसी क्लासिक धुन को आधुनिक रॉक-पॉप टच देकर नई पीढ़ी के सामने पेश किया.
कश्मीर की इस खूबसूरत वादी में शूट हुआ था पूरा गाना
'कतिया करूं' गाना सुनने में जितना सुकून देता है, इसका वीडियो भी उतना ही आंखों को भाता है. फिल्म में रणबीर और नरगिस के बीच की खूबसूरत केमिस्ट्री को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में स्थित मशहूर 'बेताब वैली' में शूट किया गया था. पहाड़ों और वादियों के बीच फिल्माया गया यह गाना आज भी लोगों को प्रकृति और प्यार के करीब ले जाता है.