बचपन में हुई हैवानियत को याद कर आज भी कांप जाती हैं सोमी अली, एक्ट्रेस ने बयां किया 4 साल की उम्र का वो खौफनाक दर्द!

बचपन में हुई हैवानियत को याद कर आज भी कांप जाती हैं सोमी अली, एक्ट्रेस ने बयां किया 4 साल की उम्र का वो खौफनाक दर्द!

बॉलीवुड हस्तियां अक्सर अपनी चकाचौंध भरी जिंदगी के पीछे छिपे अंधेरे राज और व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करती हैं, जिसे सुनकर हर कोई स्तब्ध रह जाता है। हाल ही में बॉलीवुड की पूर्व अभिनेत्री और सलमान खान की एक्स-गर्लफ्रेंड रह चुकीं सोमी अली (Somy Ali Interview) ने अपने बचपन को लेकर कई विचलित करने वाले और हैरान करने वाले खुलासे किए हैं। सोमी अली ने बताया कि वे महज चार साल की उम्र से ही यौन उत्पीड़न (Child Sexual Abuse) का शिकार हुई थीं और यह घिनौनी हरकत किसी बाहरी ने नहीं, बल्कि उनके घर के ही स्टाफ ने की थी।

महज 4 साल की मासूम उम्र और दरिंदगी की शुरुआत

वरिष्ठ पत्रकार निधि वसंदानी को दिए एक इंटरव्यू में सोमी अली ने अपने जीवन के उस सबसे गहरे और दर्दनाक ट्रॉमा (Childhood Trauma) के बारे में खुलकर बात की। सोमी ने बताया कि उनके साथ यह सिलसिला एक बार नहीं बल्कि तीन अलग-अलग उम्र के पड़ावों पर हुआ:

  • 4 वर्ष की उम्र: पहली बार महज 4 साल की अत्यंत मासूम उम्र में उनका सेक्शुअली अब्यूज किया गया।

  • 5 वर्ष की उम्र: इसके बाद जब वे 5 साल की हुईं, तो उनके घर के रसोइए (खानसामा) ने उनके साथ घिनौनी हरकत की।

  • 9 वर्ष की उम्र: दरिंदगी का यह दौर यहीं नहीं रुका। जब सोमी 9 साल की हुईं, तब उनके घर के गार्ड्स ने उन्हें सर्वेंट क्वार्टर में ले जाकर शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया।

"चूजे दिखाने के बहाने अपने कमरे में ले जाता था नौकर"

सोमी अली ने उस खौफनाक घटना को याद करते हुए बताया कि उनके घर का खानसामा अब्दुल उन्हें बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसाता था। सोमी ने कहा:

"मैंने बाद में अपने पिता को इंटरकॉम पर बताया था कि उस खानसामे अब्दुल ने दो-तीन बार मेरे साथ गंदी हरकत की। वह मुझे चूजे (मुर्गी के बच्चे) दिखाने के बहाने अपने कमरे पर ले जाता था और वहां इस हैवानियत को अंजाम देता था।"

जब पिता ने नौकर को लहूलुहान कर घर से निकाला

सोमी ने बताया कि जब यह बात उनके पिता (जो एक बड़े फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर और डिस्ट्रीब्यूटर थे) को पता चली, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। उन्होंने तुरंत अब्दुल को बुलाया और बाकी नौकरों से उसकी इतनी बेरहमी से पिटाई करवाई कि वह लहूलुहान हो गया। इसके बाद उसे घर से बाहर फेंक दिया गया। सोमी ने कहा कि 5 साल की उम्र में अपने सामने ऐसा खून-खराबा और मारपीट देखना उनके बाल मन के लिए एक ऐसा गहरा सदमा (Trauma) बन गया, जिससे वे कभी उबर नहीं पाईं।

मां ने दी थी चुप रहने की हिदायत: "वरना कोई शादी नहीं करेगा"

इस इंटरव्यू में सोमी अली ने समाज और अपने माता-पिता की संकीर्ण मानसिकता पर भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि जब 9 साल की उम्र में उनके साथ दोबारा यह घटना घटी, तो उनकी मां ने इस पर कड़ा एक्शन लेने के बजाय उन्हें चुप रहने की सलाह दी।

सोमी के अनुसार:

"मम्मी ने मुझसे कहा कि इस बारे में किसी को कुछ मत बताना, वरना समाज में बदनामी होगी और तुमसे आगे चलकर कोई शादी नहीं करेगा। माता-पिता के इस तरह के रिएक्शन और समाज की इस सोच ने मुझे अंदर से तोड़ दिया और मुझ पर इसका बहुत गलत असर पड़ा।"

सोमी अली आज 'नो मोर टीयर्स' (No More Tears) नाम की एक संस्था चलाती हैं, जो घरेलू हिंसा और दुर्व्यवहार के शिकार लोगों की मदद करती है। उन्होंने साफ किया कि वे इन मुद्दों पर इसलिए खुलकर बोलती हैं ताकि समाज में जागरूकता आए और बच्चों को ऐसे खतरों से बचाया जा सके।

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