ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी पर शुभेंदु सरकार का बड़ा ऐक्शन, 5 मंजिला दफ्तर पर चला प्रशासन का बुलडोजर
कोलकाता: पश्चिम बंगाल की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है। सूबे में सत्ता परिवर्तन होने और नई शुभेंदु सरकार (Suvendu Government) के कमान संभालते ही तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दिग्गज नेताओं के खिलाफ प्रशासनिक चाबुक चलना शुरू हो गया है। शनिवार (18 जुलाई) सुबह दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी (Abhishek Banerjee) के पांच मंजिला दफ्तर पर प्रशासन ने बुलडोजर (Bulldozer Action) चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया है।
अमतला-बरुईपुर रोड पर स्थित इस आलीशान दफ्तर को जिला प्रशासन ने पूरी तरह अवैध और नियमों के खिलाफ निर्मित बताया है। बुलडोजर की कार्रवाई शुरू होते ही इलाके में तनाव को देखते हुए भारी संख्या में पुलिस बल और आला अधिकारियों की तैनाती की गई है।
मंजूर नक्शे के खिलाफ बनी थी पांच मंजिला इमारत (The Deviation Plot)
साउथ 24 परगना जिला प्रशासन (District Administration) के मुताबिक, यह कार्रवाई रातों-रात नहीं की गई है बल्कि इसके पीछे पूरी कानूनी प्रक्रिया अपनाई गई है:
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नियमों का उल्लंघन: यह पांच मंजिला कार्यालय अमतला मार्केट के पास बना हुआ था। प्रशासनिक जांच में सामने आया कि बिल्डिंग का निर्माण जिला परिषद द्वारा मंजूर किए गए आधिकारिक प्लान (Approved Plan) के विपरीत जाकर किया गया था।
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नोटिस की अनदेखी: प्रशासन ने इस अवैध निर्माण को लेकर कुछ दिनों पहले ही बिल्डिंग पर नोटिस चस्पा किया था और तय समय सीमा में जवाब मांगा था। सूत्रों के अनुसार, बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से ही यह ऑफिस बंद था और जिला परिषद (District Council) के सामने टीएमसी का कोई भी प्रतिनिधि स्पष्टीकरण देने पेश नहीं हुआ। इसके बाद नियमों के तहत बेदखली और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
दफ्तरों पर लगातार हो रही बुलडोजर कार्रवाई
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के अवैध दफ्तरों पर यह कोई पहली कार्रवाई नहीं है। इससे पहले भी शुभेंदु सरकार के कमान संभालते ही एक्शन तेज कर दिया गया था:
| तारीख | स्थान / घटना | प्रशासनिक कारण |
| 24 मई 2026 | ईएम बाईपास के पास मथपुकुर में स्थित टीएमसी पार्टी ऑफिस। | अवैध जमीन पर कब्जा और बिना अनुमति के निर्माण। |
| 18 जुलाई 2026 | अमतला-बरुईपुर रोड स्थित सांसद अभिषेक बनर्जी का 5 मंजिला कार्यालय। | स्वीकृत प्लान का उल्लंघन और नोटिस का जवाब न देना। |
अभिषेक बनर्जी ने लगाए थे 'राजनैतिक प्रतिशोध' के गंभीर आरोप
इस कार्रवाई से पहले, 3 जुलाई को सांसद अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर एक बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर राज्य की पुलिस और जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाए थे:
अभिषेक बनर्जी का बयान: "पिछले कुछ हफ्तों में, एसटीएफ (STF) और सीआईडी (CID) बंगाल पुलिस ने बिना किसी वैध कानूनी नोटिस के मेरे कार्यालय या मुझसे जुड़े लगभग 25 लोगों को अचानक पूछताछ के नाम पर उठाया या समन किया है। उन्हें डराया-धमकाया जा रहा है ताकि वे मेरे खिलाफ झूठे बयान दे सकें। हमारे फोन टैप किए जा रहे हैं और परिवार की महिला सदस्यों को भी प्रताड़ित किया जा रहा है। यह सबसे घटिया स्तर की राजनीतिक धमकी (Political Vendetta) है।"
बुलडोजर की इस कार्रवाई के बाद अमतला इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद कानून-व्यवस्था (Law and Order) बनाए रखने के लिए पुलिस बल स्थानीय लोगों को लगातार घटनास्थल से दूर हटाता नजर आया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में बंगाल की राजनीति में टीएमसी और भाजपा (BJP) के बीच यह तकरार और ज्यादा उग्र रूप ले सकती है।