सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस के एक्शन पर उठाए सवाल; मोदी सरकार को इन मुद्दों पर घेरा

सोनम वांगचुक के अनशन पर पहली बार बोले राहुल गांधी, दिल्ली पुलिस के एक्शन पर उठाए सवाल; मोदी सरकार को इन मुद्दों पर घेरा

नई दिल्ली: दिल्ली के जंतर-मंतर पर लद्दाख की मांगों को लेकर अनशन पर बैठे मशहूर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को अस्पताल में भर्ती कराए जाने के बाद देश की सियासत गरमा गई है। कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने इस पूरे घटनाक्रम पर पहली बार अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार (18 जुलाई) को केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक को बलपूर्वक अनशन स्थल से हटाए जाने को लोकतांत्रिक अधिकारों पर बड़ी चोट करार दिया है।

इसके साथ ही, उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था, लगातार हो रहे पेपर लीक (Paper Leak) और छात्रों की आत्महत्याओं के गंभीर मुद्दों को लेकर भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए मोदी सरकार को कटघरे में खड़ा किया है।

'अहिंसक विरोध को दबाना गलत': मोदी सरकार पर राहुल गांधी का हमला

राहुल गांधी ने सोनम वांगचुक के समर्थन में ट्वीट करते हुए सरकार के रवैये की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा:

  • असत्य और हिंसा का आरोप: राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार के मूल सिद्धांत असत्य और हिंसा पर आधारित हैं।

  • लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन: उन्होंने स्पष्ट किया कि जब सोनम वांगचुक पूरी तरह अहिंसक और शांतिपूर्ण तरीके से भूख हड़ताल पर बैठे थे, तो उन्हें जंतर-मंतर से जबरन हटाया जाना पूरी तरह गलत और अलोकतांत्रिक है। किसी भी शांतिपूर्ण विरोध को बलपूर्वक दबाना सही नहीं ठहराया जा सकता।

दिल्ली पुलिस की 'सीक्रेट रणनीति': सफेद चादर और जैमर का हुआ इस्तेमाल

सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत के मद्देनजर दिल्ली उच्च न्यायालय (Delhi High Court) के निर्देश और डॉक्टरों की सलाह के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें अस्पताल ले जाने के लिए शुक्रवार रात ही एक बेहद गोपनीय और विशेष रणनीति (Strategy) तैयार की थी:

[रात 1:30 बजे]: पुलिस मुख्यालय से वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मेडिकल जांच व अस्पताल भर्ती कराने का निर्देश। ↓ [तड़के 4:00 बजे]: नई दिल्ली जिले के सीनियर पुलिस अधिकारी मंदिर मार्ग थाने में एकत्र हुए; बिना टकराव के 1 मिनट में एक्शन का प्लान बना। ↓ [सुबह 5:00 बजे]: जंतर-मंतर के पास मोबाइल नेटवर्क जैमर एक्टिवेट किए गए ताकि कोई लाइव या सूचना लीक न हो। ↓ [सुबह 5:15 बजे]: सादे कपड़ों में पुलिसकर्मी बड़ी-बड़ी सफेद चादरों से मंच को ढकते हुए आगे बढ़े और वांगचुक को सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस पूरी कार्रवाई को इतनी गोपनीयता और मुस्तैदी से अंजाम दिया गया ताकि मौके पर मौजूद समर्थकों के साथ किसी भी प्रकार का टकराव न हो और एक मिनट से भी कम समय में वांगचुक को सुरक्षित एम्बुलेंस तक पहुंचाया जा सके।

शिक्षा व्यवस्था और नीट (NEET) मुद्दे पर राहुल गांधी का भावुक पोस्ट

सोनम वांगचुक के मुद्दे के साथ-साथ राहुल गांधी ने देश के छात्रों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था पर भी सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने देहरादून में आयोजित 'छात्रों की गूंज' रैली का एक बेहद भावुक वीडियो साझा किया।

रिया कुमारी के पिता का दर्द: राहुल गांधी ने रैली के दौरान मंच पर बिहार की छात्रा दिवंगत रिया कुमारी के पिता राजेश कुमार को बुलाया। बता दें कि नीट-यूजी (NEET-UG) परीक्षा में कथित पेपर लीक के आरोपों और परीक्षा रद्द होने के मानसिक तनाव के कारण मई में रिया ने आत्महत्या कर ली थी।

राहुल गांधी के मुख्य बिंदु शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग
भविष्य के गंभीर मुद्दे प्रश्नपत्र लीक, शिक्षा की लगातार बढ़ती लागत और देश भर में छात्रों की आत्महत्याएं भारत के भविष्य से जुड़े सबसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन्हें सरकार नजरअंदाज कर रही है।
आवाज दबाना असंभव राहुल ने साफ किया कि सरकार चाहे जितना बल प्रयोग (Force) कर ले, वह भारत के छात्रों और उनके हक में खड़े लोगों को इन बुनियादी और जरूरी मुद्दों को उठाने से नहीं रोक सकती।
तनावमुक्त माहौल की जरूरत उन्होंने मांग की कि देश की पूरी शिक्षा व्यवस्था को बिल्कुल नए सिरे से (Reconstruct) तैयार किया जाना चाहिए, ताकि बच्चों को एक तनावमुक्त व सुरक्षित माहौल मिल सके और मध्यमवर्गीय माता-पिता के त्याग का उन्हें सही फल मिले।

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