'धुरंधर: द रिवेंज' के गानों ने रचा इतिहास! ग्रैमी अवार्ड्स के लिए भेजी गई पूरी एल्बम, म्यूजिक इंडस्ट्री में जश्न
भारतीय सिनेमा और संगीत जगत के लिए एक अत्यंत गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक खबर सामने आई है। बड़े पर्दे पर बॉक्स ऑफिस के कई रिकॉर्ड्स ध्वस्त करने वाली रणवीर सिंह की बहुचर्चित एक्शन-थ्रिलर फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' (Dhurandhar The Revenge) ने अब अंतरराष्ट्रीय संगीत के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर दस्तक दे दी है। फिल्म के संगीत ट्रैक और बैकग्राउंड स्कोर को दुनिया के सबसे बड़े म्यूजिक ऑनर यानी 'ग्रैमी अवार्ड्स' (Grammy Awards) के आगामी संस्करण में विचारार्थ (For Your Consideration - FYC) आधिकारिक रूप से प्रस्तुत किया गया है। मेकर्स और रिकॉर्ड लेबल ने फिल्म की संपूर्ण म्यूजिक एल्बम को 'बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक एल्बम' (Best Global Music Album) और इसके प्रमुख थीम ट्रैक को 'बेस्ट ग्लोबल म्यूजिक परफॉर्मेंस' श्रेणियों में सबमिट किया है। इस बड़ी उपलब्धि की घोषणा होते ही सोशल मीडिया से लेकर बॉलीवुड गलियारों तक संगीत प्रेमियों और फिल्म बिरादरी में जश्न का माहौल छा गया है।
लोक-धुनों और आधुनिक ऑर्केस्ट्रा का अद्भुत संगम: क्यों खास है यह एल्बम?
'धुरंधर: द रिवेंज' की म्यूजिक एल्बम को ग्रैमी तक पहुंचाने में इसके अनूठे साउंडस्केप और साहसिक प्रयोगों का सबसे बड़ा हाथ है। फिल्म के संगीतकारों ने पारंपरिक भारतीय लोक-वाद्यों—जैसे सारंगी, ढोल, नगाड़ा और रावणहत्था—को पश्चिमी सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा, हेवी गिटार रिफ्स और डार्क इलेक्ट्रॉनिक बीट्स के साथ इतनी कुशलता से पिरोया है कि यह हर किसी के रोंगटे खड़े कर देता है। फिल्म का हर एक ट्रैक केवल कहानी को आगे नहीं बढ़ाता, बल्कि दृश्य के भावनात्मक तनाव और बदले की आग को कई गुना गहरा बना देता है। संगीत समीक्षकों का मानना है कि लंबे समय बाद किसी मुख्यधारा की हिंदी एक्शन फिल्म में इतनी विविधतापूर्ण, ऑर्गेनिक और अंतरराष्ट्रीय स्तर की ध्वनि बनावट (Acoustic Texture) सुनने को मिली है, जो वैश्विक मंचों पर पश्चिमी संगीत दिग्गजों को कड़ी टक्कर देने का माद्दा रखती है।
चार्टबस्टर्स की लंबी कतार: स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर बना रखे हैं रिकॉर्ड्स
फिल्म की रिलीज के बाद से ही इसके गीतों ने सभी प्रमुख ऑडियो और वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर सुनामी ला रखी है। फिल्म का टाइटल ट्रैक 'रिवेंज थीम' और दमदार सूफी-रॉक एंथम स्पॉटिफाई (Spotify), एप्पल म्यूजिक और यूट्यूब ग्लोबल म्यूजिक चार्ट्स के शीर्ष पायदानों पर हफ्तों तक काबिज रहे। करोड़ों रील्स और शॉर्ट्स में इस एल्बम के ट्रैक बैकग्राउंड म्यूजिक के तौर पर इस्तेमाल किए जा चुके हैं। श्रोताओं ने न केवल इसके हाई-ऑक्टेन एनर्जेटिक ट्रैक्स को सराहा है, बल्कि फिल्म के दर्द भरे मेलोडियस ट्रैक्स को भी गहराई से महसूस किया है। संगीत प्रेमियों का कहना है कि जब कोई संगीत अपनी स्थानीय माटी की खुशबू समेटते हुए वैश्विक मानकों को छूता है, तभी वह सीमाओं से परे जाकर पूरी दुनिया के कानों में गूंजता है।
संगीतकारों और गायकों की मेहनत लाई रंग: मेकर्स ने जताया आभार
एल्बम के ग्रैमी एंट्री की खबर सार्वजनिक होते ही फिल्म के निर्माताओं और संगीत निर्देशक दल ने भावुक प्रतिक्रिया साझा की है। संगीतकारों ने कहा कि इस एल्बम को तैयार करने में लगभग दो साल का अथक परिश्रम लगा, जिसमें देश भर के कोने-कोने से आए ग्रामीण लोक कलाकारों और वैश्विक संगीतकारों को एक स्टूडियो में साथ बैठाकर लाइव रिकॉर्डिंग की गई थी। रणवीर सिंह ने भी सोशल मीडिया पर अपनी खुशी जाहिर करते हुए पूरी म्यूजिक टीम, लिरिसिस्ट्स और गायकों को बधाई दी और लिखा कि भारतीय संगीत की समृद्ध विरासत को दुनिया के सबसे बड़े मंच पर देखना हर कलाकार का सपना होता है। उन्होंने इस ऐतिहासिक सफर के लिए सभी फैंस और श्रोताओं का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।
'नाटू नाटू' के बाद एक और वैश्विक मील का पत्थर बनने की उम्मीद
हाल के वर्षों में भारतीय संगीत ने जिस तरह ऑस्कर और ग्रैमी जैसे अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अपनी धाक जमाई है, 'धुरंधर: द रिवेंज' की ग्रैमी एंट्री उसी स्वर्णिम सिलसिले को आगे बढ़ाती नजर आ रही है। आरआरआर के गीत 'नाटू नाटू' और रिकी केज की ऐतिहासिक ग्रैमी जीत के बाद अब पश्चिमी संगीत समीक्षकों की नजरें भी भारतीय धुनों पर टिकी हुई हैं। एकेडमी ऑफ रिकॉर्डिंग आर्ट्स एंड साइंसेज के सदस्यों द्वारा मतदान की प्रक्रिया के बाद यदि यह एल्बम अंतिम नॉमिनेशन लिस्ट में जगह बनाने में सफल रहती है, तो यह बॉलीवुड सिनेमा और भारतीय म्यूजिक इंडस्ट्री के लिए एक युगांतरकारी क्षण होगा। अब पूरी दुनिया के संगीत प्रेमियों की निगाहें ग्रैमी के आगामी नॉमिनेशन राउंड पर टिकी हैं।