'रामायण' का रावण बनने के लिए क्यों तैयार हुए 'रॉकी भाई'

'रामायण' का रावण बनने के लिए क्यों तैयार हुए 'रॉकी भाई'

कन्नड़ सिनेमा से निकलकर पूरे देश के दिलों पर राज करने वाले 'केजीएफ' फेम पैन-इंडिया सुपरस्टार यश इन दिनों अपनी आगामी मेगा-बजट पौराणिक फिल्म 'रामायणम्' (रामायण: पार्ट 1) को लेकर जबर्दस्त सुर्खियों में हैं। भगवान श्री राम के शाश्वत महाकाव्य पर आधारित इस ऐतिहासिक सिनेमैटिक गाथा में यश लंकापति रावण की अत्यंत शक्तिशाली और जटिल भूमिका निभा रहे हैं। दर्शक और फिल्म समीक्षक लंबे समय से यह जानने को उत्सुक थे कि पूरे देश में रॉकी भाई के रूप में एक महानायक की छवि स्थापित करने के बाद यश ने आखिर एक खलनायक यानी दशानन रावण का किरदार निभाने का साहसी फैसला क्यों लिया। अब फिल्म की रिलीज से ठीक पहले प्रमोशन के दौरान सुपरस्टार यश ने इस राज से पर्दा उठा दिया है। यश ने खुलकर बताया कि इस फैसले के पीछे नमित मल्होत्रा का ऐतिहासिक विजन, भारतीय सिनेमा को वैश्विक पहचान दिलाने की तड़प और उनका असाधारण पागलपन सबसे बड़ा कारण बना।

नमित मल्होत्रा का विजन और ऑस्कर वाली बेचैनी: जब यश ने कहा- 'चलो, मैं रावण बनूंगा'

यश ने फिल्म के निर्माता और प्राइम फोकस के प्रमुख नमित मल्होत्रा के साथ अपनी शुरुआती मुलाकातों का संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उनके भीतर भारतीय सिनेमा को हॉलीवुड के स्तर पर ले जाने की एक अद्वितीय भूख है। यश के अनुसार फिल्में तो कोई भी बना सकता है और अरबों रुपये पानी की तरह बहा सकता है, लेकिन कुछ विरले लोग ही होते हैं जिनके भीतर कला के प्रति सच्चा जुनून, अटूट समर्पण और अपनी संस्कृति के लिए एक खास किस्म का पागलपन होता है। यश ने कहा कि नमित मल्होत्रा लॉस एंजिलिस (एलए) में अपने अंतरराष्ट्रीय विजुअल इफेक्ट्स कारोबार के साथ बेहद आरामदायक और सफल जीवन जी रहे थे, फिर भी उनके दिल में अपनी मातृभूमि के लिए कुछ अभूतपूर्व कर गुजरने की आग सुलग रही थी। नमित ने यश से कहा था कि वे अपनी कंपनियों के जरिए कई ऑस्कर पुरस्कार जीत चुके हैं, लेकिन जब तक भारतीय सिनेमा को अपनी मूल सांस्कृतिक जड़ों के साथ वैश्विक स्तर पर वैसी पहचान नहीं मिलती, तब तक उन्हें वास्तविक संतुष्टि नहीं मिलेगी। नमित की यही निष्ठा और भारतीय संस्कृति को विश्व मंच पर ले जाने की चाहत यश के दिल को छू गई। यश ने उसी क्षण फैसला किया कि वे न केवल फिल्म में रावण का किरदार निभाएंगे, बल्कि सह-निर्माता (को-प्रोड्यूसर) के रूप में भी पूरी ताकत से नमित के इस ऐतिहासिक मिशन के साथ खड़े होंगे।

4000 करोड़ का विशाल बजट और दो भागों की योजना: विश्व पटल पर छाने की तैयारी

निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी की यह महत्वाकांक्षी पौराणिक परियोजना लगभग 4,000 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड बजट के साथ तैयार की जा रही है, जो भारतीय सिनेमा के इतिहास का सबसे महंगा सिनेमैटिक प्रोजेक्ट है। मेकर्स ने इस महाकाव्य को संपूर्णता और भव्यता के साथ प्रस्तुत करने के लिए इसे दो बड़े भागों में रिलीज करने की पुख्ता योजना बनाई है। फिल्म का पहला भाग जहां इस दिवाली के पावन अवसर पर वैश्विक स्तर पर रिलीज होने के लिए तैयार है, वहीं इसका दूसरा भाग आगामी वर्ष में दर्शकों के सामने आएगा। यश ने जोर देकर कहा कि एक भारतीय होने के नाते यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम ऐसे साहसी निर्माताओं और विजनरी फिल्ममेकर्स का खुलकर समर्थन करें जो अपनी विरासत को हॉलीवुड की अत्याधुनिक तकनीक के साथ दुनिया के सामने गर्व से पेश करने का जोखिम उठा रहे हैं।

'टॉक्सिक' के झटके के बाद दांव पर यश का करियर: रावण के अवतार से बंपर कमबैक की उम्मीद

सुपरस्टार यश के व्यक्तिगत फिल्मी सफर के लिहाज से भी यह फिल्म अत्यंत निर्णायक मोड़ पर खड़ी है। साल 2022 में रिलीज हुई ऐतिहासिक ब्लॉकबस्टर 'केजीएफ चैप्टर 2' की विश्वव्यापी सफलता के बाद यश ने पूरे चार साल का लंबा समय लिया था। इसके बाद उन्होंने एक्शन फिल्म 'टॉक्सिक' के जरिए सिल्वर स्क्रीन पर वापसी की, लेकिन भारी उम्मीदों के बावजूद यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर दर्शकों की कसौटी पर खरी नहीं उतर सकी और व्यावसायिक रूप से असफल रही। इस असफलता के बाद फिल्म उद्योग में यह माना जाने लगा कि यश का फिल्मी करियर अब एक नाजुक मोड़ पर है और उन्हें अपनी खोई हुई आभा को फिर से हासिल करने के लिए एक विशाल धमाके की सख्त जरूरत है। यही वजह है कि 'रामायणम्' के जरिए यश की साख और उनका पैन-इंडिया स्टारडम पूरी तरह दांव पर लगा हुआ है।

दशानन के किरदार को लेकर दर्शकों में भारी दीवानगी, क्या टूटेगा केजीएफ का रिकॉर्ड?

हालांकि फिल्म के शुरुआती पोस्टर्स, टीजर्स और यश के भारी-भरकम लुक को लेकर देश भर के सिनेप्रेमियों और उनके प्रशंसकों में जिस तरह का अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है, उसने बॉक्स ऑफिस पर सुनामी आने के साफ संकेत दे दिए हैं। अभिनेता रणबीर कपूर के भगवान श्री राम और साई पल्लवी के माता सीता के रूप के साथ जब यश के रावण वाले क्रूर, विद्वान और पराक्रमी अवतार का टकराव पर्दे पर होगा, तो वह दृश्य भारतीय सिनेमा के लिए मील का पत्थर साबित होगा। ट्रेड एनालिस्टों का मानना है कि रावण के इस बहुआयामी और विशाल किरदार के जरिए यश न केवल अपनी पिछली असफलता को पीछे छोड़ देंगे, बल्कि उनका यह कमबैक भारतीय बॉक्स ऑफिस के कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड्स को तहस-नहस करने की पूरी क्षमता रखता है।