हर पूड़ी फूलेगी गुब्बारे की तरह और रहेगी घंटों तक क्रिस्पी, आटा गूंथते समय बस मिला लें यह 1 जादुई चीज
त्योहारों का मौका हो, रविवार का नाश्ता हो या घर में मेहमानों की दावत, गरमा-गरम फूली हुई पूड़ी हर भारतीय थाली की जान होती है। लेकिन अक्सर घर की रसोई में महिलाओं की यह आम शिकायत रहती है कि पूड़ी कढ़ाई में डालते ही ठीक से फूलती नहीं है, या फिर फूलने के कुछ ही सेकंड बाद पपड़ी की तरह पिचक कर सख्त हो जाती है। इसके अलावा, पूड़ी जरूरत से ज्यादा तेल भी सोख लेती है। अगर आप भी इस समस्या से परेशान हैं, तो पूड़ियों को बिल्कुल हलवाई जैसी फूली-फूली, खस्ता और लंबे समय तक गुब्बारे की तरह बनाए रखने के लिए आटा गूंथते समय बस एक आसान सा सीक्रेट आजमाना होगा।
आटा गूंथते समय करें बस ये 1 काम: मिलाइए 2 चम्मच 'बारीक सूजी'
गुब्बारे जैसी फुली और खस्ता पूड़ी बनाने का सबसे बड़ा राज है सूजी (रवा) का सही इस्तेमाल।
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माप का नियम: 2 कप गेहूं के आटे में लगभग 2 बड़े चम्मच बारीक सूजी और साथ में 1 छोटा चम्मच गर्म देसी घी या तेल (मोयन) मिला लें।
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यह कैसे काम करता है? गेहूं के आटे में केवल ग्लूटेन होता है, जो भाप बनते ही तुरंत नरम पड़ जाता है। जब आप आटे में सूजी मिलाते हैं, तो सूजी नमी को बांधकर रखती है। तलते समय सूजी की वजह से पूड़ी की बाहरी परत पर एक क्रिस्पी क्रस्ट बन जाता है, जो अंदर की भाप को बाहर नहीं निकलने देता। नतीजा यह होता है कि पूड़ी गुब्बारे की तरह फूलती है और प्लेट में निकालने के काफी देर बाद तक भी नहीं पिचकती।
हलवाई जैसी पूड़ी के लिए 4 जरूरी गोल्डन रूल्स
सिर्फ सूजी मिलाना ही काफी नहीं है, आटा तैयार करने और तलने के तरीके में भी इन बातों का ध्यान रखना जरूरी है:
1. आटा हमेशा सख्त (कड़ा) गूंथें
रोटी का आटा हमेशा मुलायम गूंथा जाता है, लेकिन पूड़ी का आटा हमेशा सामान्य से सख्त होना चाहिए। अगर आटा गीला या बहुत ज्यादा नरम होगा, तो पूड़ी बेलते समय चिपक जाएगी और तेल में जाते ही ढेर सारा तेल सोख लेगी।
2. गुनगुने पानी का करें इस्तेमाल
आटा गूंथने के लिए ठंडे या सामान्य पानी के बजाय हल्का गुनगुना पानी इस्तेमाल करें। गुनगुने पानी से सूजी अच्छी तरह फूल जाती है और आटा एकसार चिकना बनता है।
3. 10 से 15 मिनट का रेस्ट जरूर दें
आटा गूंथने के तुरंत बाद पूड़ी न बेलें। आटे पर हल्का सा तेल लगाकर उसे गीले सूती कपड़े या ढक्कन से ढककर 10 से 15 मिनट के लिए छोड़ दें। इससे सूजी सारा पानी सोख लेगी और आटा पूरी तरह सेट हो जाएगा।
4. सूखा आटा (पलोथन) लगाने से बचें
पूड़ी बेलते समय कभी भी सूखा आटा न लगाएं। सूखा आटा लगाने से कढ़ाई का तेल जलकर काला हो जाता है और पूड़ी पर भी काले जलने के निशान आ जाते हैं। पूड़ी को हमेशा चकले और बेलन पर 1-2 बूंद तेल लगाकर ही बेलें।
तलते समय तेल का सही तापमान
पूड़ी के न फूलने का एक बड़ा कारण तेल का ठंडा होना है। तेल को हमेशा तेज आंच पर अच्छी तरह गर्म करें। चेक करने के लिए आटे की एक छोटी सी गोली तेल में डालें; अगर वह तुरंत तैरकर ऊपर आ जाए, तो समझें तेल तैयार है।
पूड़ी को तेल में डालने के बाद कलछी (झरिए) से उसके ऊपर हल्का सा दबाव बनाएं या ऊपर से गर्म तेल उछालें। ऐसा करते ही पूड़ी झटपट गुब्बारे की तरह फूलकर ऊपर आ जाएगी।