लोहे का तवा हमेशा रहेगा शीशे जैसा चमकदार! धोने के बाद तुरंत कर लें ये 1 छोटा काम, कभी नहीं लगेगी जंग
भारतीय रसोई में रोटियां और परांठे सेकने के लिए लोहे का तवा सबसे मुफीद और सेहतमंद बर्तन माना जाता है। नॉन-स्टिक बर्तनों के केमिकल कोटिंग के नुकसानों से बचने के लिए आज भी अधिकांश घरों में लोहे के तवे को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन लोहे के तवे के साथ सबसे बड़ी सिरदर्दी यह होती है कि इसे चाहे कितना भी रगड़-घिसकर चमका लिया जाए, धोने के कुछ ही घंटों बाद इस पर लाल-भूरे रंग की जंग (Rust) की परत चढ़ने लगती है। इसके अलावा कई बार तवे पर जली हुई चिकनाई और कालिख की इतनी मोटी परत जम जाती है कि अगली बार रोटी डालते ही वह चिपकने लगती है और धुआं उठने लगता है। यदि आप भी अपने लोहे के तवे पर बार-बार लगने वाली जंग और कालेपन से परेशान हैं, तो धोने के तुरंत बाद मात्र 1 मिनट का यह काम कर लें, आपका तवा हमेशा नए जैसा चमकेगा और प्राकृतिक रूप से नॉन-स्टिक बना रहेगा।
लोहे के तवे को धोने के तुरंत बाद गैस पर सुखाकर लगाएं 2 बूंद सरसों का तेल
लोहे के तवे पर जंग लगने का एकमात्र वैज्ञानिक कारण है नमी (Water) और हवा में मौजूद ऑक्सीजन का संपर्क। जब भी आप तवे को साबुन या डिशवॉश से धोते हैं, तो उसे केवल कपड़े से पोंछकर रख देने से उसके बारीक छिद्रों (Pores) में पानी की नमी बची रह जाती है, जिससे कुछ ही देर में ऑक्सीडेशन होकर जंग लग जाती है।
तवे को जंग से बचाने और हमेशा चमकदार रखने का सबसे अचूक उपाय है धोने के तुरंत बाद उसे गैस पर चढ़ाना। तवे को धोने के बाद गैस की तेज आंच पर 30 सेकंड के लिए रख दें ताकि सारा पानी पूरी तरह भाप बनकर उड़ जाए। जब तवा हल्का गर्म और पूरी तरह सूखा हो, तब गैस बंद करें और उस पर मात्र 2 से 3 बूंद शुद्ध सरसों का तेल (या कोई भी कुकिंग ऑयल) टपकाएं। अब एक साफ कॉटन के कपड़े या टिशू पेपर की मदद से उस तेल को पूरे तवे पर अच्छी तरह फैलाकर एक पतली सुरक्षात्मक परत (Protective Layer) बना दें। यह तेल हवा की नमी को लोहे के संपर्क में आने से रोकता है, जिससे तवे पर सालों-साल कभी जंग नहीं लगती।
क्यों जरूरी है लोहे के बर्तन की 'सीजनिंग'? जानें इसके बड़े फायदे
धोने के बाद तेल लगाने की इस प्रक्रिया को किचन साइंस में 'सीजनिंग' (Seasoning) कहा जाता है। जब गर्म लोहे पर तेल की पतली परत लगाई जाती है, तो तेल के फैट मॉलिक्यूल्स लोहे के छिद्रों में समाकर एक चिकनी और प्राकृतिक नॉन-स्टिक कोटिंग तैयार कर देते हैं। लगातार सीजनिंग करने से आपका साधारण लोहे का तवा बाजार के महंगे नॉन-स्टिक पैन से भी बेहतर काम करने लगता है। इसके बाद जब भी आप इस पर डोसा, चीला, परांठा या रोटी बनाएंगे, तो वह तवे की सतह पर बिल्कुल नहीं चिपकेगी और कम से कम तेल-घी में ही आसानी से पलट जाएगी।
तवे पर जमी जिद्दी कालिख और मैल छुड़ाने के लिए अपनाएं बेकिंग सोडा और नमक का नुस्खा
यदि आपका तवा पहले से ही बहुत ज्यादा काला पड़ चुका है और उस पर तेल की जली हुई मोटी पपड़ी जम गई है, तो उसे साफ करने के लिए एक आसान घरेलू पेस्ट का इस्तेमाल करें। तवे को हल्का गर्म करें और उस पर एक चम्मच बेकिंग सोडा, एक चम्मच मोटा नमक और दो चम्मच सफेद सिरका या नींबू का रस डालें। यह मिश्रण तुरंत झाग छोड़ने लगेगा। अब एक स्टील के जूने (Steel Scrubber) से 2 मिनट तक हल्के हाथों से गोलाई में रगड़ें। बेकिंग सोडा और नींबू का साइट्रिक एसिड जली हुई चिकनाई को तुरंत ढीला कर देगा। इसके बाद तवे को सामान्य पानी से धो लें और फिर ऊपर बताई गई 'तेल वाली सुखाने की ट्रिक' को तुरंत अपनाएं।
लोहे के तवे को कभी भी रात भर सिंक में जूठे बर्तनों और पानी के बीच डूबा हुआ न छोड़ें, क्योंकि पानी में देर तक रहने से लोहा कमजोर होता है और जंग अंदर तक धंस जाती है। खाना बनने के बाद तवे को हमेशा तुरंत धोएं, सुखाएं और तेल की हल्की मालिश करके टांग दें।