योगी आदित्यनाथ: लखनऊ हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने बीच में छोड़ा अलीगढ़ दौरा

योगी आदित्यनाथ: लखनऊ हादसे की सूचना मिलते ही सीएम योगी ने बीच में छोड़ा अलीगढ़ दौरा

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में सोमवार को हुए एक बेहद दर्दनाक हादसे ने पूरे सूबे को झकझोर कर रख दिया है. लखनऊ के अलीगंज (पुरनिया) स्थित एक कोचिंग सेंटर में लगी भीषण आग और उसमें छात्रों की मौत की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में ही समेट दिया और तत्काल लखनऊ वापसी का फैसला किया. निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मुख्यमंत्री को सोमवार रात अलीगढ़ में ही रुकना था और मंगलवार को उनका हाथरस दौरा प्रस्तावित था, लेकिन इस त्रासदी को देखते हुए उन्होंने अपने सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए.

समीक्षा बैठक को किया संक्षिप्त, केवल 12 मिनट बोले सीएम

मुख्यमंत्री सोमवार शाम अलीगढ़ में प्रशासनिक अधिकारियों के साथ जिले के विकास कार्यों की अहम समीक्षा बैठक कर रहे थे. इसी बीच उन्हें लखनऊ कोचिंग अग्निकांड की दुखद सूचना मिली. खबर मिलते ही उन्होंने बैठक को तुरंत संक्षिप्त (छोटा) किया और सीधे जनसभा स्थल की ओर रुख किया.

वहां मौजूद जनता को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बेहद संक्षिप्त भाषण दिया, जो मात्र 12 मिनट 46 सेकंड का रहा. उन्होंने मंच से जनता को बताया कि लखनऊ में एक बेहद हृदयविदारक घटना घटी है, जिसके कारण उन्हें अपना दौरा बीच में ही छोड़कर तुरंत राजधानी वापस लौटना पड़ रहा है.

"दोषी बख्शे नहीं जाएंगे, SIT करेगी जांच"

अपने संक्षिप्त संबोधन में मुख्यमंत्री ने लखनऊ हादसे पर गहरा दुख प्रकट करते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में सरकार पीड़ित परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है. उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि इस लापरवाही और हादसे के पीछे जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा. मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को कड़े निर्देश दे दिए गए हैं. (बता दें कि सीएम ने इसके बाद हादसे की जांच के लिए एसआईटी का भी गठन किया है).

लखनऊ कोचिंग अग्निकांड की भयावह त्रासदी

सोमवार को लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र के पुरनिया में स्थित एक कोचिंग सेंटर में अचानक शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से भीषण आग लग गई. देखते ही देखते पूरी बहुमंजिला इमारत में जहरीला धुआं भर गया, जिससे अंदर पढ़ रहे छात्रों में भगदड़ मच गई. अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों ने खिड़कियों से और ऊंचाई से नीचे छलांग लगा दी, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए.

इस रूह कपां देने वाली त्रासदी में 15 छात्रों की जिंदा जलने और दम घुटने से मौत हो गई है. मौके पर उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, डीएम और दमकल की भारी टीमें मौजूद रहीं. राहत बचाव कार्य के दौरान बगल के घर की छत से कोचिंग की दीवार को काटकर छात्रों को बाहर निकाला गया और घायलों को इलाज के लिए केजीएमयू के ट्रॉमा सेंटर भेजा गया.

अलीगढ़ को दी 462 करोड़ रुपये की सौगात

अपने संक्षिप्त भाषण में मुख्यमंत्री ने लखनऊ हादसे पर दुख जताने के साथ-साथ अलीगढ़ के विकास को लेकर भी कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:

  • 85 विकास परियोजनाएं: सीएम योगी ने अलीगढ़ को ₹462 करोड़ से अधिक की लागत वाली 85 विकास परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी.

  • औद्योगिक प्रगति: अलीगढ़ के पारंपरिक ताला और हार्डवेयर उद्योग की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि अब 'डिफेंस कॉरिडोर' के माध्यम से अलीगढ़ देश की सैन्य और रक्षा जरूरतों को पूरा करने में वैश्विक पटल पर चमकेगा.

  • इंफ्रास्ट्रक्चर: उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष जिले के लिए ₹2,800 करोड़ की योजनाएं स्वीकृत की गई थीं, जिसके तहत सिक्स-लेन हाईवे, रिंग रोड, फ्लाईओवर, अस्पताल और पॉलिटेक्निक निर्माण का काम युद्धस्तर पर जारी है.

भाषण समाप्त करते ही मुख्यमंत्री का काफिला सीधे एयरपोर्ट के लिए रवाना हो गया, जहाँ से वे लखनऊ के हालात का जायजा लेने के लिए उड़ गए.

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