आज से 2 दिन ये 4 राशियां रहें बेहद सतर्क: कन्या राशि में पहुंचे चंद्रमा मचाएंगे हलचल
ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा को मन, भावना, माता और मानसिक शांति का मुख्य कारक ग्रह माना गया है। नवग्रहों में चंद्रमा सबसे तीव्र गति से भ्रमण करने वाले ग्रह हैं, जो लगभग सवा दो दिन यानी लगभग 54 घंटे में एक राशि से दूसरी राशि में प्रवेश कर जाते हैं। चंद्रमा का यह तीव्र गोचर सीधे तौर पर हमारे मूड, निर्णय लेने की क्षमता, पारिवारिक माहौल और वित्तीय स्थिति को प्रभावित करता है। आज चंद्रमा का गोचर बुध की राशि कन्या में हो चुका है। कन्या राशि एक व्यावहारिक, विश्लेषणात्मक और पृथ्वी तत्व की राशि है। चंद्रमा जब कन्या राशि में संचरण करते हैं, तो व्यक्ति का दिमाग अत्यधिक बारीक चीजों और कमियों को ढूंढने में लग जाता है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, आने वाले दो दिन यानी अगले 48 घंटे 4 चुनिंदा राशियों के लिए मानसिक तनाव, वाद-विवाद और आर्थिक उतार-चढ़ाव लेकर आ सकते हैं। इन राशि वालों को छोटी-छोटी बातों पर उत्तेजित होने से बचना होगा और बेहद संभलकर कदम उठाने होंगे।
1. मेष राशि: छठे भाव में चंद्रमा बढ़ाएंगे मानसिक उलझन और शत्रु बाधा
मेष राशि के जातकों के लिए कन्या राशि का चंद्रमा कुंडली के छठे भाव यानी रोग, ऋण और शत्रु के भाव में गोचर कर रहा है। यह समय आपके स्वास्थ्य और कार्यक्षेत्र के लिहाज से थोड़ा संवेदनशील रहने वाला है।
अगले 48 घंटों के दौरान आपको अपने पेट, पाचन तंत्र और मौसमी बीमारियों को लेकर सतर्क रहना चाहिए। ऑफिस या व्यापार में अपने गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें; कोई सहकर्मी आपकी किसी पुरानी गलती को तूल देने की कोशिश कर सकता है। किसी भी दस्तावेज पर बिना पूरी तरह पढ़े हस्ताक्षर न करें और इस दौरान किसी को भी उधार पैसा देने से बचें, क्योंकि वह धन लंबे समय के लिए अटक सकता है। वाद-विवाद की स्थिति में अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें और प्रतिक्रिया देने में जल्दबाजी न दिखाएं।
2. सिंह राशि: वाणी और धन के दूसरे भाव में गोचर, हो सकता है बड़ा नुकसान
सिंह राशि वालों के लिए चंद्रमा का यह संचरण दूसरे भाव यानी वाणी और कुटुंब के घर में हो रहा है। कन्या राशि में बैठकर चंद्रमा आपकी बोली को अत्यधिक तार्किक और कभी-कभी दूसरों के लिए चुभने वाला बना सकते हैं।
परिवार के सदस्यों या जीवनसाथी के साथ बातचीत करते समय शब्दों का चयन बहुत सोच-समझकर करें। आपकी एक तीखी बात घर में बेवजह क्लेश का कारण बन सकती है। इसके अलावा, पैसों के लेन-देन को लेकर भी यह समय जोखिम भरा है। शेयर बाजार, सट्टा या किसी जोखिम भरे निवेश में पैसा लगाने से बिल्कुल बचें। फिजूलखर्ची पर लगाम लगाएं और ऑनलाइन शॉपिंग करते समय बजट का ध्यान रखें। मानसिक शांति के लिए योग और ध्यान का सहारा लेना आपके लिए हितकर रहेगा।
3. धनु राशि: कर्म भाव में चंद्रमा लाएंगे काम का दबाव और अनचाही चुनौतियां
धनु राशि के जातकों के लिए चंद्रमा दसवें भाव यानी करियर और पिता के भाव में गोचर कर रहा है। दसवें भाव में कन्या का चंद्रमा कार्यक्षेत्र में अचानक काम का भारी बोझ और मानसिक दबाव बढ़ा सकता है।
ऑफिस में सीनियर्स या बॉस के साथ किसी मुद्दे पर वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में बहस करने के बजाय काम पर ध्यान केंद्रित रखना ही समझदारी होगी। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम में अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी क्योंकि छोटी सी चूक भी आपके परफॉर्मेंस पर सवाल खड़े कर सकती है। व्यापारियों को नए सौदों या साझेदारियों पर हस्ताक्षर करते समय सभी कानूनी पहलुओं की पड़ताल कर लेनी चाहिए। पिता के स्वास्थ्य को लेकर भी थोड़ी चिंता रह सकती है, इसलिए उनका ख्याल रखें।
4. मीन राशि: सातवें भाव में चंद्रमा दांपत्य और पार्टनरशिप में लाएंगे खिंचाव
मीन राशि के जातकों के लिए चंद्रमा सातवें भाव यानी दांपत्य जीवन और साझेदारी के भाव में प्रवेश कर रहे हैं। मीन एक जल तत्व की राशि है और कन्या पृथ्वी तत्व की, इसलिए यह गोचर भावनाओं और व्यावहारिकता के बीच टकराव पैदा कर सकता है।
विवाहित जातकों को जीवनसाथी की छोटी-छोटी बातों को नजरअंदाज करने की सलाह दी जाती है। पुरानी बातों को कुरेदने से बचें, अन्यथा घर का माहौल तनावपूर्ण हो सकता है। यदि आप किसी के साथ पार्टनरशिप में व्यापार कर रहे हैं, तो पैसों के हिसाब-किताब में पूरी पारदर्शिता रखें। किसी तीसरे व्यक्ति के बहकावे में आकर अपने बिजनेस पार्टनर पर संदेह न करें। इस दौरान लंबी दूरी की यात्राएं टालना बेहतर रहेगा, क्योंकि यात्रा से थकान और अनावश्यक खर्च बढ़ने की संभावना है।
चंद्रमा के नकारात्मक प्रभाव से बचने के 3 सरल ज्योतिषीय उपाय
यदि आपको अगले दो दिनों के दौरान बेचैनी, अनिद्रा या अत्यधिक घबराहट महसूस हो, तो चंद्रमा के शुभ प्रभाव को बढ़ाने के लिए कुछ साधारण उपाय अपनाएं:
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शिवलिंग पर कच्चा दूध और जल अर्पित करें: चंद्रमा भगवान शिव के मस्तक पर सुशोभित हैं। सुबह स्नान के बाद तांबे या चांदी के लोटे से शिवलिंग पर थोड़ा कच्चा दूध मिलाकर जल चढ़ाएं और 'ॐ नमः शिवाय' का 108 बार जप करें।
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माता का आशीर्वाद लें और चांदी का प्रयोग करें: घर से निकलते समय अपनी माता या उम्रदराज महिलाओं के चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लें। अपने पास एक सफेद रुमाल रखें या गले में चांदी की चेन पहनें।
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चंद्र मंत्र का मानसिक जप: रात को सोने से पहले एकांत में बैठकर 'ॐ सों सोमाय नमः' या 'ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चंद्रमसे नमः' मंत्र का 11 बार स्मरण करें। यह आपके मन को शांत रखेगा और नकारात्मक विचारों से मुक्ति दिलाएगा।