स्मृति मंधाना ने रचा इतिहास, मिताली राज का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर बनीं महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली दुनिया की नंबर-1 बल्लेबाज
विश्व क्रिकेट के इतिहास में 3 सितंबर 2026 की तारीख भारतीय खेल जगत के स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गई है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार उपकप्तान और आधुनिक युग की सबसे विस्फोटक सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वह मुकाम हासिल कर लिया है, जिसका सपना दुनिया की हर महिला क्रिकेटर देखती है। महिला एशिया कप 2026 के ग्रुप मुकाबले में हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ खेलते हुए स्मृति मंधाना ने बल्ले से ऐसा प्रचंड प्रहार किया कि रिकॉर्ड बुक के पुराने पन्ने बिखर गए। अपनी 303वीं अंतरराष्ट्रीय पारी में उन्होंने भारत की महान पूर्व कप्तान मिताली राज के 10,868 अंतरराष्ट्रीय रनों के सर्वकालिक विश्व रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया और विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट के तीनों प्रारूपों (टेस्ट, वनडे और टी20आई) को मिलाकर दुनिया में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली महारानी बन गईं। बाएं हाथ की इस जादुई बल्लेबाज ने न केवल रनों का एवरेस्ट छुआ, बल्कि उसी पारी में ऑस्ट्रेलिया की पूर्व दिग्गज कप्तान मेग लैनिंग के 17 अंतरराष्ट्रीय शतकों के विश्व रिकॉर्ड को तोड़ते हुए अपना 18वां शतक भी जड़ दिया।
हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ ऐतिहासिक आंधी: 64 गेंदों में 124 रन और टूट गया 10,868 रनों का तिलिस्म
एशिया कप के इस मुकाबले में जैसे ही भारतीय टीम पहले बल्लेबाजी करने उतरी, स्मृति मंधाना के इरादे बिल्कुल साफ नजर आ रहे थे। क्रीज पर आते ही उन्होंने मैदान के चारों तरफ आकर्षक और ताकतवर शॉट्स की झड़ी लगा दी। हॉन्गकॉन्ग के गेंदबाजों की लाइन और लेंथ को पूरी तरह ध्वस्त करते हुए मंधाना ने महज 64 गेंदों पर 124 रनों की अविश्वसनीय पारी खेली, जिसमें 14 दर्शनीय चौके और 7 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनकी इस आक्रामक पारी के दम पर भारत ने 20 ओवरों में 5 विकेट खोकर 193 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया।
इस पारी के दौरान जब मंधाना ने अपने व्यक्तिगत स्कोर का 113वां रन पूरा किया, तो पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर तालियों की गड़गड़ाहट के साथ इस ऐतिहासिक पल का स्वागत किया। इसी रन के साथ उन्होंने मिताली राज के 10,868 रनों के आंकड़े को पार कर लिया और 10,880 रनों के जादुई आंकड़े पर पहुंच गईं। तीन दिन पहले थाईलैंड के खिलाफ खेले गए मैच में 19 रन बनाकर वे न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (10,740 रन) को पछाड़कर दुनिया की दूसरी सबसे सफल बल्लेबाज बनी थीं। किसी ने यह उम्मीद नहीं की थी कि अगले ही मुकाबले में मंधाना इतनी जल्दी 113 रनों के बड़े फासले को एक ही झटके में मिटाकर दुनिया के शिखर पर विराजमान हो जाएंगी।
18वां इंटरनेशनल शतक और मेग लैनिंग को पछाड़ा: महिला क्रिकेट की नई 'शतक क्वीन'
स्मृति मंधाना की इस 124 रनों की ऐतिहासिक पारी ने उन्हें केवल सबसे ज्यादा रनों का ताज ही नहीं पहनाया, बल्कि महिला क्रिकेट के शतकों के साम्राज्य पर भी उनका एकाधिकार स्थापित कर दिया। यह उनके अंतरराष्ट्रीय करियर का कुल 18वां शतक था (वनडे में 14, टेस्ट में 2 और टी20आई में 2 शतक)। इसके साथ ही उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की विश्व विजेता कप्तान मेग लैनिंग के 17 शतकों के विश्व रिकॉर्ड को हमेशा के लिए तोड़ दिया।
अब महिला क्रिकेट में सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय शतक लगाने वाले बल्लेबाजों की सूची में स्मृति मंधाना 18 शतकों के साथ अकेले टॉप पर हैं। उनके पीछे मेग लैनिंग (17 शतक), दक्षिण अफ्रीका की लॉरा वोल्वार्ड्ट (17 शतक), वेस्टइंडीज की हेले मैथ्यूज (15 शतक), न्यूजीलैंड की सूजी बेट्स (14 शतक) और इंग्लैंड की टैमी ब्यूमोंट (14 शतक) मौजूद हैं। मंधाना का यह दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय शतक था और वे भारत की पहली ऐसी महिला क्रिकेटर बन गई हैं जिन्होंने टी20आई प्रारूप में एक से अधिक शतक बनाने का कारनामा किया है।
विमेंस इंटरनेशनल क्रिकेट के 5 सबसे बड़े रनवीर: मंधाना के आगे झुकी दुनिया
दशकों तक महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों का दबदबा रहा था, जिसे बाद में भारत की मिताली राज ने अपनी तकनीकी मजबूती से तोड़ा था। अब स्मृति मंधाना ने उस ताज को भारत के पास ही बरकरार रखते हुए इतिहास रच दिया है।
महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (टेस्ट, वनडे और टी20आई संयुक्त) में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले शीर्ष पांच दिग्गज खिलाड़ी इस प्रकार हैं:
-
स्मृति मंधाना (भारत): 10,880 रन
-
मिताली राज (भारत): 10,868 रन
-
सूजी बेट्स (न्यूजीलैंड): 10,740 रन
-
शार्लेट एडवर्ड्स (इंग्लैंड): 10,273 रन
-
स्टेफनी टेलर (वेस्टइंडीज): 10,007 रन
इस सूची में मंधाना की मौजूदगी इसलिए भी सबसे खास है क्योंकि बाकी चार बल्लेबाजों ने अपना अधिकांश करियर तब खेला था जब वनडे और टेस्ट प्रारूप प्रमुख हुआ करते थे। मंधाना ने यह मुकाम टी20आई के दौर में हासिल किया है, जहां कम गेंदों में रन बनाने का दबाव सबसे अधिक होता है। इसके अलावा मंधाना ने अपने करियर का 93वां 50 से अधिक का स्कोर (50-plus score) दर्ज किया और इस मामले में भी उन्होंने मिताली राज के विश्व रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है।
एशिया कप का सबसे बड़ा स्कोर और टी20I के टूटे रिकॉर्ड्स
हॉन्गकॉन्ग के खिलाफ स्मृति मंधाना द्वारा बनाए गए 124 रन केवल एक सामान्य शतकीय पारी नहीं थी, बल्कि यह महिला एशिया कप के पूरे इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बन गया है। इससे पहले यह रिकॉर्ड श्रीलंका की दिग्गज कप्तान चमारी अटापट्टू के नाम दर्ज था, जिन्होंने दांबुला में 2024 के एशिया कप के दौरान मलेशिया के खिलाफ नाबाद 119 रन बनाए थे। मंधाना ने 124 रन ठोककर चमारी के उस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया।
इसके साथ ही यह पारी किसी भी भारतीय महिला बल्लेबाज द्वारा टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाया गया अब तक का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर (Highest Individual Score by an Indian in WT20Is) भी बन गई है। मंधाना टी20 अंतरराष्ट्रीय में अब तक 37 बार 50 से अधिक का स्कोर बना चुकी हैं, जो अपने आप में एक वर्ल्ड रिकॉर्ड है। इस मामले में दूसरे स्थान पर ऑस्ट्रेलिया की विस्फोटक ओपनर बेथ मूनी हैं, जिनके नाम 33 पचास-प्लस स्कोर दर्ज हैं।
10,000 रन की सबसे तेज रफ्तार से तीनों फॉर्मेट में शतक: मंधाना के बेमिसाल करियर का सफर
महाराष्ट्र के सांगली से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की पिच पर राज करने वाली स्मृति मंधाना का करियर असाधारण उपलब्धियों से भरा रहा है। वे महिला क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेजी से 10,000 अंतरराष्ट्रीय रन पूरे करने वाली दुनिया की सबसे तेज बल्लेबाज हैं। उन्होंने यह अभूतपूर्व मील का पत्थर महज 280 अंतरराष्ट्रीय पारियों में छू लिया था।
मंधाना भारत की एकमात्र ऐसी महिला क्रिकेटर हैं जिन्होंने खेल के तीनों प्रारूपों—टेस्ट, वनडे और टी20आई—में शतक जड़ने का गौरव हासिल किया है। टेस्ट क्रिकेट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ की तेज और उछाल भरी पिच पर डे-नाइट पिंक-बॉल टेस्ट में लगाया गया उनका शतक और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चेन्नई में जड़ा गया टेस्ट शतक भारतीय क्रिकेट की ऐतिहासिक धरोहर हैं। वनडे में 14 शतक लगाने वाली मंधाना ने 2025 के आईसीसी महिला क्रिकेट विश्व कप के एक ही संस्करण में किसी भारतीय द्वारा सर्वाधिक रन बनाने का मिताली राज का रिकॉर्ड भी तोड़ा था। उनका कवर ड्राइव और पुल शॉट क्रिकेट पंडितों की नजर में तकनीकी रूप से दुनिया के किसी भी पुरुष या महिला बल्लेबाज से कमतर नहीं आंका जाता।
मिताली से स्मृति तक मशाल का ट्रांसफर: महिला क्रिकेट में भारतीय प्रभुत्व का नया युग
यह ऐतिहासिक उपलब्धि केवल एक व्यक्तिगत मील का पत्थर नहीं है, बल्कि यह भारतीय महिला क्रिकेट के उस स्वर्णिम विकास की गवाही देती है जिसका बीजारोपण शांता रंगास्वामी, डायना एडुल्जी और मिताली राज जैसी pioneers ने किया था। मिताली राज ने उस दौर में भारतीय क्रिकेट की नींव रखी थी जब महिला खिलाड़ियों को बुनियादी सुविधाएं, नियमित मैच और मैच फीस तक नसीब नहीं होती थी। 23 वर्षों तक भारतीय तिरंगे का मान बढ़ाते हुए मिताली ने 10,868 रनों का जो विशाल पर्वत खड़ा किया था, उसे पार करना किसी समय असंभव माना जाता था।
आज जब स्मृति मंधाना ने उस रिकॉर्ड को तोड़ा है, तो यह उस मशाल का सहज ट्रांसफर है जो एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी के सबसे योग्य हाथों में पहुंची है। बीसीसीआई द्वारा पुरुष और महिला क्रिकेटरों के लिए समान मैच फीस (Equal Match Fee) लागू करने, महिला प्रीमियर लीग (WPL) की अपार व्यावसायिक सफलता और नियमित अंतरराष्ट्रीय दौरों ने महिला क्रिकेट को नई ऊंचाई दी है। स्मृति मंधाना महज 30 वर्ष की उम्र में इस मुकाम पर पहुंची हैं, जिसका अर्थ है कि उनके पास अभी अपने करियर के कई स्वर्णिम वर्ष बाकी हैं। यह तय माना जा रहा है कि मंधाना आने वाले वर्षों में अंतरराष्ट्रीय रनों और शतकों के ऐसे नए कीर्तिमान स्थापित करेंगी जिन्हें भविष्य में किसी भी विदेशी या भारतीय बल्लेबाज के लिए छू पाना नामुमकिन जैसा होगा।