सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर गरजा बुलडोजर, 50% से अधिक ढांचा ध्वस्त

सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद पर गरजा बुलडोजर, 50% से अधिक ढांचा ध्वस्त

उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से अतिक्रमण और सरकारी भूमि पर अवैध निर्माण के खिलाफ बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की खबर सामने आई है। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर की सीमा के भीतर स्थित एक मस्जिद और उससे जुड़े ढांचे पर प्रशासन का बुलडोजर चला है। नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD) और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की यह कार्रवाई शुरू की, जिसमें इमारत का 50 फीसदी से अधिक हिस्सा जमींदोज कर दिया गया है।

प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, कलेक्ट्रेट और कचहरी परिसर के विस्तारीकरण, सुरक्षा व्यवस्था और सरकारी जमीन से अवैध कब्जों को हटाने के लिए यह कदम उठाया गया है। सुबह तड़के शुरू हुई इस अचानक कार्रवाई से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पूरे कलेक्ट्रेट क्षेत्र और आसपास के मुख्य मार्गों को बैरिकेडिंग लगाकर छावनी में तब्दील कर दिया गया है।

नोटिस के बाद हुई कार्रवाई: सरकारी जमीन पर अवैध विस्तार का आरोप

जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, कलेक्ट्रेट परिसर की भूमि पर बने इस ढांचे को लेकर काफी समय से विवाद चल रहा था।

  • अवैध विस्तार का दावा: प्रशासन का कहना है कि मूल अनुमति से कहीं अधिक क्षेत्रफल पर कंक्रीट की पक्की इमारत खड़ी कर ली गई थी, जिससे कलेक्ट्रेट में आने वाले फरियादियों के रास्ते, पार्किंग और प्रशासनिक कार्यालयों के सुरक्षा घेरे में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

  • समय सीमा खत्म होने के बाद एक्शन: अधिकारियों का दावा है कि संबंधित प्रबंधकों और मुतवल्लियों को पूर्व में विधिक नोटिस जारी कर स्वयं अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए गए थे। जब तय समय सीमा के भीतर अवैध निर्माण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम और प्रशासनिक टीम ने शनिवार तड़के भारी पोकलेन और जेसीबी मशीनों के साथ मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण शुरू कराया।

छावनी में तब्दील हुआ कलेक्ट्रेट परिसर: पीएसी और भारी पुलिस बल की तैनाती

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान किसी भी प्रकार के विरोध, हंगामे या कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने से रोकने के लिए सहारनपुर पुलिस प्रशासन ने कड़े सुरक्षा प्रबंध किए हैं:

  • मल्टी-लेयर सुरक्षा घेरा: कलेक्ट्रेट के सभी प्रवेश द्वारों को सील कर दिया गया है और आम नागरिकों व अनाधिकृत वाहनों की आवाजाही पर अस्थायी रोक लगा दी गई है।

  • पीएसी और रैपिड एक्शन टीम मुस्तैद: मौके पर प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (PAC) की कई कंपनियां, कई थानों की पुलिस और दंगा नियंत्रण वाहनों (वज्र) को तैनात किया गया है।

  • ड्रोन कैमरों से निगरानी: संवेदनशील इलाकों और आसपास की छतों पर नजर रखने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया जा रहा है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या असामाजिक तत्वों की गतिविधि पर तुरंत काबू पाया जा सके।

स्थानीय स्तर पर तनाव और मुस्लिम पक्ष की प्रतिक्रिया

बुलडोजर कार्रवाई की खबर फैलते ही स्थानीय मुस्लिम समुदाय के लोग और धर्मगुरु कलेक्ट्रेट के नजदीक जमा होने लगे, जिन्हें पुलिस ने बैरिकेड्स पर ही रोक दिया। मुस्लिम पक्ष का आरोप है कि यह ढांचा काफी पुराना था और इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर उचित सुनवाई या अदालत में अपील का पर्याप्त समय नहीं दिया गया। उन्होंने अचानक हुई इस कार्रवाई पर नाराजगी जताते हुए इसे एकतरफा बताया है।

वहीं, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिलाधिकारी (DM) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सहित जिले के आला अधिकारी लगातार मौके पर गश्त कर रहे हैं और दोनों पक्षों के प्रमुख लोगों से संवाद बनाए हुए हैं ताकि शांति-व्यवस्था बनी रहे।

शांति बनाए रखने की अपील: सोशल मीडिया पर साइबर सेल की पैनी नजर

सहारनपुर पुलिस प्रशासन ने आम जनता से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की भ्रामक खबर या अफवाह पर ध्यान न देने की अपील की है। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि यदि किसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स (फेसबुक, व्हाट्सएप, एक्स) पर माहौल बिगाड़ने या भड़काऊ पोस्ट डालने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ आईटी एक्ट और सख्त कानूनी धाराओं के तहत गैर-जमानती कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल कलेक्ट्रेट परिसर में मलबे को हटाने का काम नगर निगम के ट्रकों द्वारा जारी है और संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रखा गया है।

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