'मेरे बेटे के कातिलों का एनकाउंटर करो': अंकित बालियान की मां ने रोते हुए लगाई थी गुहार

'मेरे बेटे के कातिलों का एनकाउंटर करो': अंकित बालियान की मां ने रोते हुए लगाई थी गुहार

उत्तर प्रदेश के शामली में हरियाणवी सिंगर और कलाकार अंकित बालियान की दिनदहाड़े गोलियों से भूनकर की गई नृशंस हत्या ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया था। 26 अगस्त को जब जिम के बाहर बेखौफ शूटरों ने अंकित पर अंधाधुंध गोलियां बरसाकर उनकी जान ले ली थी, तब अपने जवान बेटे के शव को देखकर मां का कलेजा फट पड़ा था। रोती-बिलखती मां ने पुलिस और प्रशासन के सामने हाथ जोड़कर केवल एक ही मांग की थी—"जिस तरह मेरे बेकसूर बेटे को तड़पा-तड़पाकर मारा गया है, पुलिस उन हत्यारों का एनकाउंटर करे।"

मां का यह दर्द और चीख केवल आंसुओं में नहीं बही, बल्कि उत्तर प्रदेश पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (UP STF) ने इसे एक चुनौती के रूप में स्वीकार किया। वारदात के महज पांचवें दिन यूपी एसटीएफ और शामली पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ (Encounter) में हत्याकांड को अंजाम देने वाले 50-50 हजार रुपये के दोनों इनामी शार्प शूटरों—मोहित और सुमित को मार गिराया। दोनों शूटर हरियाणा के रहने वाले थे और दिल्ली-एनसीआर के कुख्यात जितेंद्र मान उर्फ गोगी गैंग के लिए सुपारी किलिंग का काम करते थे।

मां का कलेजा फटा था: 'जैसे मेरे बेटे को तड़पाकर मारा, वैसे ही करो खात्मा'—रोते हुए की थी एनकाउंटर की मांग

अंकित बालियान अपने परिवार का सहारा और उभरते हुए हरियाणवी कलाकार थे। 26 अगस्त की सुबह जब वे वर्कआउट के बाद जिम से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी की डिक्की में बैग रख रहे थे, तभी घात लगाए बैठे शूटरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दी थीं।

अस्पताल में जब अंकित का शव पहुंचा, तो उनकी मां की हालत देखकर वहां मौजूद हर शख्स की आंखें नम हो गईं। बदहवास मां बार-बार पुलिस अधिकारियों से एक ही गुहार लगा रही थीं कि उनके बेटे का किसी से कोई बैर नहीं था, वह सिर्फ अपने गानों और कला के जरिए परिवार का नाम रोशन कर रहा था। मां ने खुले तौर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीरो-टॉलरेंस नीति पर भरोसा जताते हुए कहा था कि अपराधियों को जेल भेजने के बजाय उनका एनकाउंटर होना चाहिए ताकि किसी और मां की गोद इस तरह न उजड़े।

5 दिन के भीतर खाकी का पलटवार: एसटीएफ ने मुठभेड़ में ढेर किए 50-50 हजार के दो इनामी शूटर

घटना के तुरंत बाद यूपी शासन के निर्देश पर एसटीएफ और पुलिस की आधा दर्जन टीमों को शूटरों के पीछे लगा दिया गया था। पुलिस टीमों ने सैकड़ों सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डंप डेटा और मुखबिर तंत्र के जरिए कड़ियों को जोड़ना शुरू किया।

  • हरियाणा के शूटरों की पहचान: तकनीकी सर्विलांस और ह्यूमन इंटेलिजेंस के जरिए पुलिस ने वारदात में शामिल दोनों मुख्य शूटरों की पहचान हरियाणा निवासी मोहित और सुमित के रूप में की। दोनों पर पुलिस मुख्यालय की ओर से 50-50 हजार रुपये का नकद इनाम घोषित किया गया था।

  • घेराबंदी और जवाबी फायरिंग: सूचना के आधार पर जब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस टीम ने शूटरों की घेराबंदी की और उन्हें आत्मसमर्पण करने को कहा, तो बदमाशों ने घिरता देख पुलिस टीम पर स्वचालित हथियारों से जानलेवा फायरिंग शुरू कर दी।

  • मुठभेड़ में मारे गए बदमाश: पुलिस द्वारा आत्मरक्षा में की गई सटीक जवाबी कार्रवाई में दोनों शार्प शूटर गोलियां लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौके से अत्याधुनिक अवैध असलहे और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

  • पुलिस टीम को 2 लाख का इनाम: इस साहसिक और त्वरित कार्रवाई पर उत्तर प्रदेश के डीजीपी राजीव कृष्ण ने एसटीएफ और शामली पुलिस की संयुक्त टीम को 2 लाख रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

55 हजार के गाने से शुरू हुआ था विवाद: गोगी गैंग के निशाने पर क्यों थे अंकित बालियान?

पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण और एडीजी (कानून-व्यवस्था) अमिताभ यश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सनसनीखेज हत्याकांड के पीछे की हैरान करने वाली वजह का खुलासा किया:

  • 5.4 करोड़ व्यूज वाला यूट्यूब गीत: पुलिस के अनुसार अंकित बालियान ने कुछ समय पहले '...भरी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान...' बोल वाला एक गाना किया था, जो यूट्यूब पर जबरदस्त हिट हुआ और उसे 5.4 करोड़ से अधिक व्यूज मिले।

  • खरीद-फरोख्त का गणित: अंकित ने इस गाने के राइट्स मूल लेखक राहुल पुड्डी से मात्र 55,000 रुपये में खरीदे थे और बाद में इसे वत्स कंपनी को 1,50,000 रुपये में बेच दिया था।

  • रोहिणी कोर्ट शूटआउट और गोगी गैंग का ईगो: वर्ष 2021 में दिल्ली की रोहिणी कोर्ट में विरोधी टिल्लू ताजपुरिया गैंग ने गैंगस्टर जितेंद्र गोगी की गोली मारकर हत्या कर दी थी। गोगी गैंग के बदमाशों ने यह मान लिया कि अंकित का यह गाना रोहिणी कोर्ट में गोगी के कत्ल का मजाक उड़ाने और गोगी गैंग को सार्वजनिक रूप से नीचा दिखाने के लिए बनाया गया है।

  • 2022-23 में मिली धमकियां और सफाई: इस गाने को लेकर 2022 और 2023 में गोगी गैंग ने अंकित को फोन पर जान से मारने की धमकियां दी थीं। अंकित ने सफाई दी थी कि वह केवल एक अभिनेता है और गीत के बोल उसके नहीं हैं। इसके बावजूद गोगी गैंग ने उन पर टिल्लू ताजपुरिया गुट से मिले होने का आरोप लगाया। अंकित ने इस खतरे की जानकारी पुलिस या परिजनों को नहीं दी थी, जिसका फायदा उठाकर गैंग ने उनकी हत्या की पटकथा लिख दी।

यूपी पुलिस की दो टूक चेतावनी: 'विदेश में बैठे आका भी नहीं बचेंगे, इंटरपोल से लाएंगे भारत'

अंकित बालियान हत्याकांड में शूटरों के एनकाउंटर के बाद भी पुलिस की जांच थमी नहीं है। डीजीपी राजीव कृष्ण ने साफ किया है कि इस वारदात की साजिश के तार बेहद गहरे हैं।

  • लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट एंगल: राष्ट्रीय स्तर पर जितेंद्र गोगी गैंग और लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट के बीच मजबूत आपराधिक गठबंधन है। पुलिस इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि इस हत्याकांड के लिए हथियार कहां से आए और फंडिंग किसने की।

  • विदेशी साजिशकर्ताओं पर शिकंजा: डीजीपी ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यूपी में आकर खून-खराबा करने वाले अपराधी किसी भ्रम में न रहें। यदि इस साजिश के मुख्य सूत्रधार विदेश में भी छिपे हैं, तो उन्हें इंटरपोल (Interpol), रेड कॉर्नर नोटिस और केंद्रीय गृह मंत्रालय के सहयोग से भारत डिपोर्ट कराकर कानून के कटघरे में खड़ा किया जाएगा।

मां और परिजनों ने ली राहत की सांस: 'आत्मा को मिली शांति, लेकिन मास्टरमाइंड भी सलाखों के पीछे जाएं'

मुठभेड़ में दोनों शूटरों के मारे जाने की खबर जैसे ही शामली स्थित अंकित बालियान के घर पहुंची, परिजनों और ग्रामीणों की आंखों में आंसुओं के साथ एक संतोष का भाव दिखाई दिया।

अंकित की मां ने हाथ जोड़कर भगवान और यूपी पुलिस का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि खाकी ने 5 दिन के भीतर अपना वादा निभाया है और उनके बेटे की आत्मा को आज शांति मिली होगी। हालांकि, परिवार ने यह मांग भी दोहराई कि जिन बड़े गैंगस्टरों और मास्टरमाइंडों ने जेल या विदेश में बैठकर इन शूटरों को सुपारी दी थी, जब तक वे सलाखों के पीछे नहीं पहुंच जाते, तब तक यह लड़ाई अधूरी है।

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