यूपी विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट अपडेट करने का पूरा शेड्यूल जारी, 4 जनवरी को आएगी फाइनल लिस्ट
उत्तर प्रदेश की सियासत में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासनिक और चुनावी तैयारियां अब पूरी तेजी से रफ्तार पकड़ने लगी हैं। भारत निर्वाचन आयोग (ECI) के निर्देश पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने प्रदेश के सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के लिए मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य प्रदेश भर की निर्वाचक नामावलियों को पूरी तरह पारदर्शी, त्रुटिरहित और अद्यतन बनाना है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि 1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष की पात्रता आयु पूरी करने वाले सभी नए युवा नागरिक मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए तय समय सीमा में आवेदन कर सकेंगे। इस कवायद से न सिर्फ लाखों नए मतदाताओं के नाम जुड़ेंगे, बल्कि फर्जी व दोहरे नामों को हटाने और पते या वर्तनी की गलतियों को ठीक करने का काम भी युद्धस्तर पर पूरा किया जाएगा।
12 नवंबर को प्रकाशित होगा ड्राफ्ट और 11 दिसंबर तक लिए जाएंगे दावे व आपत्तियां
मुख्य निर्वाचन अधिकारी द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार, पुनरीक्षण अभियान की शुरुआत से पहले प्रशासनिक स्तर पर बूथों और मतदेय स्थलों का पुनर्गठन व संभाजन 2 नवंबर 2026 तक पूरा कर लिया जाएगा। इसके ठीक बाद 12 नवंबर 2026 को एकीकृत प्रारूप मतदाता सूची (ड्राफ्ट वोटर लिस्ट) का सार्वजनिक प्रकाशन किया जाएगा। ड्राफ्ट जारी होने के साथ ही प्रदेश के आम नागरिकों और मतदाताओं को अपनी आपत्तियां और दावे दर्ज कराने का पूरा एक महीने का समय मिलेगा। आयोग ने दावे और आपत्तियां प्राप्त करने की अंतिम तारीख 11 दिसंबर 2026 निर्धारित की है। इस दौरान सभी मतदान केंद्रों पर विशेष कैंप आयोजित किए जाएंगे, जहां बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) मौजूद रहकर नागरिकों से फॉर्म स्वीकार करेंगे। 11 दिसंबर तक आने वाली सभी आपत्तियों और दावों की गहन जांच के बाद 28 दिसंबर 2026 तक उनका पूर्ण निस्तारण कर दिया जाएगा, जिसके बाद 4 जनवरी 2027 को अंतिम मतदाता सूची का औपचारिक प्रकाशन होगा।
1 जनवरी 2027 को 18 वर्ष के होने वाले युवाओं को मिलेगा बड़ा मौका
लोकतंत्र के सबसे बड़े पर्व में पहली बार भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए युवा मतदाताओं पर चुनाव आयोग का खास फोकस है। आयोग के नियमानुसार, 1 जनवरी 2027 की अर्हक तिथि के आधार पर जो भी युवा 18 वर्ष की आयु पूरी कर रहे हैं, वे मतदाता बनने के लिए पात्र होंगे। युवाओं और सामान्य नागरिकों की सुविधा के लिए फॉर्म भरने की प्रक्रिया को ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से बेहद आसान बनाया गया है। नया नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म 6, किसी प्रविष्टि को हटाने या निरस्त कराने के लिए फॉर्म 7 और मतदाता पहचान पत्र में नाम, पता, जन्मतिथि या फोटो में सुधार कराने के लिए फॉर्म 8 का उपयोग किया जाएगा। युवा नागरिक भारत निर्वाचन आयोग के 'वोटर्स सर्विस पोर्टल' (Voters' Service Portal) या 'वोटर हेल्पलाइन ऐप' (Voter Helpline App) के माध्यम से घर बैठे डिजिटल रूप से आवेदन कर सकते हैं।
स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के बाद अब SSR के जरिए सूची को किया जा रहा दुरुस्त
उत्तर प्रदेश में हाल ही में संपन्न हुए स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया के बाद अब वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SSR) का यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। प्रशासनिक स्तर पर राजनीतिक दलों के साथ बैठकें कर आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं के नाम पते बदलने, शादी के बाद विस्थापन या अन्य कारणों से पुराने स्थान पर दर्ज रह गए थे, उन्हें सही स्थान पर स्थानांतरित किया जाएगा। इसके अलावा, दिवंगत व्यक्तियों के नाम सूची से हटाकर अंतिम सूची को पूरी तरह स्वच्छ बनाया जाएगा। आयोग ने सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों से भी अपील की है कि वे प्रत्येक मतदेय स्थल पर अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) तैनात करें, ताकि कोई भी योग्य मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे और किसी भी अवांछित प्रविष्टि पर समय रहते आपत्ति दर्ज कराई जा सके।
जिलाधिकारियों को सख्त निर्देश: पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ पूरी हो प्रक्रिया
प्रदेश के सभी 75 जिलों के जिलाधिकारियों (जिला निर्वाचन अधिकारियों) को आयोग की गाइडलाइन का अक्षरशः पालन करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्वाचन विभाग ने निर्देशित किया है कि ड्राफ्ट प्रकाशन के दिन से लेकर अंतिम प्रकाशन तक तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तर पर व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाए जाएं। महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में विशेष शिविर लगाकर 18 से 19 आयु वर्ग के युवाओं के अधिकतम पंजीकरण सुनिश्चित करने को कहा गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि पुनरीक्षण कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 4 जनवरी 2027 को प्रकाशित होने वाली यह अंतिम निर्वाचक नामावली ही आगामी विधानसभा आम चुनाव का आधार बनेगी, इसलिए सभी नागरिक 12 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच अपने और अपने परिवार के नामों की पड़ताल मतदाता सूची में अवश्य कर लें।